बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉडीबिल्डिंग को खेल कोटे में शामिल करने दिया आदेश, जानें कैसे मिलेगा फायदा

Sandeep Kumar | Mar 17, 2026, 18:04 IST
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NAGPUR. बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉडीबिल्डिंग को सरकारी नौकरियों के खेल कोटे में शामिल करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि खिलाड़ियों को 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

News in Short

  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉडीबिल्डिंग को खेल कोटे में शामिल करने का आदेश दिया।
  • सरकारी नौकरियों में खेल कोटे के तहत 5 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
  • कोर्ट ने 2018 और 2023 के सरकारी पत्रों को रद्द किया।
  • बॉडीबिल्डिंग को जिम्नास्टिक्स की उपशाखा मानते हुए इसे खेल कोटे से जोड़ा गया।
  • इस फैसले से बॉडीबिल्डिंग को करियर बनाने वाले युवाओं को बड़ी राहत मिली है।

News in Detail

बॉडीबिल्डिंग को अपना करियर बनाने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी खबर है। बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। अदालत ने सरकार को आदेश दिया कि बॉडीबिल्डिंग को खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ दिया जाए। इस फैसले से उन युवाओं के सपनों को नई उम्मीद मिली है, जो बॉडीबिल्डिंग में करियर बनाना चाहते हैं।



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खेल कोटे के 5 प्रतिशत आरक्षण

जस्टिस मुकुलिका जवलकर और जस्टिस नंदेश देशपांडे की खंडपीठ ने दीपक पवार की याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों में खेल कोटे के 5 प्रतिशत आरक्षण में बॉडीबिल्डिंग को भी शामिल किया जाए। राज्य सरकार को एक जुलाई 2016 के निर्णय में सुधार करने का आदेश दिया गया। अदालत ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में इसे आधिकारिक सूची में शामिल करने के निर्देश दिए।



सुनवाई के दौरान अदालत ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया। कोर्ट ने कहा कि बॉडीबिल्डिंग जिम्नास्टिक्स की उपशाखा है। अदालत ने इसे खेल कोटे से बाहर रखना अनुचित बताया। यह संवैधानिक सिद्धांतों और समानता के अधिकार का उल्लंघन था। अदालत ने कहा कि जब केंद्र सरकार बॉडीबिल्डर्स को अर्जुन पुरस्कार देती है, तो राज्य इसे खेल क्यों न माने।



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सरकारी पत्र रद्द

कोर्ट ने 2018 और 2023 के सरकारी पत्र रद्द कर दिए। इन पत्रों में बॉडीबिल्डिंग को आरक्षण से बाहर रखा गया था। बेंच ने कहा कि पात्रता मानकों को ओलंपिक, एशियाई या राष्ट्रमंडल खेलों तक सीमित रखना गलत है। 2005 की नीति में यह खेल शामिल था, जिसे बिना ठोस आधार के हटा दिया गया। अब हाईकोर्ट के आदेश से 2016 की राज्य नीति में सुधार जरूरी हो गया है।



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युवाओं को मिलेगा मौका

इस फैसले का लाभ उन युवाओं को मिलेगा जो सरकारी सेवाओं की तैयारी कर रहे हैं। अब तक बॉडीबिल्डिंग को शौक माना जाता था, लेकिन अब इसे पेशेवर करियर के रूप में मान्यता मिली है। इससे राज्य में जिम कल्चर बढ़ेगा और प्रोफेशनल एथलीटों की संख्या बढ़ेगी।



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