एशियन पैरा गेम्स 2026: भारत ने एक दिन में जीते पांच गोल्ड, मेडल टैली में छठे स्थान पर
निषाद कुमार ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास
सोमवार को निषाद कुमार ने लंबी कूद टी47 में गोल्ड जीता था। टी47 खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति के आधार पर निर्धारित श्रेणी है। मंगलवार को निषाद कुमार ने एक बार फिर गोल्ड जीत लिया।
ऊंची कूद में 2.04 मीटर का रिकॉर्ड
निषाद कुमार मंगलवार को ऊंची कूद की स्पर्धा में उतरे। उन्होंने 2.04 मीटर की छलांग लगाई। इसके साथ ही खेलों का रिकॉर्ड टूट गया। वे दो स्पर्धाओं में गोल्ड जीतने वाले तीसरे भारतीय एथलीट बने। उन्होंने ये दोनों गोल्ड एक ही पैरा एशियाई खेलों में जीते।
पैरा एशियन गेम्स मेडल टैली का हाल
पैरा एशियन गेम्स मेडल टैली (Asian Para Games Medal Tally) में भारत छठे स्थान पर है। भारत के कुल 35 पदकों में से 20 एथलेटिक्स में आए हैं। यानी आधे से ज्यादा पदक एथलेटिक्स के खिलाड़ियों ने दिलाए हैं। पैरा एशियन गेम्स की मेडल टैली में अभी कई स्पर्धाओं के पदक जुड़ने बाकी हैं।
दीप्ति ने 56.36 सेकंड में जीता गोल्ड
दीप्ति ने महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में गोल्ड जीता। उन्होंने 56.36 सेकंड के समय के साथ खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। यह उनका लगातार दूसरा स्वर्ण पदक है। तेलंगाना की 23 वर्षीय दीप्ति पूर्व विश्व चैंपियन हैं। उन्होंने 2024 पैरालंपिक खेलों में कांस्य पदक भी जीता था।
सिमरन ने 24.80 सेकंड में तोड़ा रिकॉर्ड
दृष्टिबाधित सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में गोल्ड जीता। उन्होंने 24.80 सेकंड के समय के साथ खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा। सिमरन पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता भी हैं। खेलों में पहली बार उतरीं तेजलबेन दामोर ने कांस्य पदक जीता। उन्होंने 25.23 सेकंड में दौड़ पूरी की। यह उनका निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक का कोटा
मनीष नरवाल ने निशानेबाजी में रजत पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक का कोटा हासिल किया। कोटा मिलने का मतलब पैरालंपिक में भागीदारी के लिए स्थान सुरक्षित होना है। सृष्टि अरोड़ा ने कांस्य पदक जीता। भारतीय निशानेबाजों को 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 में दो पदक मिले। ये पदक पुरुष और महिला दोनों वर्गों में आए।
भारत की पैरा एथलेटिक्स में ताकत
भारत को एथलेटिक्स में पांच गोल्ड कैसे मिले? आइए, इन स्पर्धाओं के प्रदर्शन को भी जानते हैं। व्हीलचेयर पर निर्भर प्रणव सूरमा ने चक्का फेंक एफ51/52/53 में गोल्ड जीता। देवेंद्र कुमार ने एफ44/64 चक्का फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। भारतीय पैरा खिलाड़ियों (India Para Athletes) ने दूसरे खेलों में भी पदक जोड़े।
पावरलिफ्टिंग और तैराकी में पदक
पावरलिफ्टिंग भारी वजन उठाने का खेल है। अशोक कुमार मलिक ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। मलिक हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना के रहने वाले हैं। उनकी उम्र 37 साल है। उन्होंने 192 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ भार उठाया।
तैराकी में हिमांशु नंदाल और निरंजन मुकुंदन ने कांस्य पदक जीते। 22 वर्षीय हिमांशु जन्म से दृष्टिहीन हैं। इसकी वजह ऑप्टिक नर्व की खराबी है। ऑप्टिक नर्व आंख को दिमाग से जोड़ने वाली नस है। उन्होंने 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 में तीसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में चार तैराक शामिल थे। हिमांशु ने 5:10.91 के समय में दौड़ पूरी की। निरंजन ने 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम7 में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 2:57.01 के समय में स्पर्धा पूरी की।
स्टैंडिंग कैटेगरी में पहली बार पोडियम
टेबल टेनिस में रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे ने इतिहास रचा। वे स्टैंडिंग कैटेगरी में पोडियम तक पहुंचने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। भारत को इस प्रतियोगिता में चार कांस्य पदक मिले। पैरालंपिक पदक विजेता भाविना पटेल और सोनलबेन पटेल सेमीफाइनल में हार गईं। प्राची और सहाना भी अपने-अपने महिला एकल सेमीफाइनल में हार गईं।
तीरंदाजी में मौजूदा चैंपियन शीतल देवी फाइनल में पहुंचीं। खेलों में पहली बार उतरीं स्वाति चौधरी भी फाइनल में पहुंच गईं। इसके साथ भारत के पैरा तीरंदाजों के पांच पदक पक्के हो गए।
रिकर्व और कंपाउंड महिला युगल जोड़ियां स्वर्ण पदक मुकाबले में पहुंचीं। रिकर्व मिश्रित टीम ने थाईलैंड को हराया। वहीं कंपाउंड टीम ने जापान को हराया। दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंच गईं। बैडमिंटन में विश्व चैंपियन प्रमोद भगत और कुमार नितेश सेमीफाइनल में पहुंचे। पुरुष एकल एसएल3 में दोनों खिलाड़ियों के पदक पक्के हो गए।
FAQ
- एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के कितने पदक हो गए हैं?
दूसरे दिन के अंत तक भारत के कुल 35 पदक हो गए। इनमें 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज शामिल हैं। भारत पदक तालिका में छठे स्थान पर है।