चंपत राय का पद संभालने राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, 5 हजार से ज्यादा आवेदन आए
समझें क्या है पूरा मामला
- अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को अब नया CEO चाहिए।
- चढ़ावा चोरी विवाद के बाद यह फैसला लिया गया।
- महासचिव चंपत राय ने पहले ही इस्तीफा दे दिया था।
- ट्रस्ट ने सर्च कमेटी बनाकर चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- कोई भी योग्य व्यक्ति 18 जुलाई तक आवेदन कर सकते थे।
चढ़ावा चोरी के बाद बदला फैसला
राम मंदिर में दान को लेकर बड़ा विवाद हुआ था।श्रद्धालुओं केसोने-चांदी के गहनेबदले जानेके आरोपलगे। चंदा चोरी की भीशिकायत सामने आई। इसमामले कीजांच अभी SITकर रही है।इसी विवादके बादमहासचिव चंपत राय औरट्रस्टी अनिलमिश्रा ने इस्तीफादिया।ट्रस्ट ने पारदर्शिताबढ़ाने के लिएपूर्णकालिक CEOनियुक्त करने काफैसला किया।
सर्च कमेटी में कौन-कौन शामिल
6 जुलाई को हुई बैठकमें तीन सदस्यों कीसर्च कमेटी बनाईगई। इसमें रिटायर्डजस्टिस प्रमोद कोहलीशामिल हैं।रिटायर्ड लेफ्टिनेंटजनरल विष्णुकांत चतुर्वेदीभी इसका हिस्साहैं। तीसरे सदस्यसुरेश हावड़े हैं,जो एक ट्रस्टके पूर्वअध्यक्ष रह चुकेहैं। यह कमेटी एकमहीने के भीतर पूरीचयन प्रक्रियापूरी करने कीकोशिश करेगी।
क्या आम आदमी भी बन सकता है CEO
सबसे बड़ासवाल यही है किक्या कोई सामान्यव्यक्ति भी आवेदन करसकता है। जवाब है,हां। यह पद किसी खासपेशे तक सीमित नहीं रखागया है। कमेटी काकहना है कि चयनसिर्फ योग्यता औरईमानदारी के आधार पर होगा। यानी चंपतराय जैसी पुरानीजिम्मेदारी अब कोई भी योग्यनागरिक संभाल सकता है।
कौन कर सकता है आवेदन, क्या हैं शर्तें
- उम्मीदवार काग्रेजुएट होना जरूरी है।
- प्रशासन या वित्तीय प्रबंधनमें कम से कम 20 साल काअनुभव चाहिए।
- मंदिर प्रबंधन काअनुभव रखने वालों कोप्राथमिकता मिलेगी।
- उम्मीदवार काहिंदू धर्म से होना अनिवार्यशर्त है।
- भगवान राम केप्रति आस्था होना भी जरूरीमाना गया है।
- ईमानदारी औरजिम्मेदारी निभाने की क्षमता कोभी अहम माना जाएगा।
- संगठनात्मक और प्रशासनिक कौशलमजबूत होना चाहिए।
- रिटायर्ड पुलिस अधिकारी, सेना औरअर्धसैनिक बलों के अधिकारी भीदावेदार बन सकते हैं।
- कमेटीकिसी एक पेशे तक खुद कोसीमित नहीं रखना चाहती।
कैसे करें आवेदन
इच्छुकउम्मीदवार 18 जुलाई तक आवेदनकर सकते हैं। आवेदन सिर्फईमेल के जरिए स्वीकार किएजाएंगे। इसके लिए अलग से एकईमेल आईडी तैयार की जारही है। आवेदन मिलने केबाद कमेटी योग्यउम्मीदवारों से बातचीत करेगी।इसके बाद अंतिम नाम पर फैसलालिया जाएगा।
नियुक्ति और जिम्मेदारियां
चुनेगए CEO की नियुक्तिशुरुआत में तीनसाल के लिए होगी। उन्हें अयोध्यामें रहकर ही काम करना होगा।कमेटी की मदद के लिए एक सचिव भीनियुक्त किया जाएगा।
CEO को मंदिर कारोजाना प्रशासन संभालना होगा।श्रद्धालुओं की व्यवस्था और दान केवित्तीय प्रबंधन कीनिगरानी भी उनकी जिम्मेदारी होगी।जिला प्रशासन और सरकारी एजेंसियोंसे तालमेल बिठाना भी काम का हिस्साहोगा।
देशभर से पांच हजार से अधिक आवेदन
इसके लिए देशभर से पांच हजार 500 से अधिक आवेदन मिले हैं। तीन सदस्यों की समिति इन सभी आवेदनों की जांच कर रही है। योग्य उम्मीदवार के पास हिंदी और अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान होना चाहिए। उम्मीदवार में बेहतरीन प्रशासनिक और प्रबंधन क्षमता होना बेहद जरूरी है।
इसके साथ ही उम्मीदवार का सनातन धर्म में अटूट विश्वास होना चाहिए। शुरुआती दौर में सीईओ को 3 साल के लिए चुना जाएगा। इस पद के लिए महिला और पुरुष दोनों को मौका मिलेगा। अंतिम नाम का ऐलान 15 अगस्त के आसपास होने की संभावना है। इसके अलावा ट्रस्ट में खाली तीन ट्रस्टियों के पद भी जल्द भरे जाएंगे।
ट्रस्ट में और क्या बदलाव हो रहे
चढ़ावे कीगिनती का नया समय तय कियागया है। अब सुबह 9 बजे सेशाम 6 बजे तक एक ही शिफ्टमें गिनती होगी। VIP पासजारी करना फिलहाल रोक दियागया है। जांच के सिलसिलेमें कुछ पूर्व सैनिकों कोभी संपर्क में सावधानीबरतने का संदेश भेजा गया।पुलिस दो आरोपियों सेपूछताछ की तैयारी कर रही है।इसके लिए कोर्ट में रिमांडअर्जी दी गई है।
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