बेंगलुरु ट्रिपल मर्डर केस: लिव इन पार्टनर ने AI चैटबॉट से पूछे थे हत्या के तरीके
समझें क्या है पूरा मामला...
बेंगलुरु के केआर पुरम इलाके में एक परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से हत्या का आरोप है। पुलिस का दावा है कि इस वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी 25 वर्षीय इंजीनियर केनेथ है।
इस पर अपनी लिव इन पार्टनर के साथ मिलकर उसके माता-पिता और बहन की हत्या करने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक केनेथ करीब छह महीने तक एक लोकप्रिय AI चैटबॉट से हत्या के तरीकों, शव ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने से जुड़े सवाल पूछता रहा।
जांच एजेंसी ने डिजिटल सबूतों की पुष्टि के लिए चैटबॉट बनाने वाली कंपनी से केनेथ की पूरी चैट हिस्ट्री मांगी है। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। साथ ही मामले की सुनवाई अदालत में जारी है।
वहीं बेंगलुरु पुलिस के अनुसार यह शहर में सामने आया अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें किसी आरोपी ने अपराध की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में एक AI टूल का इस्तेमाल किया हो।
सूत्रों के मुताबिक यह चैटबॉट हर चरण में केनेथ की सोच को दिशा देता रहा। साथ ही अपराध की योजना पर इसका सीधा असर पड़ा। पुलिस अब इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि AI से मिले सुझावों ने वारदात के तरीके को किस हद तक प्रभावित किया।
कौन हैं आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, केनेथ और श्वेता दोनों बेंगलुरु के मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं। केनेथ के पिता एक रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी में विमान निर्माण से जुड़े विभाग में कार्यरत रहे और अब सेवानिवृत्त हैं।
जबकि श्वेता के पिता सोमासुंदर एक बहुराष्ट्रीय IT कंपनी में कार्यरत थे। श्वेता कॉलेज के दिनों से ही केनेथ को जानती थी।
साथ ही ग्रेजुएशन के बाद कुछ समय के लिए एक बड़ी सोशल मीडिया कंपनी में अच्छे पैकेज पर काम कर चुकी थी। पुलिस का कहना है कि श्वेता ने कथित तौर पर केनेथ के बढ़ते प्रभाव में आकर यह नौकरी छोड़ दी। इसके अलावा आर्थिक रूप से उसका समर्थन करने लगी।
जबकि केनेथ परिवार और दोस्तों से लगभग कटा हुआ था। जांचकर्ताओं ने पूछताछ के दौरान इसे लेन-देन आधारित रिश्ता बताया है।
हत्या की रात क्या हुआ
पुलिस के अनुसार, 22 जून को श्वेता की मां मुथुलक्ष्मी (48) को केआर पुरम स्थित अपार्टमेंट में बुलाया गया, जहां आरोप है कि केनेथ ने उन्हें 26 बार चाकू घोंपा।
इसके कुछ देर बाद श्वेता के पिता सोमासुंदर (54) और छोटी बहन सुप्रिया (20) अलग-अलग समय पर वहां पहुंचे। आरोप है कि उन पर भी हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद दोनों आरोपी कथित तौर पर श्वेता के मायके गए, वहां से नकदी और चांदी के गहने चुराए। इसके बाद पुडुचेरी फरार हो गए।
पिता की आखिरी गवाही
मामले की जांच में अहम मोड़ तब आया जब गंभीर रूप से घायल सोमासुंदर किसी तरह अपार्टमेंट से बाहर सीढ़ियों तक पहुंच गए, जहां रात करीब 9 बजे पड़ोसियों ने उन्हें देखा।
पुलिस के मुताबिक अस्पताल ले जाने से पहले उन्होंने अपनी बेटी श्वेता और केनेथ का नाम लिया था। साथ ही कहा था कि उन्होंने ही हमला किया है, और घर के अंदर मौजूद पत्नी व छोटी बेटी को बचाने की गुहार लगाई। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
