भाजपा सांसद डॉ. राधा मोहन दास के सरकारी आवास पर चोरी: सामान के साथ टोंटी-गटर का ढक्कन गायब, पुलिस जांच में जुटी
समझें क्या है पूरा मामला
- फिरोजशाह रोड स्थित कोठी नंबर-18 में चोरी हुई।
- यह वारदात भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के सरकारी आवास पर हुई।
- घटना के समय सांसद और उनका परिवार दिल्ली में नहीं थे।
- चोर एक टैबलेट और कुछ अन्य सामान ले गए।
- इसके अलावा बाथरूम की टोंटियां और बाहर लगा गटर का ढक्कन भी चुरा ले गए।
पुलिस जांच में जुटी है
भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के सरकारी आवास पर चोरी हुई है। घटना के समय वह अपने दिल्ली स्थित आवास पर मौजूद नहीं थे। पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम बाराखंबा रोड थाना पुलिस को चोरी की सूचना मिली थी।
सूचना के बाद रविवार सुबह पुलिस टीम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट जांच शुरू की। शुरुआती जांच में पता चला है कि चोर एक टैबलेट समेत कुछ अन्य सामान ले गए। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हुआ कि चोर ने कुल कितने का नुकसान किया है।
क्या वारदात से पहले रेकी की गई थी?
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट और अन्य सबूत जुटाए हैं। पुलिस अब आसपास लगे कैमरों की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। ताकि पता चल सके कि चोर किस रास्ते से आवास में घुसे थे।
इसके अलावा पता लगाया जा रहा है कि चोरी की वारदात में कितने लोग शामिल थे। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या वारदात से पहले आवास की रेकी की गई थी।
टोंटी और गटर का ढक्कन क्यों उखाड़ा?
बाथरूम की टोंटी और गटर के ढक्कन की चोरी भी जांच के दायरे में है। पुलिस इसके पीछे का मकसद जानना चाहती है। इसके लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया है। जो सरकारी आवासों की निगरानी करता है। बताया जा रहा है कि सांसद का परिवार रविवार शाम या रात तक दिल्ली लौट सकता है। उनके लौटने के बाद घर में मौजूद सामान का मिलान किया जाएगा, तब जाकर चोरी की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
कौन हैं डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल
बता दें डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) हैं। वे आरएसएस बैकग्राउंड से हैं। साल 2002 में उन्होंने गोरखपुर नगर सीट से हिंदू महासभा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने तत्कालीन भाजपा नेता शिव प्रताप शुक्ल को हराया था। बाद में भाजपा में शामिल होने के बाद वे इसी सीट से 2002, 2007, 2012 और 2017 में लगातार चार बार विधायक चुने गए।
साल 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी सीट से चुनाव लड़ने वाले थे। इसलिए उन्होंने अपनी पारंपरिक सीट छोड़ दी। इसके बाद जुलाई 2022 में भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया। फिलहाल वे पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री हैं। वे कई राज्यों में संगठन की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह वारदात दिल्ली के उस इलाके में हुई, जहां सांसदों और बड़ी हस्तियों के आवास हैं। ऐसे इलाके में चोरी होने से आम लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल उठता है। सरकारी आवासों के रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। जांच का नतीजा बताएगा कि चूक कहां हुई है।
FAQs
- इस चोरी की घटना किसके आवास में हुई है?
चोरी की घटना भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के आवास में हुई है। - चोरी की घटना के समय सांसद का परिवार कहाँ था?
चोरी की घटना के समय सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल और उनका परिवार दिल्ली में मौजूद नहीं था। - पुलिस ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ मिलकर मौके से फिंगरप्रिंट और अन्य सबूत जुटाए हैं और आसपास के कैमरों की सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।