PM मोदी ने किए 10 फोन, एक भी नहीं उठा पाए BJP नेता, राज्यपाल बनते ही बताई हैरान करने वाली बात
ब्रजमोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल बनाए जाने की जानकारी भी इसी बातचीत के बाद मिली है।
पीएम मोदी की 10 कॉल नहीं उठा पाए
ब्रजमोहन राम ने पत्रकारों से बातचीत में यह दिलचस्प किस्सा सुनाया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे। पीएम मोदी की ओर से उन्हें लगातार 10 बार कॉल आईं, लेकिन वह एक भी कॉल नहीं उठा सके।
बाद में उन्हें बताया गया कि प्रधानमंत्री उनसे बात करना चाहते हैं। यह जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत पीएम मोदी से बातचीत की।
प्राइवेट नंबर से आया था फोन
ब्रजमोहन राम ने बताया कि उनके पास एक प्राइवेट नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे बात करेंगे।
इसके बाद पीएम मोदी ने उनसे बातचीत की। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले जोहार (नमस्ते)कहकर उनका अभिवादन किया। फिर बताया कि उन्हें शासन में एक बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है।
ब्रजमोहन राम के मुताबिक, उस समय उन्हें पद के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई थी।
अमित शाह ने बताया कौन सा पद मिलेगा
ब्रजमोहन राम ने बताया कि प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद दोपहर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का फोन आया था। शाह ने उन्हें ओडिशा का राज्यपाल (Governor) बनाए जाने की जानकारी दी।
यह खबर मिलने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनके जैसे साधारण कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है।
तीन बार टिकट नहीं मिला, फिर भी नहीं छोड़ी बीजेपी
ब्रजमोहन राम ने अपने राजनीतिक सफर के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि बीजेपी ने उन्हें तीन बार चुनाव लड़ने का टिकट नहीं दिया था। इसके बावजूद उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी।
उनका कहना था कि आजकल कई नेता टिकट नहीं मिलने पर दूसरी पार्टी में चले जाते हैं। उन्होंने ऐसा नहीं किया और संगठन के लिए काम करते रहे।
ब्रजमोहन राम ने बताया कि उन्होंने तीनों चुनावों में बीजेपी उम्मीदवारों के लिए मेहनत की। तीनों बार पार्टी के उम्मीदवारों को जीत भी मिली।
उन्होंने कहा कि उनके लिए पार्टी और संगठन में काम करना एक जैसा ही है। इसलिए उन्होंने हमेशा बीजेपी के साथ रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाई।
राज्यपाल बनने पर क्या बोले ब्रजमोहन राम?
ब्रजमोहन राम ने कहा कि उन्हें भरोसा था कि पार्टी कभी न कभी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी जरूर देगी। उन्होंने अपनी नियुक्ति को माता रानी की कृपा बताया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आशीर्वाद से उन्हें यह संवैधानिक पद (Constitutional Post) मिला है।
ब्रजमोहन राम ने कहा कि बीजेपी ने एक साधारण कार्यकर्ता को राज्यपाल जैसे बड़े पद के योग्य समझा। इसके लिए वह पार्टी नेतृत्व के आभारी हैं।