AI चैटबॉट का इस्तेमाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार केनेथ ने कथित तौर पर एक मामूली विवाद के बाद परिवार को खत्म करने का विचार बनाया। अगले छह महीनों तक इसी सोच में उलझा रहा।
इस दौरान वह लगातार AI चैटबॉट से सलाह लेता रहा कि किन रसायनों का इस्तेमाल किया जाए। शवों को कैसे पैक और ठिकाने लगाया जाए। साथ ही घर में घुसने वाले किसी व्यक्ति से कैसे निपटा जाए।
AI कंपनी से चैट लॉग मांगे
जांच को मजबूत करने के लिए पुलिस ने चैटबॉट बनाने वाली कंपनी को पत्र लिखकर केनेथ की पूरी बातचीत का ब्योरा मांगा है, ताकि मामले में जुटाए गए अन्य डिजिटल सबूतों की पुष्टि की जा सके।
यह भारत में उन गिने-चुने मामलों में से एक है, जहां किसी आपराधिक जांच में AI चैटबॉट कंपनी से सीधे डेटा मांगा गया हो।
भट्टी में शव जलाने की योजना
पुलिस के अनुसार, केनेथ ने पहले क्लाउड किचन शुरू करने की योजना बनाई थी। इसी मकसद से घर में एक लोहे की भट्टी बनवाई थी।
पुलिस सूत्र के मुताबिक जब हत्या का विचार आया, तो केनेथ ने AI टूल से सलाह ली, जिसने शव जलाने के ठिकाने लगाने से पहले उसके फायदे-नुकसान बताए।
केनेथ ने इसी भट्टी का दोबारा इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी। केनेथ ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने यह भट्टी खुद बनाई थी।
गिरफ्तारी और पुलिस जांच
बता दें कि श्वेता को 24 जून को पुडुचेरी से गिरफ्तार किया गया, जबकि केनेथ को इसके अगले दो दिनों के भीतर पकड़ा गया। पुलिस हिरासत के दौरान केनेथ का पॉलीग्राफ और अन्य वैज्ञानिक परीक्षण किया गया, ताकि उसका मकसद और दावे सत्यापित किए जा सकें।
9 दिन की पुलिस हिरासत के बाद 18 जुलाई को एक मजिस्ट्रेट अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। श्वेता को इससे पहले 10 जुलाई को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। सूत्रों के अनुसार उसने माफी के बदले कबूलनामा देने की इच्छा जताई है।
मकसद क्या था
पुलिस के मुताबिक, हत्या का कथित मकसद पारिवारिक वित्तीय विवाद और तनावपूर्ण रिश्तों से जुड़ा है। सूत्रों का कहना है कि इसके पीछे केनेथ की सोचने-समझने की क्षमता में कमी, सामाजिक जवाबदेही का अभाव, और गुस्से का तेजी से बढ़ना जैसे कारक भी अहम रहे।
घटनाक्रम: कब क्या हुआ
करीब 6 महीने पहले: केनेथ में परिवार को खत्म करने का विचार पनपा, AI चैटबॉट से सलाह लेना शुरू
22 जून: मुथुलक्ष्मी, सोमासुंदर और सुप्रिया की कथित हत्या
22 जून, रात 9 बजे: घायल सोमासुंदर सीढ़ियों पर मिले, दिया मरणासन्न बयान
24 जून: श्वेता पुडुचेरी से गिरफ्तार
26 जून तक: केनेथ भी गिरफ्तार
10 जुलाई: श्वेता न्यायिक हिरासत में भेजी गई
18 जुलाई: केनेथ को भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया
किसका पक्ष अभी बाकी है
अब तक केनेथ या श्वेता के वकील की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। AI चैटबॉट बनाने वाली कंपनी का भी कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं हुआ।
हालांकि पुलिस ने उससे चैट लॉग मांगे हैं। बेंगलुरु पुलिस के किसी नामित अधिकारी का औपचारिक बयान भी अभी रिपोर्ट्स में शामिल नहीं है।
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