न बेंगलुरु, न दिल्ली, केरलम का कोट्टायम शहर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स में आया नंबर-1, शहर की ये खूबियां बनीं वजह

Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 19, 2026, 09:03 IST
केरल का कोट्टायम: जीवन की गुणवत्ता में बना भारत में अव्वल शहर
केरलम का कोट्टायम जीवन की गुणवत्ता के मामले में भारत का सबसे अच्छा शहर बना है। ऑक्सफर्ड इकोनॉमिक्स के ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में इसे 53.6 स्कोर मिला है। वहीं, बेंगलुरु का स्कोर -41.3 और नई दिल्ली का -40.8 रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कम खर्च और आर्थिक समानता ने कोट्टायम को आगे रखा है। कम अपराध दर और लंबी जीवन प्रत्याशा ने भी इसमें योगदान दिया है।

बता दें कि कोट्टायम की आबादी करीब 55 हजार है। फिर भी जीवन की गुणवत्ता के मामले में यह महानगरों से आगे है। आखिर यह छोटा शहर इतना आगे कैसे पहुंचा? जवाब आंकड़ों और लोगों की जिंदगी में छिपा है।



ग्लोबल सिटीज इंडेक्स कैसे बना?

इस सूचकांक में दुनिया के एक हजार शहरों को शामिल किया गया है। इसमें जीवन की गुणवत्ता समेत कई मानकों पर शहरों का मूल्यांकन हुआ है। ऑक्सफर्ड इकोनॉमिक्स ने अलग-अलग पैमानों पर शहरों को परखा। इनमें लोगों की औसत आय और आर्थिक समानता शामिल हैं।



घरों की कम कीमत को भी महत्व दिया गया। इसके अलावा, लोगों की औसत उम्र और कम अपराध दर को भी देखा गया। शहरों में मनोरंजन की सुविधाओं को भी इस विश्लेषण में शामिल किया गया।



जीवन की गुणवत्ता सूचकांक में कितने अंक मिले?

जीवन की गुणवत्ता सूचकांक में कोट्टायम का स्कोर 53.6 रहा। इस स्कोर के साथ शहर भारत में पहले नंबर पर रहा है। इस शहर को लिस्ट में लोगों की लंबी उम्र ने आगे रखा है। आर्थिक समानता, कम अपराध और कम खर्च भी इसकी वजह हैं। केरलम के कोल्लम को दूसरा और त्रिशूर को तीसरा स्थान मिला है। वहीं, तिरुवनंतपुरम चौथे और कोच्चि पांचवें नंबर पर रहे हैं। इस तरह, टॉप पांचों शहर केरलम के हैं।



दिल्ली-बेंगलुरु से बेहतर शहर क्यों?

बेंगलुरु का स्कोर -41.3 है, जबकि नई दिल्ली का -40.8 है। मुंबई का स्कोर -38.8 है। यानी तीनों महानगरों के स्कोर शून्य से नीचे हैं।



वहीं, कोट्टायम का स्कोर 53.6 है। इसी आधार पर जीवन की गुणवत्ता में कोट्टायम को दिल्ली और बेंगलुरु से बेहतर माना गया है। दोनों के बीच का अंतर साफ नजर आता है।



तीनों महानगरों में मुंबई का स्कोर सबसे ज्यादा है। फिर भी मुंबई, कोट्टायम से 92.4 अंक पीछे है। बेंगलुरु 94.9 अंक पीछे है, जबकि दिल्ली 94.4 अंक पीछे है।



ऑटो चालक की नजर में कोट्टायम

जिस शहर को सूची में पहला स्थान मिला, उसके लोग इसे कैसे देखते हैं? इसका जवाब शहर के एक ऑटो चालक की बातों से मिलता है।



पी. मोहनन को ऑक्सफर्ड इकोनॉमिक्स के सूचकांक की जानकारी नहीं थी। लेकिन वे जानते हैं कि यहां जिंदगी महानगरों की तुलना में आसान है। उनके मुताबिक लोग शिक्षित हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं।



