पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिस पर CBI रेड, ट्रांसफर-पोस्टिंग केस में एक साथ 8 जगह छापेमारी
छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान (Punjab CM Bhagwant Mann) ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मान ने कहा कि उनकी सरकार और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जाएगी।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई
ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े मामले (Transfer Posting Case Punjab) की जांच पहले पंजाब पुलिस के स्तर पर आगे नहीं बढ़ी थी। इसके बाद मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचा। वकील निखिल सराफ ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग की गई थी।
याचिका में कहा गया था कि ED ने पंजाब के DGP को कई चिट्ठियां भेजी थीं। इन चिट्ठियों में मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसके बाद हाई कोर्ट ने मामले को CBI को सौंप दिया। कोर्ट ने जांच एजेंसी को दो महीने में जांच पूरी करने का निर्देश भी दिया है।
CBI ने किन लोगों के खिलाफ दर्ज की FIR
सीबीआई ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद FIR दर्ज की है। इसमें मुख्यमंत्री के OSD राजबीर घुम्मन का नाम शामिल है। इसके अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा का नाम भी FIR में है। कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया गया है।
क्या हैं आरोप?
CBI की FIR में आरोप है कि संबंधित लोग अधिकारियों की ट्रांसफर और पोस्टिंग को प्रभावित करते थे। इनमें IAS और IPS अधिकारियों से जुड़े मामलों का भी जिक्र है। आरोप यह भी है कि पैसे के बदले विभागीय कार्रवाई प्रभावित की जाती थी। सरकारी नीतियों और प्रशासनिक मंजूरियों में दखल देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
टेंडर की शर्तों, लाइसेंस, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव, संपत्ति विवाद और राजस्व मामलों में भी हस्तक्षेप के आरोप हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि कुछ सरकारी आदेश और नीतियों के ड्राफ्ट जारी होने से पहले निजी लोगों तक पहुंचाए जाते थे।
8 जगह पर एक साथ छापेमारी
FIR दर्ज होने के बाद CBI ने पंजाब और चंडीगढ़ में कई जगह छापेमारी की। चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर समेत कुल 8 ठिकानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज बरामद किए जाने की बात सामने आई है।
भगवंत मान ने भाजपा पर लगाया आरोप
छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। मान ने कहा कि अब पंजाब में ED और CBI का इस्तेमाल बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी को मिल रहे समर्थन से भाजपा परेशान है। ये सभी आरोप भगवंत मान के हैं।
केजरीवाल ने भी साधा निशाना
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय पर CBI की कार्रवाई भाजपा की राजनीतिक बेचैनी का नतीजा है। केजरीवाल ने कहा कि भाजपा पंजाब में चुनावी मुकाबले के बजाय केंद्रीय एजेंसियों के सहारे आगे बढ़ना चाहती है।
अकाली दल ने कार्रवाई का किया समर्थन
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने CBI की कार्रवाई को बड़ी कार्रवाई बताया। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच की शुरुआत बताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ED की चिट्ठियों से शुरू हुआ मामला
इस पूरे मामले की जड़ ED की उन चिट्ठियों में बताई जा रही है, जो पंजाब के DGP को भेजी गई थीं। इनमें मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों पर ट्रांसफर-पोस्टिंग और सरकारी टेंडरों में कथित दखल के आरोप लगाए गए थे।
ED ने संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने और जांच की मांग की थी। पंजाब पुलिस की ओर से कार्रवाई न होने के आरोप के बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा। अब CBI पूरे मामले की जांच कर रही है।