पटना की बांकीपुर सीट, भाजपा का सबसे मजबूत शहरी गढ़, लेकिन…

Aman Vaishnav | Aug 03, 2026, 11:05 IST
बांकीपुर चुनाव, प्रशांत किशोर
पटना की बांकीपुर सीट भाजपा का गढ़ मानी जाती है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने यहां पांच बार जीत दर्ज की है। मुख्य रूप से यह अर्बन वोटर की सीट है।

पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा का पुराना गढ़ मानी जाती है। यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद बनी थी। यहां से नितिन नवीन पांच बार विधायक चुने गए। जनवरी 2026 में वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। इसके बाद मार्च 2026 में राज्यसभा जाने पर उन्होंने यह सीट खाली कर दी।



पटना पश्चिम से बांकीपुर तक का सफर

बता दें कि बांकीपुर सीट पहले पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा हुआ करती थी। साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद इसका नाम बदलकर बांकीपुर हुआ। यह इलाका पटना के शहरी क्षेत्र में आता है। यहां कायस्थ मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है।



पिछले करीब तीन दशक से बांकीपुर सीट पर भाजपा का ही कब्जा रहा है। साल 1995 से यहां लगातार पार्टी का प्रभाव देखा गया। इसी वजह से इसे भाजपा का बेहद सुरक्षित किला कहा जाता है।



नवीन किशोर सिन्हा की विरासत

नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भाजपा के दिग्गज नेता थे। वे 1995 में पहली बार पटना पश्चिम से विधायक बने थे। साल 2006 में उनका निधन हो गया।



पिता के निधन के बाद उसी साल उपचुनाव हुआ। नितिन नवीन ने यह चुनाव जीता और पहली बार विधायक बने। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।



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पांच बार लगातार जीत

साल 2010 में परिसीमन के बाद बनी बांकीपुर सीट से नितिन नवीन पहली बार चुने गए। इसके बाद 2015 और 2020 में भी उन्होंने यह सीट अपने नाम रखी। नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के कुमार आशीष को करीब चालीस हजार वोटों से हराया।



इस तरह नितिन नवीन ने बांकीपुर से कुल पांच बार जीत दर्ज की। बिहार सरकार में वे सड़क निर्माण और नगर विकास जैसे अहम विभाग भी संभाल चुके हैं। पार्टी में उनकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई।



भाजपा अध्यक्ष बनने से बदला समीकरण

जनवरी 2026 में नितिन नवीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। पैंतालीस साल की उम्र में वे पार्टी के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष बने। वे बिहार से यह पद पाने वाले पहले भाजपा नेता भी हैं।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा था कि नितिन नवीन पार्टी की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलने के बाद उनका कद और बढ़ गया। इसके बाद मार्च 2026 में वे राज्यसभा सांसद चुने गए।



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सीट खाली, अब उपचुनाव

राज्यसभा जाने के नियम के तहत नितिन नवीन को बांकीपुर सीट से इस्तीफा देना पड़ा। इससे यह सीट खाली हो गई। इस सीट पर 30 जुलाई 2026 को उपचुनाव के लिए वोटिंग हुई।



कुल 25 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। मुख्य मुकाबला जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर, राजद की रेखा गुप्ता और भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा के बीच माना जा रहा था। एनडीए ने नीरज सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया था।



केवल 34.30 प्रतिशत मतदान ही दर्ज हुआ। यह 2025 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले काफी कम रहा। 3 अगस्त 2026 को मतगणना जारी है।



शुरुआती रुझानों में जन सुराज के प्रशांत किशोर आगे चल रहे हैं। भाजपा के नीरज सिन्हा दूसरे स्थान पर हैं। अंतिम नतीजे आने में अभी समय लग सकता है।



बांकीपुर की जनता तीन दशक से भाजपा पर भरोसा जताती रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह गढ़ बरकरार रहता है या नहीं। नतीजे तय करेंगे कि नितिन नवीन की राजनीतिक विरासत कौन आगे बढ़ाएगा।



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