बिना रुकावट मिलेगा LPG सिलेंडर: सरकार ने हटाई पाबंदी, होटल-उद्योगों को राहत

Jitendra Shrivastava | Jun 26, 2026, 24:04 IST
Photograph: (THESOOTR)
केंद्र सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी पाबंदियां हटा दीं हैं। पश्चिम एशिया संकट के बाद होटल, ढाबे और उद्योगों को सप्लाई बाधित हुई थी, अब स्थिति सामान्य होगी।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • होटल-ढाबों को मिली राहत, LPG पाबंदी खत्म।
  • मिडिल ईस्ट संकट खत्म, अब बिना रोक मिलेगा सिलेंडर।
  • कमर्शियल LPG पर से हटी पाबंदी, कारोबारियों को सुकून।
  • सूरत से पलायन कराया था संकट ने, अब हालात होंगे सामान्य।
  • 33 करोड़ घरेलू उपभोक्ता बचाए, अब व्यापारियों की बारी।

केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर ( LPG cylinder ) पर लगाए गए सभी क्षेत्रीय प्रतिबंध हटा दिए हैं। मार्च 2026 में पश्चिम एशिया संकट के बाद भारत में एलपीजी आपूर्ति बुरी तरह बाधित हो गई थी।



होटल, रेस्तरां, ढाबे और छोटे उद्योगों को सिलेंडर मिलने बंद हो गए थे। अब आयात और घरेलू उत्पादन दोनों में सुधार के बाद सरकार ने यह पाबंदी उठाई है। थोक एलपीजी की सप्लाई भी संकट से पहले की खपत के 50 प्रतिशत तक बहाल कर दी गई है।



संकट कब और कैसे शुरू हुआ

मार्च 2026 में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया। इसका सीधा असर भारत की एलपीजी आपूर्ति पर पड़ा।



भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है। इसमें से करीब 85 से 90 प्रतिशत पश्चिम एशिया यानी सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से आता है। यह माल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) नामक समुद्री रास्ते से गुजरता है। संकट के दौरान यही रास्ता बाधित हो गया।



आयात में आई भारी गिरावट

संकट से पहले भारत हर महीने लगभग 20 लाख टन एलपीजी का आयात करता था। संकट के सबसे बुरे दौर में यह आंकड़ा घटकर 10 से 12 लाख टन पर आ गया।



नतीजा यह हुआ कि सरकार को कठोर फैसले लेने पड़े। 33 करोड़ से ज्यादा घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए।



होटल, रेस्तरां, कैंटीन और छोटे उद्योगों को सिलेंडर मिलने बंद या बेहद कम हो गए। कई जगह इंडक्शन या डीजल जैसे विकल्प अपनाने पड़े।



सूरत से हुआ था पलायन

कमर्शियल एलपीजी की कमी का असर सिर्फ व्यापारियों तक नहीं रहा। सूरत जैसे कई औद्योगिक शहरों में कारखाने बंद हुए और प्रवासी मजदूरों को पलायन करना पड़ा। यह संकट आम जनजीवन पर कितना भारी पड़ा, इससे समझा जा सकता है।



सरकार ने क्या कदम उठाए

संकट के दौरान सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिफाइनरियों को निर्देश दिया कि वे पेट्रोकेमिकल उत्पादन रोककर पूरी क्षमता एलपीजी बनाने में लगाएं। इससे घरेलू उत्पादन में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई। रोजाना 40 हजार मेट्रिक टन एलपीजी उत्पादन बनाए रखा गया।



अब जब स्थिति सामान्य हो रही है, सरकार ने रिफाइनरियों पर लगी यह अतिरिक्त बाध्यता भी हटा दी है। इससे पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को भी राहत मिलेगी।



अब क्या बदलेगा

कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई पर लगे सभी क्षेत्रीय प्रतिबंध खत्म हो गए हैं। यानी होटल, रेस्तरां, ढाबे, कैंटीन और उद्योग अब पहले की तरह सिलेंडर ले सकेंगे। थोक यानी बल्क एलपीजी की सप्लाई भी संकट से पहले की खपत के 50 प्रतिशत तक बहाल कर दी गई है।



इस फैसले का फायदा आम लोगों को भी मिलेगा। जब होटल और ढाबों को सिलेंडर ठीक से मिलेगा तो खाने-पीने की कीमतों पर दबाव कम होगा। सेवाओं की लागत घटेगी और रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य होगी।



डेटाबेस और पीएनजी पर जोर

सरकार ने ओएमसी (OMC – Oil Marketing Companies) को निर्देश दिया है कि वे सभी कमर्शियल और बल्क एलपीजी उपभोक्ताओं का विस्तृत डेटाबेस तैयार करें। यह कदम भविष्य में किसी संकट की स्थिति में बेहतर योजना बनाने में मदद करेगा।



साथ ही पेट्रोलियम मंत्रालय ने पीएनजी (PNG – Piped Natural Gas) नेटवर्क का विस्तार करने की प्रतिबद्धता जताई है। जो उपभोक्ता पहले से पीएनजी पर हैं वे वहीं बने रहेंगे। जो शिफ्ट होने की प्रक्रिया में हैं उन्हें सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन इकाइयों की मदद से धीरे-धीरे पीएनजी पर लाया जाएगा।



पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने का अनुरोध किया है।



FAQ

  1. कमर्शियल एलपीजी पर पाबंदी क्यों लगाई गई थी?
    मार्च 2026 में पश्चिम एशिया संकट के कारण भारत का एलपीजी आयात लगभग आधा रह गया था। सरकार ने 33 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कमर्शियल सप्लाई पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। आयात सामान्य होने के बाद अब यह पाबंदी हटा दी गई है।
  2. थोक एलपीजी सप्लाई कितनी बहाल हुई है?
    थोक एलपीजी की सप्लाई संकट से पहले की खपत के 50 प्रतिशत तक बहाल की गई है। यह पूर्ण बहाली नहीं है, लेकिन बड़ी राहत है। स्थिति और सुधरने पर आगे और बढ़ाई जा सकती है।
  3. क्या घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर इसका कोई असर पड़ेगा?
    घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने पहले से घरेलू सप्लाई सुरक्षित रखी है। कमर्शियल पाबंदी हटने से बल्कि अप्रत्यक्ष फायदा होगा क्योंकि होटल-ढाबों में खाने की कीमतें कम होंगी।

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