राहुल गांधी की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विपक्ष, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 11 नेता बने याचिकाकर्ता
सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष ने निकाला मार्च
याचिका दायर करने से पहले विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने मार्च की अगुवाई की। इसमें कांग्रेस और राजद के नेताओं के साथ अखिलेश यादव भी शामिल हुए थे।
मार्च से पहले राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्टीट किया था। उन्होंने इस मार्च को शिव की बारात बताया था। साथ ही ज्यादा से ज्यादा लोगों को शामिल होने की अपील की थी। मार्च के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी को हटाने की बात कही थी। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकतंत्र की रक्षा को राजनीति से ऊपर बताया। उन्होंने वोट देने के अधिकार पर भी चिंता जताई।
याचिका में शामिल 11 विपक्षी नेताओं की लिस्ट
| क्रमांक | नेता का नाम | पार्टी |
|---|---|---|
| 1 | राहुल गांधी | कांग्रेस (INC) |
| 2 | मल्लिकार्जुन खड़गे | कांग्रेस (INC) |
| 3 | सौगत राय | तृणमूल कांग्रेस (TMC) |
| 4 | अखिलेश यादव | समाजवादी पार्टी (SP) |
| 5 | तेजस्वी प्रसाद यादव | राष्ट्रीय जनता दल (RJD) |
| 6 | संजय राउत | शिवसेना (UBT) |
| 7 | एम. ए. बेबी | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) |
| 8 | डी. राजा | भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) |
| 9 | महुआ माझी | झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) |
| 10 | सुप्रिया सुले | राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) (NCP-SP) |
| 11 | ई. टी. मोहम्मद बशीर | इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) |
बस और ट्रक से पहुंचे विपक्षी नेता
मार्च के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंचे। वहां इंडिया ब्लॉक के दूसरे नेता भी मौजूद थे। इसके बाद नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च शुरू किया।
कुछ विपक्षी नेता ट्रक पर सवार होकर आगे बढ़े। इस दौरान राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव भी थे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और दीपेंद्र हुड्डा भी ट्रक पर मौजूद थे। राहुल और प्रियंका गांधी ने समर्थकों के साथ पैदल मार्च भी किया।
CJI सूर्यकांत ने मिलने से क्यों किया इनकार?
इससे पहले 11 अक्टूबर यानी रविवार को विपक्षी नेताओं ने CJI सूर्यकांत से मिलने का समय मांगा था। लेकिन CJI ने उनसे मुलाकात करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने नेताओं से अपनी मांगों को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल करने को कहा था।
वहीं, सोमवार को CJI ने इस फैसले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मुलाकात के अनुरोध वाला पत्र उन्हें रविवार को मिला था। उन्होंने उसी रात जवाब भेजकर मिलने में असमर्थता के कारण बताए थे।
सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई ने कहा
CJI सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। आम नागरिक और निर्वाचित प्रतिनिधि, दोनों कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं। कोर्ट लोगों की चिंताओं को सुनेगी। कानून के मुताबिक, उचित कार्रवाई भी की जाएगी।
33 लाख में से 20 लाख मामलों का समाधान
दूसरी तरफ दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान करीब 33 लाख मैपिंग से जुड़ी समस्या सामने आई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) दिल्ली के मुताबिक, इनमें से करीब 20 लाख मामलों का समाधान किया जा चुका है। निर्वाचन कार्यालय ने इन समस्याओं को दूर करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया था। अधिकारी ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को कोई शिकायत है, तो वह संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।
शिकायत के लिए इन अधिकारियों से संपर्क करें
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली में मतदाता शिकायत के लिए BLO से संपर्क कर सकते हैं। दिल्ली में 14 हजार 947 बूथ लेवल ऑफिसर तैनात हैं। इसके अलावा 902 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) भी मदद के लिए उपलब्ध हैं। मतदाता 70 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) से भी संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली में 13 जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) भी तैनात हैं। जरूरत पड़ने पर मतदाता मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं।
FAQs
- विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च क्यों निकाला?
विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च लोकतंत्र की रक्षा और वोट देने के अधिकार के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए निकाला, जिसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अगुवाई में कई विपक्षी नेता शामिल हुए। - CJI सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से मिलने से क्यों इनकार किया?
CJI सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार किया,क्योंकि उन्होंने बताया कि उन्हें मुलाकात के अनुरोध वाला पत्र रविवार को मिला था और उन्होंने उसी रात जवाब भेजकर मिलने में असमर्थता के कारण बताए थे। - मार्च में शामिल विपक्षी नेताओं की मुख्य हस्तियां कौन-कौन थीं?
मार्च में मुख्य विपक्षी नेताओं में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, और तेजस्वी यादव जैसे कई प्रमुख नेता शामिल थे।