Donation Report 2023-24: BJP को रिकॉर्ड चंदा, BRS से पिछड़ी कांग्रेस

Sourabh Bhatnagar | Dec 26, 2024, 11:51 IST
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चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चंदे की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर साझा की है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 2023-2024 में भाजपा को अन्य सभी दलों की तुलना में सबसे अधिक चंदा मिला है।

चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चंदे की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर साझा की है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए 2023-24 का साल न केवल चुनावी दृष्टि से बल्कि चंदा संग्रह के मामले में भी बेहद सफल रहा। पार्टी को इस अवधि में 2,244 करोड़ रुपए का चंदा मिला, जो 2022-23 में मिले चंदे से तीन गुना अधिक है। दूसरी ओर, कांग्रेस को केवल 289 करोड़ रुपए का चंदा मिला, हालांकि यह भी 2022-23 के 79.9 करोड़ रुपए के मुकाबले वृद्धि दर्शाता है।



बीजेपी और कांग्रेस के चंदे में बड़ा अंतर

प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट का महत्वपूर्ण योगदान

दोनों प्रमुख दलों—बीजेपी और कांग्रेस—को सबसे ज्यादा चंदा प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से मिला।



  • बीजेपी को प्रूडेंट ट्रस्ट से 723 करोड़ रुपए मिले।
  • कांग्रेस को प्रूडेंट ट्रस्ट से 156 करोड़ रुपए प्राप्त हुए।

2023-24 में बीजेपी के कुल चंदे का लगभग एक-तिहाई हिस्सा और कांग्रेस के चंदे का आधे से अधिक प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से आया।



क्षेत्रीय दलों की स्थिति

क्षेत्रीय दलों ने भी चंदा प्राप्त किया, लेकिन उनकी तुलना बीजेपी के आंकड़ों से नहीं की जा सकती।



  • बीआरएस को 495.5 करोड़ रुपए का चंदा मिला।
  • डीएमके को 60 करोड़ रुपए।
  • वाईएसआर कांग्रेस को 121.5 करोड़ रुपए।
  • झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) को 11.5 करोड़ रुपए।

फ्यूचर गेमिंग और लॉटरी किंग का जुड़ाव

दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी को फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्विसेज से 3 करोड़ रुपए का चंदा मिला। यह कंपनी सैंटियागो मार्टिन की है, जिसे 'लॉटरी किंग' कहा जाता है। फ्यूचर गेमिंग इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए दान करने वाली सबसे बड़ी कंपनी थी, जिसका सबसे बड़ा फायदा तृणमूल कांग्रेस को मिला।



मार्टिन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं और वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग की निगरानी में हैं।



2024 के आम चुनावों से पहले चंदा वृद्धि

बीजेपी ने 2023-24 में 2022-23 की तुलना में 212% चंदा वृद्धि दर्ज की।



  • 2018-19 में, 2019 के आम चुनाव से पहले, बीजेपी ने 742 करोड़ रुपए और कांग्रेस ने 146.8 करोड़ रुपए का चंदा प्राप्त किया था।
  • 2023-24 में, बीजेपी को चुनावी ट्रस्टों से 850 करोड़ रुपए प्राप्त हुए।

आपको बता दें कि फरवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया, जिसके बाद राजनीतिक दलों के लिए फंडिंग का सबसे प्रमुख साधन सीधे नकद राशि या इलेक्टोरल ट्रस्ट के माध्यम से प्राप्त चंदा बन गया है। इस निर्णय के बाद से दलों को मिलने वाले फंड का पारंपरिक स्वरूप बदल गया है, और अधिकांश धनराशि अब प्रत्यक्ष योगदान या ट्रस्टों के जरिए हासिल की जा रही है।



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