क्यों खास है Cannes Film Festival, जानें इसकी शुरुआत और कड़े नियमों का सच
समझें क्या है पूरा मामला
- कान्स फिल्म फेस्टिवल का 79वां संस्करण फ्रांस में शुरू हो गया है।
- इस साल भारत की 7 क्षेत्रीय फिल्में अलग-अलग कैटेगरी में दिखाई जाएंगी।
- एमी विर्क, आलिया भट्ट और ऐश्वर्या राय रेड कार्पेट पर नजर आएंगी।
- पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी मेंबर बनकर भारत का मान बढ़ाएंगी।
- यह फेस्टिवल अपनी फिल्मों के साथ अपने कड़े नियमों के लिए मशहूर है।
कान्स 2026 में भारतीय सिनेमा की नई लहर
Cannes Film Festival:फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म मेला शुरू हो गया है। आज 12 मई से 23 मई 2026 तक चलने वाले कान्स फेस्टिवल में इस बार भारत का डंका बजने वाला है। भारतीय फिल्म मेकर्स के लिए यह समय किसी सुनहरे दौर जैसा है।
पिछले कुछ सालों में भारत ने यहां कई बड़े अवॉर्ड्स अपने नाम किए हैं।इस साल केवल बॉलीवुड ही नहीं बल्कि रीजनल सिनेमा की भी चर्चा है।
कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में पंजाबी, मलयालम, गुजराती और कन्नड़ फिल्में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं। कुल सात भारतीय फिल्में इस बार कान्स के अलग-अलग सेक्शन में चुनी गई हैं। यह भारतीय कहानियों की विविधता का एक शानदार जश्न होने वाला है।
| साल | विजेता | फिल्म | अवॉर्ड का नाम |
| 1946 | चेतन आनंद | नीचा नगर | ग्रैंड प्रिक्स डू फेस्टिवल इंटरनेशनल डू फिल्म |
| 1954 | बिमल रॉय | दो बीघा जमीन | इंटरनेशनल प्राइज |
| 1955 | बेबी नाज | बूट पॉलिश | स्पेशल मेंशन, चाइल्ड आर्टिस्ट |
| 1956 | सत्यजीत रे | पाथेर पांचाली | बेस्ट ह्यूमन डॉक्यूमेंट अवॉर्ड |
| 1957 | राजबंस खन्ना | गोतोमा द बुद्धा | स्पेशल मेंशन (शॉर्ट फिल्म) - डायरेक्टर |
| 1983 | मृणाल सेन | खारजी | ज्यूरी प्राइज |
| 1988 | मीरा नायर | सलाम बॉम्बे | कैमरा डिओर ऑडियंस अवॉर्ड |
| 1989 | शाजी एन. करुण | पिरावी | कैमरा डिओर मेंशन स्पेशल |
| 1991 | दीपा मेहता | सैम एंड मी स्पेशल | कैमरा डिओर मेंशन |
| 1999 | मुरली नायर | मारना सिन्हासनाम | कैमरा डिओर |
| 2002 | मनीषा झा | ए वैरी वैरी साइलेंट फिल्म | ज्यूरी प्राइज (शॉर्ट फिल्म) |
| 2006 | गीतांजलि राव | प्रिंटेड रेनबो | ग्रैंड रेल डिओर ऑडियंस अवॉर्ड, कोडक डिस्कवरी अवॉर्ड, यंग क्रिटिक्स अवॉर्ड फॉर बेस्ट शॉर्ट फिल्म |
| 2013 | रितेश बत्रा | लंच बॉक्स | ग्रैंड रेल डिओर ऑडियंस अवॉर्ड |
| 2015 | नीरज घेवान | मसान | फिप्रेसकी प्राइज (अनसर्टेन रिगार्ड) |
| 2016 | शर्ली अब्राहम, अमित मधेशिया | द सिनेमा ट्रैवलर्स | लोएडल डिओर स्पेशल मेंशन |
| 2020 | अश्मिता गुहा निओगी | कैटडॉग | सिनेफोंडेशन प्रीमियर प्रिक्स |
| 2021 | पायल कपाड़िया | ए नाइट ऑफ नोइंग नथिंग | गोल्डन आई |
| 2022 | शौनक | ऑल दैट ब्रीथ्स | गोल्डन आई |
| 2024 | पायल कपाड़िया | ऑल वी इमेजिन एज लाइट | ग्रैंड प्रिक्स |
