जोरहाट एयरबेस हादसा: असम में वायुसेना का विमान क्रैश, 5 जवान शहीद
समझें क्या है पूरा मामला...
- असम में वायुसेना का विमान क्रैश, 5 जवानों की मौत।
- जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान बड़ा हादसा।
- AN-32 विमान दो हिस्सों में टूटा, आग लगी।
- स्क्वाड्रन लीडर समेत 5 जवान शहीद, एक घायल।
- छह महीने में वायुसेना का चौथा बड़ा हादसा।
असम के जोरहाट एयरबेस पर शनिवार सुबह वायुसेना का विमान क्रैश हो गया। लैंडिंग के दौरान यह विमान हादसा हुआ। विमान में आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया। हादसे में पायलट समेत 5 जवानों की जान चली गई। एक को-पायलट इस हादसे में घायल हुआ है।
हादसे का पूरा विवरण
असम के जोरहाट जिले में रौरिया इंडियन एयरबेस है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे यहां एक बड़ा हादसा हुआ। वायुसेना का ट्रांसपोर्ट विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था।
लैंडिंग के दौरान विमान में अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद विमान दो हिस्सों में टूट गया। इस हादसे में मौके पर ही 5 जवानों की मौत हो गई।
मरने वालों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह शामिल हैं। इसके अलावा फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार भी इस हादसे में शहीद हुए। सार्जेंट जितेंद्र शर्मा ने भी अपनी जान गंवाई।
अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम भी शहीद होने वालों में शामिल हैं। एक को-पायलट इस हादसे में घायल हुआ है। उसका इलाज चल रहा है।
कौन सा विमान था
यह विमान AN-32 मालवाहक विमान था। इस तरह के विमान सैनिकों और सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के काम आते हैं। इंडियन एयरफोर्स ने बताया कि यह विमान रुटीन उड़ान पर था।
हादसे की वजह अभी सामने नहीं आई है। एयरफोर्स ने लोगों से अपील की है कि शुरुआती नतीजे आने तक कोई अंदाजा न लगाएं। मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं।
AN-32 विमानों का इतिहास
AN-32 विमान 1980 से भारतीय वायुसेना का अहम हिस्सा रहे हैं। यह विमान सोवियत मूल के हैं। भारतीय वायुसेना ने शुरुआत में ऐसे 125 विमान खरीदे थे।
अब इनमें से करीब 100 विमान ही सक्रिय सेवा में हैं। यह विमान पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में भी उतर सकते हैं। गर्म मौसम और हिमालय जैसे ऊंचे इलाकों में भी इनका इस्तेमाल होता रहा है।
नए विमान खरीदने की तैयारी
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, भारतीय वायुसेना अपने पुराने AN-32 और IL-76 विमानों को बदलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए नए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA – Medium Transport Aircraft) खरीदे जाएंगे।
इन नए विमानों से सैनिकों, हथियारों और सैन्य सामान की ढुलाई आसान होगी। यह कदम वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा है।
पिछले 6 महीनों में हुए हादसे
इस साल वायुसेना के विमानों से जुड़े कई हादसे हो चुके हैं। 21 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश में एक ट्रेनी विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। दोनों पायलट सुरक्षित इजेक्ट हो गए थे।
- 7 फरवरी 2026 को HAL तेजस लड़ाकू विमान टेक-ऑफ के दौरान रनवे से बाहर चला गया था। रिपोर्टों में सॉफ्टवेयर गड़बड़ी को इसकी वजह बताया गया था।
- 5 मार्च 2026 को असम के कार्बी आंगलोंग में Su-30MKI विमान क्रैश हुआ था। इस हादसे में दोनों पायलट्स की मौत हो गई थी।
- 17 अप्रैल 2026 को पुणे एयरपोर्ट पर वायुसेना के लड़ाकू विमान की हार्ड लैंडिंग हुई थी। इससे रनवे 11 घंटे तक बंद रहा था।
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