23 देशों में फैला कोविड का नया वैरिएंट Cicada, बच्चों को ज्यादा खतरा
News In Short
- Covid-19 का एक नया और बहुत ज्यादा म्यूटेटेड वैरिएंट सामने आया है जिसका नाम सिकाडा दिया गया है।
- इसे आधिकारिक रूप से BA.3.2 कहा जाता है। यह अब तक 23 देशों में पाया जा चुका है।
- WHO (World Health Organization) यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन इस पर नजर रखे हुए है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि यह बड़ों की तुलना में बच्चों को ज्यादा प्रभावित कर सकता है।
- हालांकि अभी तक इसके बाकी वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक होने का कोई सबूत नहीं है।
News In Detail
Cicada वैरिएंट क्या है और नाम कैसे पड़ा
इस वैरिएंट का नाम Cicada कीड़े के नाम पर रखा गया है। यह कीड़ा लंबे समय तक जमीन के अंदर सुप्त पड़ा रहता है और फिर अचानक बाहर आता है। BA.3.2 वैरिएंट के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। यह पहली बार नवंबर 2024 में साउथ अफ्रीका में मिला था। लेकिन सितंबर 2025 तक इससे जुड़े मामले नहीं बढ़े थे।
फिर पिछले कुछ समय में अमेरिका के CDC (Centers for Disease Control and Prevention) यानी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने 25 राज्यों में इसकी मौजूदगी की पुष्टि की।
यह अमेरिका, हांगकांग, मोजांबिक और ब्रिटेन समेत 23 देशों में पाया गया है। चार यात्रियों के नाक के सैंपल, पांच मरीजों के क्लिनिकल सैंपल और 132 वेस्टवॉटर सैंपल में यह मिला है।
बच्चों को क्यों ज्यादा खतरा
कोविड वैरिएंट (कोरोना वायरस) रिसर्चर रयान हिस्नर ने न्यूयॉर्क के मामलों का डेटा विश्लेषण करके पाया कि, बड़ों की तुलना में बच्चों के BA.3.2 टेस्ट में पॉजिटिव होने की आशंका ज्यादा है।
CITIID के प्रोफेसर रवींद्र गुप्ता कहते हैं कि बच्चों में बड़ों की तुलना में इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बच्चों ने अभी तक बहुत कम वायरस और कोविड संक्रमण देखे हैं, इसलिए उनका इम्यून सिस्टम परिपक्व नहीं होता।
एंटीबॉडी बनाने वाली ग्रंथियां वर्षों में परिपक्व होती हैं और बच्चों में यह प्रक्रिया अभी चल रही होती है। इसके अलावा कुछ शोधकर्ताओं का कहना है कि Cicada में एक अत्यधिक बदला हुआ प्रोटीन है जिसका बच्चों में ज्यादा संक्रमण से संबंध हो सकता है। प्रोफेसर गुप्ता और उनकी टीम इस पर और शोध कर रही है।
लक्षण क्या हैं
अच्छी खबर यह है कि Cicada के लक्षण बाकी कोविड वैरिएंट जैसे ही हैं। University of East Anglia के महामारी विशेषज्ञ प्रोफेसर पॉल हंटर कहते हैं कि, ऐसे कोई खास लक्षण नहीं हैं जो इसे अलग बनाते हों।
बुखार, खांसी, गले में खराश, थकान, सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ और दस्त जैसे सामान्य कोविड लक्षण इसमें भी देखे जाते हैं।
University of Reading के वायरोलॉजिस्ट इयान जोन्स बताते हैं कि, वायरस उन्हीं कोशिकाओं को निशाना बनाता है, इसलिए लक्षण लगभग एक जैसे रहते हैं।
इतना म्यूटेटेड क्यों है
कोविड-19 एक RNA वायरस है जो बहुत तेजी से बदलता है। US CDC ने BA.3.2 को बेहद अलग बताया है। यानी यह मूल ओमीक्रॉन स्ट्रेन से काफी अलग हो चुका है।
इन म्यूटेशन की वजह से इम्यून सिस्टम इस वायरस को पहचानने में चूक सकता है। जोन्स के मुताबिक वायरस एंटीबॉडी को चकमा देते हुए धीरे-धीरे फैल रहा है।
वैक्सीन कितनी कारगर रहेगी
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा कोविड टीके Cicada के खिलाफ कम असरदार हो सकते हैं। लेकिन पुरानी वैक्सीन भी कुछ हद तक सुरक्षा देती रहेगी। जोन्स कहते हैं कि आप संक्रमित हो सकते हैं लेकिन संक्रमण हल्का रहेगा।
WHO के अनुसार अब तक दुनिया की 67 फीसदी आबादी को कोविड का टीका लग चुका है। नई वैक्सीन तभी बनेगी जब मामलों की संख्या और गंभीरता तेजी से बढ़ेगी।
घबराने की जरूरत नहीं
प्रोफेसर हंटर का कहना है कि जब तक इस धरती पर इंसान रहेगा, कोविड के नए वैरिएंट आते रहेंगे। SARS-CoV-2 शायद कभी पूरी तरह खत्म न हो। लेकिन नए वैरिएंट के आने का मतलब यह नहीं कि मौतें या गंभीर मामले भी बढ़ेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे भी गंभीर बीमारियों में कमी आती रहेगी।
यह खबर क्यों जरूरी है
भारत में बच्चों की बड़ी आबादी को देखते हुए Cicada वैरिएंट की जानकारी होना जरूरी है। WHO की निगरानी सूची में आना इस वैरिएंट को गंभीरता से लेने की वजह देता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत राज्य की जिम्मेदारी है।
सही जानकारी से ही अफवाहों और अनावश्यक भय से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सावधानी जरूरी है लेकिन घबराहट नहीं।
FAQ
- Cicada कोविड वैरिएंट क्या है और यह कहां-कहां मिला है?
Cicada कोविड-19 का एक नया अत्यधिक म्यूटेटेड वैरिएंट है जिसे आधिकारिक रूप से BA.3.2 कहा जाता है। इसका नाम Cicada कीड़े के नाम पर रखा गया है जो लंबे समय तक सुप्त रहता है। यह पहली बार नवंबर 2024 में साउथ अफ्रीका में पाया गया था। अब यह अमेरिका, हांगकांग, मोजांबिक, ब्रिटेन समेत 23 देशों में मिल चुका है। World Health Organization इसे निगरानी सूची में रखे हुए है। - Cicada वैरिएंट के लक्षण क्या हैं और क्या यह ज्यादा खतरनाक है?
अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि Cicada बाकी कोविड वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक है। इसके लक्षण भी सामान्य कोविड जैसे ही हैं, जैसे बुखार, खांसी, गले में खराश, थकान, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ। विशेषज्ञों के मुताबिक वायरस उन्हीं कोशिकाओं को निशाना बनाता है इसलिए लक्षण लगभग एक जैसे रहते हैं। - Cicada वैरिएंट से बच्चों को ज्यादा खतरा क्यों है?
कोविड वैरिएंट रिसर्चर रयान हिस्नर के डेटा विश्लेषण के अनुसार बड़ों की तुलना में बच्चों के BA.3.2 में पॉजिटिव होने की आशंका ज्यादा है। प्रोफेसर रवींद्र गुप्ता के मुताबिक बच्चों का इम्यून सिस्टम अभी विकसित हो रहा होता है। उन्होंने कम वायरस और संक्रमण देखे होते हैं इसलिए उनमें प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसके अलावा Cicada में एक अत्यधिक बदला हुआ प्रोटीन है जो बच्चों में संक्रमण से जुड़ा हो सकता है।
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