इंडिया ब्लॉक में शामिल होगी कॉकरोच जनता पार्टी! एक नवंबर की रैली को समर्थन, कार्यकर्ताओं से मांगी राय
रामलीला मैदान में बड़ी रैली की तैयारी
रैली की तैयारियों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बैठक हुई। इसमें प्रियंका गांधी समेत गठबंधन के कई नेता शामिल हुए। बैठक में रैली की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा हुई।
कॉकरोच जनता पार्टी का क्या है रुख?
CJP नेता आशुतोष रांका के मुताबिक, पार्टी समर्थक इस रैली में शामिल हो सकते हैं। पार्टी ने इंडिया ब्लॉक में शामिल होने के संकेत भी दिए हैं। इस संबंध में कार्यकर्ताओं से फीडबैक मांगा गया है।
इंडिया ब्लॉक की रैली में कौन-कौन होगा शामिल?
इंडिया ब्लॉक की रैली में गठबंधन के कई दलों के नेता शामिल होने की तैयारी में हैं। विपक्षी दल अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को रैली से जोड़ने में जुटे हैं। रैली में कार्यकर्ताओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पब्लिक महाभियोग का कार्यक्रम
विपक्षी गठबंधन शुक्रवार को दिल्ली में पब्लिक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित करेगा। यह कार्यक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होगा। पहले कार्यक्रम के लिए दूसरी जगह अनुमति नहीं मिली थी। इसलिए अब इसे 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। इसका आयोजन 1 नवंबर की रैली से पहले किया जाएगा।
पब्लिक महाभियोग में जनता और राजनीतिक दल संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का विरोध करते हैं। इसके जरिए संबंधित व्यक्ति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाते हैं। साथ ही इस्तीफे की मांग को लेकर सार्वजनिक दबाव बनाया जाता है। यह संसद की औपचारिक महाभियोग प्रक्रिया से अलग है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों?
विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसके पीछे मतदाता सूची विवाद और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा है। विपक्ष SIR के तहत मतदाताओं के नाम काटे जाने का विरोध कर रहा है। इसी मुद्दे पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
मतदाता सूची विवाद की जड़ क्या है?
मतदाता सूची में नाम दर्ज होना मतदान करने की पहली शर्त है। इसलिए प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में सही तरीके से दर्ज होना जरूरी है। विपक्ष SIR प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगा रहा है। इस मुद्दे पर 6 से 13 अक्टूबर के बीच विपक्ष आठ बार प्रदर्शन कर चुका है।
कॉकरोच जनता पार्टी और वामपंथी दलों ने 10 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन बुलाया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। इस दौरान शहर में बैरिकेडिंग की गई और 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहे। इससे आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रिपोर्टों के मुताबिक, सात हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।
राहुल गांधी ने छात्र संगठनों से की अपील
राहुल गांधी ने गुरुवार को छात्र संगठनों से दिल्ली चलो मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने एक वीडियो जारी कर युवाओं से मार्च में आने को कहा। साथ ही पुलिस लाठीचार्ज की चिंता नहीं करने की बात भी कही। विपक्ष इस मार्च में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना चाहता है।
राहुल गांधी ने बताया मार्च का मकसद
राहुल गांधी के मुताबिक, यह किसी एक राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं है। उन्होंने इसे भारत की आत्मा और संविधान बचाने की लड़ाई बताया है। उनके अनुसार, मार्च का मुख्य उद्देश्य वोट चोरी रोकना है। राहुल ने लोकतंत्र पर हमले का विरोध करने वालों से भी मार्च में शामिल होने की अपील की। अब सवाल है कि चुनाव आयोग विपक्ष के इन आरोपों पर क्या जवाब देगा? मतदाता सूची विवाद को लेकर विपक्ष लगातार दबाव बना रहा है। ऐसे में 1 नवंबर की रैली पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।