एशियन गेम्स 2026: एक मिनट में 2 गोल्डन पंच, भारत की अंकतालिका में तीन अंक की बढ़त
भारत ने एक मिनट में दो गोल्ड जीते
एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को भारत ने एक मिनट में दो गोल्ड जीते। अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता। इससे ठीक एक मिनट पहले सुजीत कालकल ने कुश्ती में सोना जीता था।
दिन की शुरुआत भी सुनहरी रही। सुबह भारत को गोल्ड मेडल महिला रिकर्व (तीरंदाजी की एक श्रेणी) टीम ने दिलाया। इसके साथ भारत के 15 गोल्ड हो गए। Asian Games medal tally India में भारत पांचवें नंबर पर है।
अंकुश पंघाल का गोल्डन पंच
फाइनल में अंकुश का सामना साउथ कोरिया के किम मिन-सियोंग से हुआ। उन्होंने यह मुकाबला 4-0 से जीत लिया।
2018 के बाद पुरुष मुक्केबाज का पहला गोल्ड
अमित पंघाल ने 2018 में बॉक्सिंग का गोल्ड जीता था। उनके बाद अंकुश यह खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष हैं। अंकुश का यह गोल्ड भारतीय बॉक्सिंग का तीसरा गोल्ड बना। लवलीना और परवीन उनसे पहले फाइनल जीत चुकी थीं।
सुजीत कालकल की 10-9 से जीत
पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल फाइनल में सुजीत का मुकाबला कुदिएव से था। एक समय सुजीत 2-9 से पीछे थे। तब सिर्फ 1 मिनट 40 सेकंड का खेल बाकी था।
फिर शुरू हुआ पलटवार
सुजीत ने लगातार टेकडाउन (विरोधी को मैट पर गिराकर अंक लेना) किए। तीन बार उन्होंने तेजी से 2-2 अंक जुटाए और स्कोर 8-9 कर दिया। आखिरी 11 सेकंड में उन्होंने एक और टेकडाउन किया। उन्हें 2 अंक मिले और स्कोर 10-9 हो गया। आखिर 100 सेकंड में कोई मुकाबला कैसे पलटता है? सोचिए एक बार। कुदिएव 9 अंक पर ही रुक गए और सुजीत ने गोल्ड जीता।
लवलीना बोरगोहेन का जन्मदिन गोल्ड
लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन पर महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीता। यह इस बार एशियन गेम्स में भारत का पहला बॉक्सिंग गोल्ड था।
हांगझोउ के सिल्वर से गोल्ड तक
हांगझोउ में वे फाइनल हारकर सिल्वर पर रुकी थीं। लवलीना खिताब की प्रमुख दावेदारों में नहीं थीं।
सेमीफाइनल और फाइनल में उन्होंने अनुभव का शानदार इस्तेमाल किया। वे विरोधियों के हमलों से बचीं और जवाबी पंच लगाकर अंक जुटाए। असम के किसान परिवार की लवलीना टोक्यो 2020 ओलिंपिक में ब्रॉन्ज जीत चुकी हैं।
परवीन हुड्डा की गोल्ड वापसी
महिला 65 किलोग्राम फाइनल में परवीन ने चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को हराया। फैसला 3-2 के स्प्लिट डिसीजन (जजों में मत बंटना) से आया। परवीन ने पहला राउंड 5-0 से जीता। दूसरे राउंड में चेन ने वापसी की। पांचों जजों ने उन्हें 10-9 दिया और स्कोर 1-1 हो गया।
आखिरी राउंड में बराबरी का मुकाबला रहा। परवीन ने काउंटर पंच (जवाबी पंच) से अंक जुटाए और आगे रहीं।
परवीन से क्यों छिना था ब्रॉन्ज मेडल?
अब जरा पीछे चलते हैं। वाडा (WADA – World Anti-Doping Agency) ने मई 2024 में परवीन पर कार्रवाई की। वाडा के मुताबिक उन्होंने 12 महीने में तीन बार लोकेशन की जानकारी नहीं दी। यह मामला व्हेयरअबाउट्स नियम (एथलीट को अपनी लोकेशन बतानी होती है) से संबंधित है।
सस्पेंशन 22 महीने का था और उसे 14 महीने पीछे से लागू किया गया। इससे हांगझोउ एशियन गेम्स का ब्रॉन्ज मेडल और भारत का ओलिंपिक कोटा चला गया। मेडल छिनने के बाद वापसी कैसे होती है? परवीन ने रिंग में गोल्ड जीतकर जवाब दिया।
चेन ने परवीन को उठाकर दी बधाई
चेन पूर्व वर्ल्ड चैंपियन हैं और कैंसर से जंग जीतकर खेल में लौटी हैं। मुकाबले के बाद उन्होंने परवीन को उठाकर जीत की बधाई दी।
बॉक्सिंग में गोल्ड का नया रिकॉर्ड
Asian Games 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने गोल्ड का रिकॉर्ड बनाया। India boxing gold medal की संख्या 3 रही और 3 ब्रॉन्ज भी आए। कुल 6 मेडल भारत के खाते में गए। हांगझोउ में भारत को 1 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज समेत 4 मेडल मिले थे। 2010 में 2 गोल्ड समेत कुल 9 मेडल आए थे।
एशियन गेम्स मेडल टैली में भारत
बाकी खेलों में भी भारत की नजर मेडल पर है। गोल्फ में प्रणवी उर्स फाइनल राउंड से पहले टॉप पर हैं। उनका स्कोर 15 अंडर (तय पार से 15 स्ट्रोक कम) है। वे सिंगापुर की शैनन टैन से 3 स्ट्रोक आगे हैं। टीम इवेंट में भारत 11 अंडर के साथ दूसरे स्थान पर है।
तीरंदाजी में पुरुष रिकर्व टीम को साउथ कोरिया से हारकर सिल्वर मिला। सेपकटकरा की मेंस क्वाड्रेंट टीम सेमीफाइनल हारी, पर उसे ब्रॉन्ज मिला। रेसलर दीपांशी महिला 50 किलोग्राम वर्ग के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में पहुंची हैं।
- एशियन गेम्स 2026 में भारत के अब कितने गोल्ड मेडल हैं?
भारत के अब 15 गोल्ड मेडल हैं। इनमें शुक्रवार सुबह महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम का गोल्ड भी शामिल है। भारत मेडल टैली में पांचवें नंबर पर है। - अंकुश पंघाल ने फाइनल में किसे हराया?
अंकुश पंघाल ने साउथ कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराया। यह 80 किग्रा वर्ग का फाइनल था। 2018 के बाद पहली बार भारतीय पुरुष ने एशियन गेम्स में बॉक्सिंग गोल्ड जीता। - परवीन हुड्डा का एशियन गेम्स मेडल पहले क्यों छिना था?
वाडा ने उन्हें मई 2024 में 22 महीने के लिए सस्पेंड किया था। वाडा के मुताबिक उन्होंने 12 महीने में तीन बार लोकेशन की जानकारी नहीं दी। इससे उनका हांगझोउ का ब्रॉन्ज मेडल और भारत का ओलिंपिक कोटा चला गया।