| 2024 | चिदानंद एस. नायक | सनफ्लॉवर्स वर द फर्स्ट वन्स | ला सिनेफ (प्रीमियर प्रिक्स) |
| 2024 | अनासुया सेन गुप्ता | द शेमलेस | बेस्ट एक्ट्रेस (अनसर्टेन रिगार्ड) |
रीजनल फिल्मों का ग्लोबल डेब्यू
पंजाबी सुपरस्टार एमी विर्क अपनी फिल्म चढ़दी कला के साथ कान्स डेब्यू कर रहे हैं। यह फिल्म एक नर्स की बहुत ही भावुक कहानी बयां करती है।
मलयालम सिनेमा से चिदंबरम की फिल्म बालन: द बॉय भी मार्केट सेक्शन में दिखेगी। यह फिल्म एक बच्चे और समाज के बीच के संघर्ष की कहानी है। गुजराती फिल्म लालो ने पहले ही बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है।
सिर्फ 50 लाख में बनी इस फिल्म ने 122 करोड़ से ज्यादा कमाए।अब इस फिल्म का कान्स (Cannes Festival) में स्पेशल मार्केट प्रीमियर होने जा रहा है। कन्नड़ फिल्म '21 सितंबर' भी अल्जाइमर जैसी बीमारी पर आधारित एक गहरी फिल्म है।
कान्स का गौरवशाली इतिहास
कान्स फेस्टिवल की शुरुआत के पीछे एक बहुत ही दिलचस्प और साहसी कहानी है। साल 1938 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल पर हिटलर और मुसोलिनी का कब्जा था।
वे तानाशाह अपनी पसंद के लोगों को अवॉर्ड दिलवाते थे। इससे परेशान होकर कुछ ज्यूरी मेंबर्स ने एक फ्री फेस्टिवल शुरू करने का सोचा। फ्रांस की सरकार ने इस विचार को अपना समर्थन दिया।
हालांकि, 1939 में युद्ध के कारण इसे पहले ही दिन रोकना पड़ा था। विश्व युद्ध के बाद 1946 में यह फेस्टिवल पूरी भव्यता के साथ शुरू हुआ। आज यह दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सिनेमाई मंच बन चुका है।
भारत और कान्स का 80 साल पुराना रिश्ता
भारत और कान्स का रिश्ता दशकों पुराना और बहुत ही खास है। साल 1946 में चेतन आनंद की फिल्म नीचा नगर ने यहां इतिहास रचा था। ये फिल्म कान्स का सबसे बड़ा अवॉर्ड पाम डिओर जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी।
आज भी ये रिकॉर्ड भारत के पास सुरक्षित है। इसके बाद पाथेर पांचाली और दो बीघा जमीन जैसी फिल्मों ने वाहवाही लूटी। हाल ही में पायल कपाड़िया ने भी यहां बड़ी जीत हासिल की है।
ऐश्वर्या राय पहली भारतीय एक्ट्रेस थीं, जिन्हें कान्स की ज्यूरी में शामिल किया गया। अब दीपिका पादुकोण और पायल कपाड़िया भी इस लिस्ट में हैं।
रेड कार्पेट के कड़े नियम
कान्स का रेड कार्पेट जितना सुंदर है, उसके नियम उतने ही सख्त हैं। यहां आने वाले हर सितारे के लिए हील्स पहनना अनिवार्य है। 2015 में फ्लैट चप्पल पहनने वाली महिलाओं को एंट्री (Cannes Rules) नहीं दी गई थी। हालांकि, क्रिस्टन स्टीवर्ट जैसे सितारों ने इस नियम का कड़ा विरोध किया है। रेड कार्पेट पर सेल्फी लेना भी पूरी तरह से मना है।
यहां तक कि सितारे अपने साथ हैंडबैग भी लेकर नहीं चल सकते। फोटोग्राफर्स के लिए भी यहां खास ड्रेस कोड तय किया गया है। उन्हें ब्लैक टक्सीडो और फॉर्मल जूते पहनना जरूरी होता है।
कान्स फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट के नियम:
