दिल्ली एयरपोर्ट पर टला बड़ा हादसा, टेकऑफ से पहले विमान के इंजन में लगी आग, बाल-बाल बचे यात्री

Aman Vaishnav | Apr 26, 2026, 10:16 IST
delhi airport swiss airlines engine fire
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार 26 अप्रैल की देर रात स्विस एयरलाइंस के एयरबस A330 विमान के इंजन में टेकऑफ से पहले आग लग गई। 232 यात्री सुरक्षित निकाले गए। जबकी छह को मामूली चोटें आईं।

News In Short

  • दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर रविवार तड़के बड़ा हादसा होते-होते टला।
  • स्विस एयरलाइंस के A330 विमान के इंजन में टेकऑफ से पहले आग लगी।
  • पायलट ने समय रहते इमरजेंसी ब्रेक लगाए और विमान रोका गया।
  • 232 यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
  • DGCA (Directorate General of Civil Aviation) और स्विस एयरलाइंस ने जांच शुरू कर दी है।

News In Detail

रात को रनवे पर अचानक आई मुसीबत

शनिवार की रात जब दिल्ली सोई हुई थी, तब इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ा खतरा दरवाजे पर आ खड़ा हुआ। रात करीब 1:08 बजे का वक्त था। स्विस एयरलाइंस का एयरबस A330 विमान ज्यूरिख के लिए रनवे पर दौड़ रहा था।



उड़ान भरने से ठीक पहले विमान के एक इंजन ने जवाब दे दिया। इंजन फेल होते ही उसमें से आग लग गई। विमान में 228 यात्री और चार छोटे बच्चे सवार थे।



पायलट ने बचाई 232 जिंदगियां

ऐसे हालात में पायलट की सूझबूझ ही काम आई। खतरे को देखते हुए पायलट ने फौरन इमरजेंसी ब्रेक लगाए। टेकऑफ वहीं रोक दिया गया। यह फैसला बेहद अहम था क्योंकि अगर विमान हवा में उठ जाता तो हालात बेकाबू हो सकते थे।



एयरपोर्ट पर तैनात दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा एजेंसियों ने भी तुरंत कार्रवाई की। कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पाया गया।



इसके बाद सभी यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड के जरिए विमान से बाहर निकाला गया। इस पूरी कार्रवाई में छह यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। गंभीर रूप से कोई घायल नहीं हुआ है।



स्विस एयरलाइंस का बयान

यात्रियों के लिए क्या हुआ इंतजाम?

घटना के बाद प्रभावित यात्रियों को अकेला नहीं छोड़ा गया। एयरलाइन की स्थानीय टीमें मौके पर पहुंचीं और हर यात्री की मदद की। सभी के लिए होटल में ठहरने का इंतजाम किया गया।



अगली फ्लाइट की वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है। यात्रियों को संपर्क कार्ड भी दिए गए ताकि वे एयरलाइन से सीधे बात कर सकें।



जांच की जिम्मेदारी किसके पास?

DGCA यानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने भी घटना की जांच शुरू की है।



दोनों एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इंजन क्यों फेल हुआ और क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हुआ।



यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े एयरपोर्ट पर टेकऑफ से पहले इंजन में खराबी आई हो। इस बार पायलट की तत्परता और एयरपोर्ट टीम की तेज कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को रोक दिया।



यह खबर क्यों जरूरी है?

हवाई यात्रा आज लाखों भारतीयों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है। दिल्ली IGI एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है। ऐसे में वहां हुई इस घटना से यह सवाल उठता है कि क्या विमानों की तकनीकी जांच पर्याप्त रूप से हो रही है।



यह खबर इसलिए भी जरूरी है क्योंकि 232 लोगों की जान एक पायलट के सही फैसले पर टिकी थी। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने का अधिकार हर नागरिक का मूल अधिकार है और उसकी रक्षा हवाई सफर में भी उतनी ही जरूरी है।



DGCA जैसी नियामक संस्था की जिम्मेदारी है कि वह सख्त सुरक्षा मानकों को लागू करे। यह खबर नागरिकों को सचेत करती है और एयरलाइन उद्योग को जवाबदेह बनाती है।



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