विधानसभा चुनाव में असम से केरल तक एक पैटर्न, कांग्रेस के विजेता उम्मीदवारों में ज्यादातर मुस्लिम

Pawan Modiya | May 05, 2026, 19:37 IST
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2026 विधानसभा चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के जीते उम्मीदवारों में मुस्लिम नेताओं की बड़ी हिस्सेदारी रही। असम में 19 में 18, केरल में UDF से 30, बंगाल में दोनों सीटें मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीतीं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • 2026 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के जीते उम्मीदवारों में मुसलमान नेताओं की संख्या सबसे ज्यादा रही।
  • असम में कांग्रेस की 19 जीती सीटों में से 18 मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीतीं।
  • केरल में UDF (United Democratic Front) गठबंधन से 30 मुस्लिम विधायक जीते।
  • पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की दोनों सीटें मुस्लिम उम्मीदवारों के खाते में गईं।
  • असम और केरल में कांग्रेस गठबंधन के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत दर करीब 80 फीसदी रही।

2026 के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद आंकड़ों का एक दिलचस्प पहलू सामने आया है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के जो उम्मीदवार जीते, उनमें से बड़ी तादाद मुस्लिम नेताओं की है। यह ट्रेंड एक राज्य में नहीं, बल्कि पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग एक जैसा दिखा।



असम: 19 में से 18 सीटें मुस्लिम उम्मीदवारों के नाम

असम में कांग्रेस को कुल 19 सीटें मिलीं। पार्टी ने वहां 20 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 18 जीत गए। गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों में से सिर्फ एक ही जीत सका। यानी कांग्रेस की असम में जीत मुख्य रूप से मुस्लिम उम्मीदवारों के दम पर टिकी रही।



कांग्रेस की सहयोगी पार्टी राइजोर दल को भी 2 सीटें मिलीं। इनमें एक मुस्लिम उम्मीदवार और दूसरी सीट अखिल गोगोई ने जीती। असम में NDA ने 126 में से 102 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का रास्ता साफ किया।



केरल में 35 मुस्लिम विधायक, ज्यादातर UDF से

केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में इस बार कुल 35 मुस्लिम विधायक जीते। इनमें से 30 विधायक UDF यानी कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन से हैं। इन 30 में 8 कांग्रेस के और 22 IUML (Indian Union Muslim League, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) के विधायक हैं।



केरल में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज की। सीपीआई(एम) (Communist Party of India Marxist) के नेतृत्व वाले LDF (Left Democratic Front) को सिर्फ 35 सीटों पर संतोष करना पड़ा। केरल में 10 साल बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है।



पश्चिम बंगाल में 2 और तमिलनाडु 1 की जीत

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को महज दो सीटें मिलीं और दोनों मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीतीं। गौरतलब यह भी है कि बंगाल में कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे, जो TMC (Trinamool Congress, तृणमूल कांग्रेस) के 47 मुस्लिम उम्मीदवारों से ज्यादा है। हालांकि बंगाल में BJP ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया और 15 साल पुरानी TMC सरकार को उखाड़ फेंका। तमिलनाडु में कांग्रेस ने दो मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, जिनमें से एक जीतने में कामयाब रहा।



80 फीसदी जीत दर रही मुस्लिम उम्मीदवारों की

सूत्रों के मुताबिक असम और केरल में कांग्रेस गठबंधन के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत दर करीब 80 फीसदी रही। यह आँकड़ा यह भी बताता है कि मुस्लिम बहुल या मिश्रित सीटों पर कांग्रेस की पकड़ अभी मजबूत है, लेकिन बाकी सीटों पर पार्टी की स्थिति कमजोर दिखी।



केरल में BJP ने भी पांव जमाए

केरल में BJP (Bharatiya Janata Party, भारतीय जनता पार्टी) ने तीन सीटें जीतकर राज्य में अपना खाता खोला। यह पार्टी के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि कई सीटों पर BJP दूसरे स्थान पर रही। तिरुवल्ला में अनूप एंटनी करीब 10 हजार वोटों से हारे। पालक्काड में वरिष्ठ नेता शोभा सुरेंद्रन को UDF के रमेश पिशारोड़ी से करीब 13 हजार वोटों से हार मिली। मलमपुझा, कासरगोड और मंजेश्वर में भी BJP उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे। कुल मिलाकर BJP ने कई क्षेत्रों में वोट प्रतिशत बढ़ाया है, भले सीटें कम आईं।



यह खबर क्यों जरूरी है

भारत का संविधान सभी नागरिकों को धर्म, जाति या समुदाय से निरपेक्ष होकर चुनाव लड़ने और जीतने का अधिकार देता है। यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि यह चुनावी राजनीति में प्रतिनिधित्व के रुझानों को तथ्यात्मक ढंग से सामने रखती है। किसी एक समुदाय के उम्मीदवारों की जीत दर का विश्लेषण भारतीय लोकतंत्र को समझने का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह आंकड़े राजनीतिक दलों की टिकट वितरण नीति और मतदाताओं के झुकाव को भी दर्शाते हैं। सामाजिक और राजनीतिक शोधकर्ताओं, नीति निर्माताओं और आम नागरिकों के लिए यह विश्लेषण भारतीय लोकतंत्र की विविधता और जटिलता को समझने में सहायक है।



3 जरूरी FAQ

प्रश्न 1: 2026 विधानसभा चुनावों में असम में कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवारों का प्रदर्शन कैसा रहा?



उत्तर: असम में कांग्रेस ने कुल 20 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, जिनमें से 18 ने जीत दर्ज की। पार्टी को कुल 19 सीटें मिलीं, जिनमें से 18 मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीतीं। गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों में केवल एक जीत सका। इस तरह असम में कांग्रेस की जीत मुख्य रूप से मुस्लिम उम्मीदवारों पर टिकी रही।



प्रश्न 2: केरल में UDF गठबंधन से कितने मुस्लिम विधायक जीते?



उत्तर: केरल विधानसभा में इस बार कुल 35 मुस्लिम विधायक जीते। इनमें से 30 UDF यानी कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन से हैं। इन 30 में से 8 कांग्रेस के और 22 IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) के विधायक हैं। UDF ने कुल 102 सीटें जीतकर 10 साल बाद केरल में सत्ता वापस हासिल की।



प्रश्न 3: पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने कितने मुस्लिम उम्मीदवार उतारे और क्या नतीजा रहा?



उत्तर: पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, जो TMC के 47 मुस्लिम उम्मीदवारों से ज्यादा हैं। कांग्रेस को बंगाल में कुल दो सीटें मिलीं और दोनों मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीतीं। बंगाल में BJP ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया।



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