लंदन में CJI सूर्यकांत के कार्यक्रम में हंगामा, भड़का भारतीय दूतावास
समझें क्या है पूरा मामला
- लंदन की एक यूनिवर्सिटी में भारत के मुख्य न्यायाधीश के कार्यक्रम में हंगामा हुआ।
- कुछ लोगों ने भारत में असहमति की आवाज दबाने पर तीखे सवाल पूछे।
- इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत के एक पुराने बयान का भी जिक्र किया गया।
- भारतीय उच्चायोग ने दर्शकों के इस रवैए को पूरी तरह अशिष्ट बताया है।
- मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत इन दिनों ब्रिटेन के छह दिवसीय दौरे पर गए हैं।
लंदन की एक प्रेस्टीजियस यूनिवर्सिटी में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के कार्यक्रम में जमकर हंगामा हुआ। यहां एक लेक्चर के दौरान कुछ लोगों ने अचानक तीखे सवाल पूछने शुरू कर दिए। इन लोगों ने भारत में असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया। इस बात को लेकर वहां तीखी बहस छिड़ गई।
लंदन में मौजूद भारतीय उच्चायोग ने इस पूरी घटना पर बहुत सख्त रुख अपनाया है। उच्चायोग (High Commission) ने दर्शकों के इस बर्ताव को पूरी तरह अमर्यादित और अशिष्ट बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी सार्वजनिक मंच पर ऐसी अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बातचीत हमेशा सम्मानजनक दायरे में होनी चाहिए।
CJI सूर्यकांत ब्रिटेन के 6 दिवसीय दौरे पर
दरअसल, चीफ जस्टिस सूर्यकांत इन दिनों ब्रिटेन के छह दिवसीय दौरे पर हैं। न्यूज एजेंसी के मुताबिक यह घटना यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के बर्कबेक कॉलेज में हुई। वहां सीजेआई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेशनल लॉ विषय पर भाषण दे रहे थे। उनका भाषण खत्म होते ही माहौल अचानक बदल गया।
भाषण के बाद जब सवाल-जवाब का दौर शुरू हुआ, तब माहौल तनावपूर्ण हो गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक व्यक्ति लोकतंत्र को लेकर सवाल उठा रहा है। इस दौरान उसने सीजेआई की पुरानी कॉकरोच टिप्पणी का भी जिक्र किया। हालांकि, वहां मौजूद मॉडरेटर ने तुरंत उस व्यक्ति को बीच में ही रोक दिया।
कार्यक्रम के मॉडरेटर ने कहा कि यह सवाल आज के मुख्य विषय से अलग है। इस दखल के बाद कुछ देर के लिए वहां बहस और तेज हो गई। भारतीय उच्चायोग ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में मतभेद होना स्वाभाविक बात है। लेकिन अपनी बात रखने का तरीका हमेशा सभ्य और शालीन होना चाहिए।
तकनीक पर क्या बोले CJI सूर्यकांत
इस पूरे विवाद से पहले सीजेआई सूर्यकांत ने तकनीक पर बात की थी। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी अपने आप में अच्छी या बुरी नहीं होती है। इसका परिणाम इस बात पर तय होता है कि समाज इसका कैसे इस्तेमाल करता है। कानून का काम किसी भी नई तकनीक का रास्ता रोकना बिल्कुल नहीं है।
सीजेआई ने कहा कि तकनीकी ताकत हमेशा संवैधानिक मूल्यों के दायरे में रहनी चाहिए। इसे हमेशा मानवीय गरिमा के प्रति जवाबदेह बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस हंगामे के बाद भी चीफ जस्टिस ब्रिटेन में अपने तय कार्यक्रमों में लगातार हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने एक अन्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को भी संबोधित किया।
भारतीय हाई कमीशन ने घटना की निंदा की
यूनाइटेड किंगडम में भारतीय हाई कमीशन ने इस हंगामे की आलोचना की। साथ ही इसमें शामिल लोगों के व्यवहार को अनुचित बताया। शुक्रवार को जारी एक बयान में, हाई कमीशन ने कहा कि 4 जून के इवेंट में लेक्चर के बाद अच्छी चर्चा हुई थी। लेकिन फिर एक व्यक्ति ने कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश की।
बयान में कहा गया, इस तरह का अशोभनीय व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और यह सार्वजनिक बातचीत में जरूरी सम्मानजनक व्यवहार के खिलाफ है। लोकतांत्रिक समाज में विचारों का अलग-अलग होना स्वाभाविक है। हालांकि, उन्हें सभ्य और सम्मानजनक तरीके से व्यक्त किया जाना चाहिए।
FAQ
- लंदन में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के कार्यक्रम में हंगामा क्यों हुआ?
चीफ जस्टिस सूर्यकांत लंदन के बर्कबेक कॉलेज में भाषण दे रहे थे। भाषण के बाद सवाल-जवाब के दौरान कुछ दर्शकों ने भारत में असहमति की आवाज और उनके पुराने बयानों को लेकर तीखे सवाल पूछे। विषय से अलग सवाल होने के कारण जब उन्हें रोका गया, तो वहां बहस और हंगामा शुरू हो गया।
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