अभिजीत दिपके का साथ देने सोनम वांगचुक पहुंचे जंतर-मंतर
समझें क्या है पूरा मामला
- पार्टी आज (6 जून) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने जा रही है।
- सोशल मीडिया की चर्चित कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने तीन प्रवक्ताओं के नाम घोषित किए।
- खोजी पत्रकार सौरव दास को इस अनोखे आंदोलन का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है।
- शोधकर्ता विजेता दहिया और आईआईटी के पूर्व छात्र आशुतोष रांका भी टीम में शामिल हैं।
- प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस डिजिटल अभियान को अपना समर्थन दिया।
सोनम वांगचुक पहुंचे जंतर-मंतर
सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पहुँच चुके हैं। वे यहाँ कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। परीक्षा में हुई बड़ी गड़बड़ियों को लेकर यह गुस्सा फूटा है।
छात्र और नेता सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जता रहे हैं। शिक्षा विभाग में सुधार के लिए यह प्रदर्शन किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लोग निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
इस आंदोलन से सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया है। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह आवाज़ उठाई गई है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को लेकर इस समय देश के युवाओं में भारी गुस्सा है। इसी कंट्रोवर्सी के बीच, आज यानी शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रोटेस्ट होने जा रहा है। यह धरना प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
इस आंदोलन में शामिल होने के लिए CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके खास तौर पर अमेरिका से दिल्ली पहुंच रहे हैं। उनके साथ सोनम वांगचुक और कई अन्य सोशल एक्टिविस्ट्स भी शामिल होंगे। सोशल मीडिया पर भी #PaperLeak ट्रेंड कर रहा है, जहां पीएम मोदी से शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने की अपील की गई है ताकि स्टूडेंट्स का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
किताब और तिरंगा लाना न भूलें...
NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली का सियासी पारा चढ़ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके शनिवार सुबह करीब 7:35 बजे अमेरिका के बोस्टन से दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पहुंचे। वो आज ही जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे, जहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के रेसिग्नेशन की मांग की जा रही है।
दिल्ली लैंड होते ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर समर्थकों से कहा, "किताब और तिरंगा लाना न भूलें। पुलिसकर्मियों को फूल भेंट करें और इस आंदोलन को प्रेम व शांति से आगे बढ़ाएं।" इस बड़े प्रदर्शन को मशहूर शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक का भी सपोर्ट मिला है, जिससे छात्रों का हौसला काफी बढ़ गया है।
मीडिया के सामने आए तीन नए चेहरे
सोशल मीडिया पर इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party - CJP) का जबरदस्त जलवा देखने को मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी ने बीते बुधवार को मीडिया कॉन्फ्रेंस की है। इसके साथ ही पार्टी ने आधिकारिक तौर पर अपने तीन नए प्रवक्ताओं (Spokespersons) के नामों का एलान कर दिया है।
पार्टी के ऑफिशियल एक्स (ट्विटर) हैंडल 'कॉकरोच इज बैक' (Cockroach is Back) के जरिए यह जानकारी दी गई है। पार्टी का कहना है कि यह नई पीढ़ी के नेताओं की टीम है जो भारत की राजनीतिक बहस को पूरी तरह बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। आइए जानते हैं कि इस टीम में कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।
पत्रकार सौरव दास बने मुख्य प्रवक्ता
पार्टी ने जाने-माने खोजी पत्रकार सौरव दास (Saurav Das) को अपना मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया है। सौरव दास को कानून, न्यायपालिका और सामाजिक नीतियों के क्षेत्र में रिपोर्टिंग का एक बहुत लंबा अनुभव है। उन्होंने कई सालों तक देश के अहम कानूनी और सामाजिक मुद्दों का गहराई से विश्लेषण किया है।
वे केवल एक पत्रकार ही नहीं, बल्कि एक एक्टिविस्ट भी रहे हैं। साल 2025 में दिल्ली के इंडिया गेट पर हुए बड़े प्रदूषण विरोधी आंदोलन का नेतृत्व करने वालों में सौरव दास भी शामिल थे। एक्स (X) पर उनके 90 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और युवा उनकी बातों को बहुत ध्यान से सुनते हैं।
लेखक विजेता दहिया और रणनीतिकार आशुतोष रांका भी टीम में शामिल
मुख्य प्रवक्ता के अलावा दो और युवा को इस टीम का हिस्सा बनाया गया है। इनमें पहला नाम विजेता दहिया (Vijeta Dahiya) का है। विजेता एक बेहतरीन लेखक, कंटेंट क्रिएटर्सऔर फिल्ममेकर हैं। उन्होंने 'पावर ऑफ यूनिवर्स' और 'टू हेल विद दैट जॉब' जैसी दो सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबें लिखी हैं। उन्होंने प्रतिष्ठित डीटीयू (DTU) से अपनी शिक्षा पूरी की है।
दूसरे प्रवक्ता आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) हैं, जो आईआईटी कानपुर और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पूर्व छात्र हैं। आशुतोष ने लंदन में मशहूर मैकिंज़ी कंपनी में रणनीतिक प्रबंधन सलाहकार के रूप में बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ काम किया है। पिछले साल भारत लौटकर उन्होंने जयपुर में नीट (NEET) पेपर लीक और पर्यावरण से जुड़े कई जन आंदोलनों का सफल नेतृत्व किया है।
सोनम वांगचुक का मिला समर्थन
इस डिजिटल आंदोलन को उस समय एक बहुत बड़ी ताकत मिली जब लद्दाख के प्रसिद्ध शिक्षाविद और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) भी इसके समर्थन में आगे आए। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सोनम वांगचुक ने साफ कहा कि यदि 5 जून तक देश के शिक्षा मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वे 6 जून को सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में खुद शामिल होंगे। उनके इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर युवाओं का जोश और ज्यादा बढ़ गया है।
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