मैं ही शिव हूं, मेरे साथ संबंध बनाओ! कई जन्मों तक रानी बनकर रहोगी, दिल्ली के इस आश्रम में आखिर हो क्या रहा है?

Amresh Kushwaha | Oct 08, 2026, 15:10 IST
दिल्ली के आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में धर्म के नाम पर बड़ा खेल।
दिल्ली का विजय विहार आश्रम एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है? इस बार वीरेंद्र देव दीक्षित के बाद अमोल कोंकणे पर लड़कियों से यौन शोषण और ब्रेनवॉश के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि लड़कियों को यह कहकर बहकाया जाता था कि बाबा से शारीरिक संबंध बनाने पर वे अगले 63 जन्मों तक अलग-अलग राजपरिवारों में रानी बनेंगी।
Delhi's Vijay Vihar Ashram has once again become a subject of discussion. This time, following Virendra Dev Dixit, serious allegations of sexual exploitation and brainwashing of girls have been leveled against Amol Konkane.

बता दें कि दिल्ली के विजय विहार में रिठाला मेट्रो स्टेशन से करीब दो किलोमीटर दूर एक पांच मंजिला इमारत खड़ी है। इस इमारत पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है- आध्यात्मिक विश्वविद्यालय (Spiritual University)। इसकी दीवार पर मनुस्मृति का एक प्रसिद्ध श्लोक भी लिखा है, जिसका मतलब है कि जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। लेकिन इस आश्रम के बंद दरवाजों के पीछे की कहानी कुछ और ही बयां करती है।



यहां ऊपर से तो सब कुछ शांत दिखता है, लेकिन अंदर लड़कियों को कैद करके रखने और अध्यात्म के नाम पर उनका शोषण करने के गंभीर आरोप लगे हैं।



लोहे की ग्रिल, बंद दरवाजे और भारी पहरा

इस आश्रम की बनावट किसी जेल जैसी नजर आती है। इमारत की लगभग हर खिड़की पर लोहे की मजबूत ग्रिल लगी है। खिड़कियों के अंदर जाली और टिन की परतें लगाई गई हैं ताकि अंदर की कोई भी चीज या आवाज बाहर न आ सके।



स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार गाड़ियों में मास्क पहने हुए लड़कियों को आते-जाते देखा है। आश्रम के गेट और छत से लगातार हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जाती है। पड़ोसियों का कहना है कि इतनी लड़कियां अंदर रहती हैं, लेकिन कभी किसी की आवाज बाहर नहीं आती और किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं मिलती।



मैं ही शिव हूं: नए भगवान अमोल कोंकणे की एंट्री

आश्रम की शुरुआत करने वाले वीरेंद्र देव दीक्षित पर दिल्ली के आठ अलग-अलग थानों में रेप और लड़कियों को जबरन बंधक बनाने के केस दर्ज थे। वह महिला अनुयाइयों से खुद को राम, कृष्ण और शिव बताता था। साल 2023 में वीरेंद्र देव की मौत हो गई थी।



लेकिन 2023 में वीरेंद्र देव की मौत के बाद भी आश्रम का ढर्रा नहीं बदला। अब वीरेंद्र देव का पुराना वकील अमोल कोंकणे खुद को उसका उत्तराधिकारी बताता है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि अमोल लड़कियों का ब्रेनवॉश (Brainwashing) कर रहा है। वह लड़कियों से कहता है कि उसके अंदर खुद भगवान शिव आते हैं।



पीड़ित परिवारों का दर्द: कैसे बिछाया जाता है जाल?

1. जगदंबा बनाने के नाम पर मांगी बेटी

दिल्ली के रहने वाले एक पीड़ित पिता ने बताया कि वे पहले वीरेंद्र देव को भगवान मानते थे। जब उनकी बड़ी बेटी आश्रम से 15 दिन रहकर लौटी, तो वह चुप रहने लगी। इसके बाद आश्रम से फोन आया कि छोटी बेटी को भी भेज दो, उसे जगदंबा बनाना है। छोटी बेटी को आश्रम भेजने के बाद जब एक एनजीओ (NGO) ने संपर्क किया, तब खुलासा हुआ कि आश्रम में लड़कियों का यौन शोषण किया जाता था।



2. 18 साल की होते ही घर से बुलाया

कोयंबटूर की एक महिला टीचर ने बताया कि उनकी साढ़े 16 साल की बेटी अध्यात्म से जुड़ी थी। अमोल कोंकणे ने उससे बात करना शुरू किया और उसके 18 साल के होते ही उसे दिल्ली बुला लिया था। जाने से पहले लड़की से पुलिस के नाम एक पत्र भी लिखवा लिया गया था कि वह अपनी मर्जी से जा रही है।



लड़कियों से किए जाते हैं ये 3 अजीब वादे

पीड़ित परिवारों के जरिए दिए गए सबूतों और चैट्स के मुताबिक, आश्रम में लड़कियों को फुसलाने के लिए इन बातों का सहारा लिया जाता है:



  • आश्रम में जुड़ने पर बहुत अच्छे लाइफ पार्टनर (Life Partner) मिलेंगे।
  • बाबा से संबंध बनाने पर अगले 63 जन्मों तक अलग-अलग राजपरिवारों में रानी बनने का मौका मिलेगा।
  • जो लड़कियां पूरी तरह समर्पित हो जाती हैं, उनका बाबा के साथ पत्नी जैसा रिश्ता बन जाता है।

कोर्ट और सीबीआई (CBI) की कार्रवाई

साल 2017 में मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा था। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी थी।



  • छापेमारी और बरामदगी: दिल्ली महिला आयोग (DCW) और पुलिस की टीम ने जब आश्रम पर छापा मारा, तो वहां से करीब 200 लड़कियां मिलीं, जिनमें 46 नाबालिग थीं।
  • आपत्तिजनक चीजें: जांच के दौरान आश्रम से कई दवाइयां, इस्तेमाल की हुई सुइयां और आपत्तिजनक पत्र बरामद हुए थे।
  • ताजा स्थिति: अब अमोल कोंकणे के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आश्रम के कामकाज की जांच करके नई स्टेटस रिपोर्ट (Status Report) पेश करने का निर्देश दिया है।
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