केरलम का कोट्टायम: साक्षरता की मिसाल

कोट्टायम झीलों और खेतों के बीच बसा एक शहर है। यहां दो सदियों से शिक्षा, साहित्य, प्रकाशन और सामाजिक सुधार की परंपरा रही है। इसे सिटी ऑफ लेटर्स यानी अक्षरों का शहर भी कहा जाता है। 1989 में कोट्टायम देश का पहला पूर्ण साक्षर (Literate) शहर बना था।



तंबाकू मुक्त जिले की पहचान भी

कोट्टायम की पहचान सिर्फ साक्षरता तक सीमित नहीं है। यहां स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता को भी अहमियत दी जाती है। कोट्टायम को देश का पहला तंबाकू मुक्त जिला बताया जाता है। इसे शून्य गरीबी वाला जिला भी घोषित किया जा चुका है।



यहां प्रसिद्ध वेम्बनाड झील भी मौजूद है। कोट्टायम, कुमारकोम जैसे खूबसूरत बैकवॉटर पर्यटन स्थलों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। कई प्रमुख तीर्थस्थलों तक जाने का रास्ता भी यहीं से गुजरता है।



रबर की कमाई से शिक्षा तक का सफर

कोट्टायम की तरक्की की शुरुआत खेतों से हुई। यहां रबर की खेती ने शहर की समृद्धि में अहम भूमिका निभाई। अर्थशास्त्री प्रो. एस. मोहनकुमार इस समृद्धि की एक खास वजह बताते हैं। उनके मुताबिक, कई परिवारों ने अपनी अतिरिक्त कमाई बच्चों की पढ़ाई पर खर्च की है।



इससे युवाओं को अच्छी नौकरियां मिलीं। परिवारों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई। खेती से मिली समृद्धि ने लोगों के विकास में मदद की है।



जीवन की गुणवत्ता के मामले में कोट्टायम भारत का सबसे अच्छा शहर (Best City in India) बना है। इसके पीछे कम खर्च, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता की लंबी कहानी है।



यह खबर क्यों जरूरी है?

शहर की तरक्की सिर्फ ऊंची इमारतों और ज्यादा कमाई से नहीं होती। कोट्टायम की कहानी बताती है कि शिक्षा से जीवन बेहतर बनता है। इसमें आर्थिक समानता और सामाजिक जागरूकता की भी अहम भूमिका है। संविधान की प्रस्तावना में सामाजिक और आर्थिक न्याय का वादा किया गया है।



कम खर्च, कम अपराध और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं इसमें अहम हैं। कोट्टायम दूसरे शहरों के लिए भी एक अच्छा उदाहरण है। इसलिए यह खबर सरकार की नीतियां बनाने वालों के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही आम लोगों के लिए भी यह खबर जरूरी है।



FAQ

  1. कोट्टायम को किस रिपोर्ट में पहला स्थान मिला?
    ऑक्सफर्ड इकोनॉमिक्स के ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में कोट्टायम को भारत में जीवन की गुणवत्ता के मामले में पहला स्थान मिला। इस सूची में दुनिया के एक हजार शहर शामिल हैं। कोट्टायम का स्कोर 53.6 है।
  2. कोट्टायम दिल्ली और बेंगलुरु से कितने अंक आगे है?
    कोट्टायम इन महानगरों से 90 से ज्यादा अंक आगे है। उसका स्कोर 53.6 है, जबकि नई दिल्ली का -40.8 और बेंगलुरु का -41.3 है। मुंबई का स्कोर -38.8 है।
  3. कोट्टायम के बाद कौन से शहर आते हैं?
    कोल्लम दूसरे, त्रिशूर तीसरे, तिरुवनंतपुरम चौथे और कोच्चि पांचवें स्थान पर हैं। ये सभी केरल के शहर हैं।
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