केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड जारी, पीएम मोदी नंबर-1 पर

Amresh Kushwaha | Aug 20, 2026, 14:02 IST
केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड जारी
केंद्र सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों का सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड जारी किया है। इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक पर परफॉर्मेंस के आधार पर रैंकिंग बनी है। पीएम मोदी इसमें पहले स्थान पर हैं। मंत्रियों को एक्टिविटी बढ़ाने के निर्देश मिले हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • केंद्र सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों का डिजिटल रिपोर्ट कार्ड जारी किया है।
  • यह रिपोर्ट 1 मई से 15 अगस्त 2026 तक की एक्टिविटी पर आधारित है।
  • इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक तीनों प्लेटफॉर्म को शामिल किया गया है।
  • इस रैंकिंग में पीएम नरेंद्र मोदी पहले स्थान पर हैं।
  • सभी मंत्रियों को सोशल मीडिया एक्टिविटी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है यह रिपोर्ट कार्ड

केंद्र सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों की सोशल मीडिया परफॉर्मेंस का ब्योरा तैयार किया। इसमें पिछले साढ़े तीन महीने की एक्टिविटी को आधार बनाया गया है। यह अवधि 1 मई 2026 से 15 अगस्त 2026 तक की है।



इस दौरान मंत्रियों की इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक पर मौजूदगी को परखा गया। इसी आधार पर हर मंत्री की ओवरऑल परफॉर्मेंस रैंकिंग तैयार हुई। सूत्रों के मुताबिक इस रैंकिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले स्थान पर रहे हैं।



रैंकिंग किन आधारों पर बनी

यह रिपोर्ट सिर्फ केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के बीच की तुलना नहीं है। रैंकिंग तैयार करते समय देश के बड़े और जमीनी स्तर के नेताओं के सोशल मीडिया ट्रैक्शन को भी आधार बनाया गया। जिस नेता को सबसे ज्यादा जनसमर्थन और प्रतिक्रिया मिली, उसी हिसाब से यह रिपोर्ट बनी है। रैंकिंग के लिए कई पॉइंट्स पर ध्यान दिया गया।



इनमें रोजाना की जाने वाली औसत पोस्ट की संख्या शामिल है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कुल इंगेजमेंट को भी देखा गया। हर पोस्ट पर मिलने वाला औसत इंगेजमेंट भी अहम पैमाना रहा। पोस्ट पर आए कुल लाइक्स और औसत लाइक्स की गिनती भी हुई। तीनों प्लेटफॉर्म पर फॉलोअर्स की कुल संख्या को भी शामिल किया गया।



किन नेताओं को मिले गुड मार्क्स

रिपोर्ट कार्ड में सिर्फ केंद्रीय मंत्रियों की आपसी तुलना नहीं हुई। विपक्ष के कई बड़े नेताओं की सोशल मीडिया परफॉर्मेंस को भी रैंकिंग में शामिल किया गया। सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे ऊपर रहे। उनके अलावा अमित शाह और योगी आदित्यनाथ भी आगे की रैंकिंग में रहे। कंगना रनौत और नितिन गडकरी का प्रदर्शन भी बेहतर माना गया। विपक्षी नेताओं में राहुल गांधी टॉप रैंकिंग वाले नेताओं में शामिल रहे। इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी और अरविंद केजरीवाल का नाम भी सूची में आया।



मंत्रियों को मिले निर्देश

रिपोर्ट सामने आने के बाद सभी मंत्रियों को साफ निर्देश दिए गए हैं। उनसे कहा गया है कि वे सिर्फ सूचनाएं शेयर करने तक सीमित न रहें। इसके बजाय उन्हें पोस्ट और इंगेजमेंट दोनों बढ़ाने को कहा गया है। साथ ही जनता के साथ सार्थक बातचीत पर भी जोर देने की सलाह दी गई है।



सरकार इस डिजिटल परफॉर्मेंस रिपोर्ट को काफी अहम मान रही है। इसे जनता से सीधे संवाद और सरकारी योजनाओं की पहुंच मापने का जरिया बताया जा रहा है। यह कवायद आने वाले समय में संभावित कैबिनेट फेरबदल के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।



जेन-जी को जोड़ने की कोशिश

हाल ही में जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद सरकार युवाओं और जेन-जी यानी जनरेशन-जेड से जुड़ने पर ज्यादा ध्यान दे रही है। इसके लिए पीएम मोदी और उनकी सरकार ने डिजिटल कम्युनिकेशन रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब भारी-भरकम राजनीतिक बयानों की जगह छोटी रील्स को तरजीह दी जा रही है।



कैजुअल स्टाइल और क्रिएटर फॉर्मेट वाले वीडियो पर भी जोर बढ़ाया गया है। मंत्रियों और विभागों से लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर रील्स बनाने को कहा गया है। इसी कड़ी में विदेश मंत्रालय ने 7 अगस्त को स्नैपचैट पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने का ऐलान किया।



अब यूनिवर्सिटी जाएंगे मंत्री

कैबिनेट बैठक में एक और अहम फैसला लिया गया है। तय हुआ कि केंद्र सरकार के मंत्री अब विश्वविद्यालयों का दौरा करेंगे। इसका मकसद युवाओं तक सीधी पहुंच बढ़ाना है। योजना के तहत हर दिन एक मंत्री किसी न किसी यूनिवर्सिटी जाएगा।



वहां वे छात्रों के साथ सीधी बातचीत करेंगे। इसमें शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं के साथ जुड़ाव बढ़ेगा। साथ ही उनकी समस्याओं को करीब से समझने का मौका भी मिलेगा।



आगे क्या होगा असर

यह रिपोर्ट कार्ड हर मंत्री को व्यक्तिगत तौर पर सौंपा गया है। इससे मंत्री खुद अपनी सोशल मीडिया परफॉर्मेंस को दूसरे नेताओं से तुलना कर सकते हैं। आने वाले महीनों में मंत्रियों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।



सरकार का फोकस अब पारंपरिक प्रचार से हटकर डिजिटल माध्यमों पर ज्यादा दिख रहा है। खासकर युवा वर्ग तक पहुंच बनाना सरकार की प्राथमिकता बन गया है। आने वाले समय में मंत्रियों की सोशल मीडिया गतिविधियों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।



यह खबर क्यों जरूरी है

लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों का जनता से सीधा संवाद बेहद जरूरी माना जाता है। सोशल मीडिया आज सरकारी नीतियों और योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का बड़ा माध्यम बन चुका है। ऐसे में मंत्रियों की डिजिटल सक्रियता का आकलन जनता के हित से जुड़ा विषय है। यह खबर बताती है कि सरकार युवाओं और जेन-जी तक पहुंचने के लिए क्या कदम उठा रही है।



विपक्षी नेताओं की भी रैंकिंग में मौजूदगी दिखाती है कि यह आकलन निष्पक्ष तरीके से किया गया। संविधान हर नागरिक को अभिव्यक्ति और सूचना पाने का अधिकार देता है। इसलिए मंत्रियों की सार्वजनिक गतिविधियों की जानकारी जनता तक पहुंचना पारदर्शिता के लिहाज से जरूरी है।



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