10 हजार किमी में भारत से चीन तक छाया क्लाउड कॉरिडोर, जानें क्या है ये...
समझें क्या है पूरा मामला...
- भारत से चीन और दक्षिण कोरिया तक क्लाउड कॉरिडोर बन चुका है।
- इस कारण एशिया महाद्वीप में मानसून उग्र दिख रहा है।
- भारत में सामान्य से 170% से 180% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
- गुजरात इस तबाही का केंद्र बना हुआ है।
इस समय केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया महाद्वीप में मानसून का भयानक रूप देखने को मिल रहा है। शायद ही पहले कभी किसी ने मानसून का ऐसा रूप देखा गया हो।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भारत से लेकर चीन और दक्षिण कोरिया तक बादलों की एक विशालकाय और अटूट चादर बिछ गई है। उपग्रह से ली गई तस्वीरों ने दुनिया भर के विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है।
10 हजार किमी लंबा क्लाउड कॉरिडोर
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम भारत से शुरू होकर हिमालय की पहाड़ियों, चीन और दक्षिण कोरिया तक लगभग सात से 10 हजार किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में बादल पूरी तरह फैल चुके हैं। वैज्ञानिकों ने बादलों की इस अकल्पनीय और मजबूत बेल्ट को क्लाउड कॉरिडोर का नाम दिया है।
यह क्लाउड कॉरिडोर मानसून का सबसे ज्यादा सक्रिय और आक्रामक चरण है। जब बादलों की इतनी लंबी और चौड़ी पट्टी एक साथ बनती है, तो नमी का प्रवाह रुकता नहीं है।
भारत में इसी कॉरिडोर के सीधे असर के कारण पिछले दो दिनों में सामान्य से करीब 170 से 180 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
वलसाड में टूटा 24 साल का रिकॉर्ड
क्लाउड कॉरिडोर का सबसे खतरनाक असर इस समय भारत के गुजरात राज्य में देखने को मिल रहा है। दक्षिण गुजरात के वापी, वलसाड और नवसारी जिले जलप्रलय का सामना कर रहे हैं।
- उमरगाम (वलसाड): यहां महज 45 घंटे के भीतर 1,270 मिलीमीटर यानी 50 इंच बारिश हो चुकी है। इसने पिछले 24 सालों के बारिश के रिकॉर्ड को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है।
- सूरत और अहमदाबाद: सूरत के उमरपाड़ा में 10 घंटे के अंदर 388 मिमी (15.2 इंच) और अहमदाबाद में 12 घंटे में 280 मिमी (11 इंच) पानी गिरा है।
- डांग जिला: यहां 19 इंच बारिश होने से अंबिका और कावेरी नदियां रौद्र रूप ले चुकी हैं। बाढ़ जैसे हालात हैं।
22 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला
मूसलाधार बारिश से दो लोग पानी के बहाव में बह गए और उनकी जान चली गई। वहीं 600 से ज्यादा मुख्य सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा 20 से ज्यादा गांवों से संपर्क पूरी तरह कट चुका है।
इंटरनेट ठप होने से दूर-दराज के इलाकों में हताहतों का सही आंकड़ा भी नहीं मिल पा रहा है।
हालात को संभालते हुए सेना की दो कॉलम (टुकड़ियों) को नवसारी और वलसाड में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए लगाया गया है, जहां से 22 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
भोपाल में सीजन की आधी बारिश पूरी
इस वैश्विक बादलों के सिस्टम का असर मध्य प्रदेश में भी साफ नजर आ रहा है। भोपाल में बीते 24 घंटे में 1.75 इंच बारिश दर्ज की गई है।
इसके साथ ही भोपाल में अब तक कुल 20 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जो कि पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश का आधा कोटा है।
लगातार बारिश से भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़कर 1659.65 फीट तक पहुंच गया है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने चेताया है कि क्लाउड कॉरिडोर के प्रभाव से अगले दो दिनों तक भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल और ग्वालियर में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने वाली है।
FAQ
- क्लाउड कॉरिडोर क्या है?
यह पश्चिम भारत से हिमालय और चीन से दक्षिण कोरिया तक फैली बादलों की एक पट्टी है। यह करीब 7 से 10 हजार किमी लंबी है। मौसम वैज्ञानिक इसे मानसून का सबसे सक्रिय चरण मान रहे हैं। - भोपाल में मानसून का हाल कैसा है?
भोपाल में अब तक 20 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। यह पूरे सीजन की सामान्य बारिश का लगभग आधा है। अगले दो दिन और भारी बारिश की संभावना है।
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