जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाए प्रदर्शनकारी, CJP कल फिर करेगा कूच, मेट्रो बैन पर रविवार को सुनवाई

Sandeep Kumar | Oct 10, 2026, 23:19 IST
जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाए प्रदर्शनकारी।
कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर प्रदर्शन में पुलिस की सख्ती से समर्थक नहीं पहुंच सके। दरअसल पुलिस ने CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को सुबह एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया था। बताया जा रहा दीपके को पुलिस ने उनके दादी के निधन के कारण रिहा कर दिया है। वहीं दिल्ली में मेट्रो बैन को लेकर सुप्रीम कोर्ट रविवार को सुनवाई करेगा।

कल फिर जंतर-मंतर मार्च की तैयारी

सीजेपी ने कल यानी 11 अक्टूबर को फिर से जंतर-मंतर मार्च का ऐलान किया है। आज की हिरासतों के बाद क्या कल का मार्च अलग दिखेगा? हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार के प्रदर्शन को आधी जीत बताया है। पार्टी ने पुलिस कार्रवाई और नेताओं की हिरासत के बावजूद आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। CJP रविवार को फिर प्रदर्शन करेगी।



जंतर-मंतर की राह आसान नहीं

कई जगह 3 से 5 परत की बैरिकेडिंग (रास्ता रोकने वाली रुकावट) लगाई गई। इस CJP protest के समर्थकों को इन्हीं रुकावटों पर रोका गया। नतीजा यह कि जंतर मंतर (Jantar Mantar) तक पहुंचना आसान नहीं रहा।



221 कंपनियां और 15 हजार पुलिसकर्मी

पुलिस की तैयारी भी बड़ी थी। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 221 कंपनियां बुलाई गईं। ये 8 से 12 अक्टूबर के लिए हैं। यानी करीब 23 हजार जवान। औसतन हर कंपनी में 100 से कुछ ज्यादा जवान।



दिल्ली पुलिस के कम से कम 15 हजार कर्मियों की तैनाती की योजना बनी। दोनों को जोड़ें तो आंकड़ा 38 हजार के आसपास पहुंचता है। खबर में भी 38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात बताए गए हैं।



सुप्रीम कोर्ट सुनवाई में क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) रविवार को एक याचिका पर सुनवाई करेगा। इस सुप्रीम कोर्ट सुनवाई में मेट्रो-ट्रेन सेवाओं पर पूरी रोक का मामला है। आदेश की कथित अनदेखी का आरोप है। याचिका में अधिकारियों पर अवमानना (कोर्ट आदेश की अवहेलना) कार्रवाई की मांग है। सवाल सिर्फ पुलिस का नहीं है। मेट्रो बैन का भी है। क्या सुनवाई से तस्वीर साफ होगी?



प्रशांत किशोर बोले, सरकार डरी हुई है

किशोर का 40,000 का आंकड़ा उनका अपना बयान है। खबर में तैनाती का आंकड़ा 38 हजार से ज्यादा बताया गया है। सरकार की तरफ से इस पर प्रतिक्रिया इस खबर में शामिल नहीं है।



तीन नेता एयरपोर्ट पर हिरासत में

शनिवार सुबह ही अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका हिरासत में ले लिए गए थे। जगह थी एयरपोर्ट। ये तीनों कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता हैं। हिरासत यानी पुलिस किसी को कुछ समय अपने नियंत्रण में रखती है। इसमें गिरफ्तारी जैसी औपचारिक कार्रवाई जरूरी नहीं होती। पार्टी ने सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर जुटने का आह्वान किया था।



दीपके को किया गया रिहा

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव निवासी 85 वर्षीय सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का शनिवार सुबह निधन हो गया। वह पुलिस हिरासत में मौजूद अभिजीत दीपके की दादी थीं। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मानवीय आधार पर अभिजीत को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए घर जाने की इजाजत दे दी और उसे गृह नगर पहुंचाने में मदद की पेशकश भी की।



ममता बनर्जी रिहा, मुंबई में 600 हिरासत

ममता बनर्जी रिहा हो गई हैं। उन्हें आज प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया। मुंबई में भी अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन हुए। करीब 600 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए। पुलिस के मुताबिक सभी को बाद में रिहा कर दिया गया। नाना चौक पर करीब 400 लोग हिरासत में थे। वहां लगभग 500 पुलिसकर्मी तैनात थे। पुलिस के अनुसार एफआईआर (FIR) दर्ज करना जारी है। यानी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पर काम चल रहा है।



मतदाता सूची गड़बड़ी पर क्या मांग?

अब जरा पीछे चलते हैं। कॉकरोच जनता पार्टी ने यह प्रदर्शन क्यों बुलाया था? पार्टी का विरोध SIR voter list में कथित गड़बड़ियों को लेकर है। एसआईआर (sir) और मतदाता सूची गड़बड़ी पर पार्टी की मांग साफ है। ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, यानी मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) पद छोड़ें। खबर के मुताबिक यही मांग लेकर पार्टी ने प्रदर्शन का आह्वान किया था। ये आरोप कथित हैं और खबर में इनकी जांच का कोई ब्योरा नहीं है।

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