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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, असम से पटना तक उग्र प्रदर्शन
Sept 25, 2026, 15:34 IST

Synopsis: हाल ही में SIR को लेकर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट में सामने आई बातों के बाद यह मामला और ज्यादा तूल पकड़ चुका है। अब यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इससे जुड़ी हर अपडेट के लिए हमारे लाइव ब्लॉग से जुड़े रहिए।

Sept 25, 2026, 15:34 IST
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दल देशभर में सड़कों पर उतर आए हैं।

पटना और चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल करना पड़ा। वहीं असम के गुवाहाटी में विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई सहित कई दिग्गज नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर और जंतर-मंतर के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात रहा, जबकि मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्यों में भी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया।

Sept 25, 2026, 15:06 IST
चुनाव आयोग पर क्या आरोप लग रहे हैं

चुनाव आयोग को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की। अखबार ने अपनी जांच के आधार पर दावा किया कि चुनाव आयोग के अंदर कुछ मुद्दों को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों चुनाव आयुक्तों के बीच कई मामलों में मतभेद सामने आए हैं। इसमें दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।

अखबार का कहना है कि ये आपत्तियां खासतौर पर SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया से जुड़ी थीं। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए फैसले लिए गए।

रिपोर्ट में गोवा का एक उदाहरण भी दिया गया है। इसमें कहा गया है कि 97 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में दोबारा जोड़ने के लिए वहां के चुनाव अधिकारी ने सात दिनों में आठ ईमेल भेजे थे। इसके बावजूद उन मतदाताओं के नाम अब तक सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।

हालांकि, चुनाव आयोग ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में उठाए गए इन सवालों को अब तक खारिज नहीं किया है।