देश में फ्लाइट्स बंद होने की कगार पर : एयरलाइंस कंपनियों पर संकट, फ्यूल महंगा होने से उड़ना मुश्किल
भारत की प्रमुख एयरलाइंस कंपनियां जैसे इंडिगो, एअर इंडिया और स्पाइसजेट इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बताया कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF prices) की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण इन कंपनियों के ऑपरेशन कॉस्ट में 20% तक वृद्धि हो गई है। इस बढ़ोतरी के कारण इन एयरलाइंस के लिए अपने ऑपरेशन को जारी रखना मुश्किल हो गया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि ये कंपनियां फ्लाइट्स बंद करने या अपने विमानों को खड़ा करने की सोच रही हैं।
ईरान युद्ध का असर
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 45.5% की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर एटीएफ की कीमतों पर पड़ा है। हालांकि, सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी को 25% तक सीमित कर दिया है। लेकिन इंटरनेशनल ऑपरेशंस के लिए यह बढ़ोतरी बहुत अधिक रही।
फ्यूल खर्च में भारी वृद्धि
FIA के अनुसार, पहले एयरलाइंस के ऑपरेशनल खर्च का 40% हिस्सा फ्यूल पर खर्च होता था, जो अब बढ़कर 60% तक पहुंच गया है। यह स्थिति एयरलाइंस के लिए वित्तीय अस्थिरता पैदा कर रही है। इसके कारण कंपनियां अपनी फ्लाइट्स की संख्या घटाने या अपनी ऑपरेशनल क्षमता कम करने पर विचार कर रही हैं।
सरकार से राहत की मांग
फेडरेशन ने सरकार से तीन मुख्य मांगें की हैं
- एटीएफ पर लागू एक्साइज ड्यूटी को सस्पेंड किया जाए।
- विभिन्न राज्यों में एविएशन फ्यूल पर वैट को घटाया जाए।
- कोविड-19 के बाद शुरू किए गए 'क्रूड ब्रेंट प्राइसिंग मैकेनिज्म' को फिर से लागू किया जाए।
अगर इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो एयरलाइंस को अपनी ऑपरेशनल क्षमता में कटौती करनी पडे़गी, जिससे यात्रियों पर सीधा असर पड़ेगा।
केंद्र सरकार का राहत पैकेज
नागर विमानन मंत्रालय ने संकट को देखते हुए कुछ राहत उपायों की शुरुआत की है। अप्रैल 2026 से 3 महीने तक घरेलू एयरलाइंस के लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25% की कमी की गई है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार एयरलाइंस कंपनियों के लिए ₹5,000 करोड़ का इमरजेंसी क्रेडिट पैकेज लाने पर विचार कर रही है। इस राहत से कंपनियों को कैश फ्लो की समस्या से राहत मिल सके।
इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए फ्यूल महंगा
इंटरनेशनल उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमत ₹73 प्रति लीटर बढ़ गई है। इस दौरान ग्लोबल मार्केट में ATF की कीमत 87.24 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 235 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। रेटिंग एजेंसी ICRA ने चेतावनी दी है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भविष्य में ATF के दाम को और बढ़ा सकती हैं।
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