- No Selfies Allowed: रेड कार्पेट पर अपनी फोटो या सेल्फी लेना सख्त मना है, पकड़े जाने पर एंट्री बैन हो सकती है।
- Heels are Must: फीमेल सेलेब्स के लिए हाई हील्स पहनना जरूरी है, फ्लैट चप्पल या सैंडल की अनुमति बिल्कुल नहीं है।
- Strict Black Tie Code: शाम के प्रीमियर के लिए पुरुषों को टक्सीडो (Black Tie) और महिलाओं को फॉर्मल गाउन पहनना ही पड़ता है।
- No Handbags on Carpet: रेड कार्पेट पर चलते समय सेलेब्स को अपने हैंडबैग या बड़े झोले होटल में ही छोड़ने होते हैं।
- No Nudity or Transparent Outfits: साल 2026 के नए नियमों के मुताबिक, पूरी तरह से पारदर्शी या न्यूडिटी वाले कपड़ों पर रोक है।
- No Voluminous Gowns: बहुत ज्यादा भारी और लंबी ट्रेल वाले गाउन पहनने से बचें क्योंकि ये दूसरे गेस्ट्स का रास्ता रोकते हैं।
- Paparazzi Dress Code: सिर्फ सेलेब्स ही नहीं, फोटो खींचने वाले पैपराजी को भी फॉर्मल सूट और बो-टाई पहनना अनिवार्य है।
करोड़ों का खर्च और आलीशान लाइफस्टाइल
कान्स फेस्टिवल में सिर्फ फिल्में ही नहीं, बल्कि दौलत भी खूब चमकती है। यहां मेहमानों के डिनर पर ही 2.8 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। डिनर में दुनिया की सबसे महंगी डिश और वाइन परोसी जाती है।
लगभग 18 हजार 500 बोतल वाइन और शैंपेन मेहमानों के लिए मंगाई जाती है। कान्स शहर के पास मौजूद याच भी इस दौरान खूब कमाई करते हैं।
सेलेब्स याच पार्टी के लिए करोड़ों रुपए रेंट के तौर पर देते हैं। यहां का मेन अवॉर्ड पाम डिओर भी 18 कैरेट सोने से बना होता है। इस एक ट्रॉफी की कीमत लगभग 18 लाख रुपए होती है।
2026 में रेड कार्पेट पर सजेंगे ये भारतीय सितारे
इस साल आलिया भट्ट लॉरियल पेरिस की तरफ से रेड कार्पेट पर नजर आएंगी। ऐश्वर्या राय भी अपनी परंपरा को निभाते हुए कान्स में शामिल होंगी।
इनके अलावा अदिति राव हैदरी और मौनी रॉय भी अपनी चमक बिखेरेंगी। तारा सुतारिया इस साल कान्स में अपना डेब्यू करने के लिए तैयार हैं।
मराठी सिनेमा के दिग्गज अशोक सराफ भी इस साल कान्स का हिस्सा बनेंगे। भारत की ओर से आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट के तौर पर जा रहे हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय सितारे अपने लुक से क्या कमाल करते हैं। हर साल की तरह इस बार भी उनके आउटफिट्स की चर्चा रहेगी।
सिनेमा का महापर्व और भारत की बढ़ती धमक
कान्स 2026 भारतीय सिनेमा के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। रीजनल फिल्मों को मिल रहा मंच यह बताता है कि हमारा कंटेंट मजबूत है।
भाषा की दीवारें अब टूट रही हैं और ग्लोबल दर्शक हमें पसंद कर रहे हैं। कान्स जैसा मंच हमारी कहानियों को पूरी दुनिया तक पहुंचाता है।
अगले कुछ दिनों तक पूरी दुनिया की नजरें फ्रांस के इस शहर पर होंगी। भारत के लिए यह अपनी कलात्मक विरासत को दिखाने का बेहतरीन मौका है।
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