भिवंडी इमारत हादसा: जर्जर कोहिनूर बिल्डिंग ढहने से 9 लोगों की मौत

Sanjay Dhiman | Jul 31, 2026, 21:01 IST
bhiwandi-kohinoor-building-collapse-9-dead
महाराष्ट्र के भिवंडी में जर्जर कोहिनूर बिल्डिंग गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद NDRF, पुलिस और फायर ब्रिगेड ने राहत अभियान चलाया। प्रशासन ने इमारत को पहले खतरनाक घोषित किया था, फिर भी लोग रह रहे थे।

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में बड़ा हादसा सामने आया है। यहां गुरुवार देर रात एक जर्जर इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।



इमारत गिरते ही आसपास रहने वाले लोगों में चीख-पुकार मच गई। कई परिवारों के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।



मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मौके पर NDRF, फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें तैनात की गईं।



भिवंडी बिल्डिंग हादसे में 9 लोगों की मौत

NDRF और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, भिवंडी इमारत हादसे में अब तक 9 शव मलबे से बाहर निकाले गए हैं। राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है।



रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान NDRF के एक असिस्टेंट कमांडेंट के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।



मृतकों में शमीम शेख, रंजीत सिंह, मिराज रसूल शेख, संतोष कुमार पांडे और शमीम अंसारी सहित अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस बाकी मृतकों की पहचान करने में जुटी हुई है।



परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है।



रात 11 बजे अचानक ढह गई कोहिनूर बिल्डिंग

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा भिवंडी के नारपोली इलाके में हुआ। कोहिनूर बिल्डिंग के बी विंग का एक हिस्सा अचानक गिर गया।



यह इमारत ग्राउंड प्लस चार मंजिला बताई जा रही है। इसमें करीब 48 कमरे थे। हर मंजिल पर लगभग 12 कमरे बने हुए थे।



स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे से पहले इमारत में दरार और टूटने जैसी आवाजें सुनाई दी थीं। इसके बाद कुछ लोगों ने समय रहते बाहर निकलने की कोशिश की।



कई परिवारों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया। हालांकि कुछ लोग अचानक गिरे मलबे में फंस गए।



पहले ही खतरनाक घोषित थी इमारत

ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, यह इमारत पहले से ही खतरनाक घोषित की गई थी। भिवंडी-निजामपुर नगर निगम ने बिल्डिंग को असुरक्षित बताया था। इसके बावजूद कई परिवार यहां रह रहे थे।



यह सवाल भी उठ रहा है कि खतरनाक घोषित होने के बाद भी लोगों को वहां रहने की अनुमति कैसे मिली। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है।



ऐसे हादसे अक्सर पुरानी और कमजोर इमारतों की अनदेखी के कारण सामने आते हैं। मुंबई महानगर क्षेत्र में हर साल कई पुराने भवनों को लेकर खतरे की चेतावनी जारी की जाती है।



NDRF और प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

हादसे की सूचना मिलते ही राहत बचाव टीमों को मौके पर भेजा गया। NDRF की टीम आधुनिक उपकरणों के साथ मलबा हटाने में जुटी रही।



भिवंडी फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर संयुक्त अभियान चलाया। डॉग स्क्वॉड की मदद से भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश की गई।



मौके पर एंबुलेंस और जेसीबी मशीनें भी तैनात की गईं। बचाव टीमों ने कई घंटे तक लगातार ऑपरेशन चलाया।



भिवंडी इमारत हादसे ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

भिवंडी बिल्डिंग हादसे ने एक बार फिर पुराने और जर्जर मकानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर मरम्मत और खाली कराने की कार्रवाई नहीं होने से ऐसे हादसों का खतरा बढ़ता है।



स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी होती है कि खतरनाक इमारतों की नियमित जांच की जाए। साथ ही लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।



अब प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा कि इमारत गिरने की असली वजह क्या थी।



यह खबरें भी पढ़ें...



CGPSC घोटाले में टामन सोनवानी को जेल, अब ED मनी ट्रेल से खोलेगी पूरा खेल



एमपी में प्रमोशन पर नया घमासान! बिजली कंपनियों में क्यों अटकी इंजीनियरों की तरक्की?



वकील पर दुष्कर्म का आरोप: शोहराब ने सौरभ बनकर महिला आरक्षक को बनाया शिकार



मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर 100 करोड़ की संपत्ति छिपाने का आरोप, HC में याचिका दायर



Tags:
  • महाराष्ट्र
  • NDRF
  • रेस्क्यू ऑपरेशन
  • फायर ब्रिगेड
  • नगर निगम
  • आपदा प्रबंधन