Census 2027: पहले चरण में 33 सवालों के साथ होगी जनगणना, यह भी पूछेंगे- आपके घर रेडियो है?

Aman Vaishnav | Jan 23, 2026, 12:51 IST
Census 2027 phase 1 33 questions
जनगणना 2027 का पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2027 तक चलेगा। इसमें 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें घर की निर्माण सामग्री से लेकर मुख्य आय के स्रोत तक का डेटा लिया जाएगा। ये डिजिटल सेंसस का पहला साल होगा। इन सवालों में SC-ST की जानकारी भी शामिल होगी।

News In short

  • Census 2027 का पहला चरण अप्रैल 2027 से सितंबर 2027 तक होगा।
  • इसमें कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिसमें घर की सामग्री, जल स्रोत, शौचालय आदि शामिल हैं।
  • यह पहला डिजिटल सेंसस होगा, जिसमें जाति की गणना की जाएगी।
  • लोग खुद से अपनी जानकारी पोर्टल के माध्यम से दे सकेंगे।
  • प्री-टेस्ट अक्टूबर-नवंबर 2025 में हुआ था, जिसमें 35 सवालों की टेस्टिंग की गई थी।

सेंसस 2027: नए बदलाव और डिजिटल प्रक्रिया की शुरुआत

भारत सरकार ने 2027 के जनगणना के पहले चरण के लिए 33 सवालों का एलान किया है। यह सेंसस का पहला डिजिटल संस्करण होगा। इसके अलावा, लोग स्वयं अपनी जानकारी पोर्टल के माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। यह प्रक्रिया 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2027 तक चलेगी।



इस पहले चरण में लोगों से उनके घरों की सामग्री, शौचालय की स्थिति, पानी का स्रोत, घर के उपयोग और अन्य जानकारी ली जाएगी। नए बदलावों में सेंससघरों के निर्माण की सामग्री को लेकर अलग-अलग सवाल पूछेगा, जैसे कि दीवार, छत और फर्श की सामग्री।



पूछेंगे आपके घर रेडियो है क्या?

सरकार द्वारा जो राजपत्र जारी किया गया है, उसका सवाल नंबर 25 संभवत: बहुत पुराना है। सवाल पूछा गया है कि आपके घर रेडियो या ट्रांजिस्टर है क्या? जाहिर है रेडियो या ट्रांजिस्टर अब बीते जमाने की बात हो चली है। ऐसे में इस तरह के सवाल का औचित्य समझ से परे है।



Census 2027


जाति जनगणना कब से होगी?

जनगणना के दूसरे चरण में, यानी 'जनसंख्या गणना' में जाति से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे, जिसे फरवरी 2027 में किया जाएगा। हालांकि, इस चरण के सवालों की घोषणा अभी नहीं की गई है।



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जनगणना की तैयारी

जनगणना के पहले चरण की तैयारी अक्टूबर 2025 में की गई थी। इसमें 35 सवालों की टेस्टिंग की गई थी, जैसे कि घर की सामग्री, जल स्रोत, शादीशुदा जोड़ों की संख्या और अन्य।



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सेंसस 2027 का डिजिटल रूप

यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह से डिजिटल तरीके से होगी। इसमें करीब 30 लाख कर्मचारी अपने व्यक्तिगत मोबाइल फोन से डेटा इकट्ठा करेंगे। इन कर्मचारियों को इसके लिए उचित मानदेय दिया जाएगा।



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2011 के आंकड़ों की तुलना

पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। तब देश की कुल जनसंख्या 121 करोड़ दर्ज की गई थी। इसमें पुरुषों की आबादी 62 करोड़ (51.54%) थी। महिलाओं की संख्या 58 करोड़ (48.46%) के करीब थी। अब नई जनगणना के जरिए 15 साल बाद सटीक आंकड़े सामने आएंगे। कैबिनेट की समिति ने पिछले साल ही जातिगत गणना को मंजूरी दी थी।



निष्कर्ष

इस खबर का निष्कर्ष यह है कि कोविड-19 के कारण पांच साल की देरी के बाद अब देश की नई जनगणना का रास्ता साफ हो गया है। इसकी प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से दो चरणों में शुरू होगी। गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस शेड्यूल की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूरी तरह डिजिटल होना है।



मोबाइल ऐप और स्व-गणना (self-enumeration) जैसे आधुनिक विकल्पों के साथ 30 लाख कर्मचारियों की मदद से होगी।



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