दिल्ली हाईकोर्ट में वर्चुअल सुनवाई के दौरान अश्लील वीडियो चलने से हड़कंप

Sandeep Kumar | Apr 29, 2026, 19:24 IST
delhi high court
दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को वर्चुअल सुनवाई के दौरान अश्लील वीडियो चलने से हड़कंप मच गया। यह घटना कोर्ट के स्क्रीन पर हैकिंग के मैसेज और अश्लील वीडियो के साथ सामने आई।

News in short

  • दिल्ली हाईकोर्ट में 29 अप्रैल को वर्चुअल सुनवाई के दौरान अश्लील वीडियो चला।
  • सुनवाई रोक दी गई और कुछ मिनट बाद पुनः शुरू हुई, लेकिन वीडियो फिर से चला।
  • जांच में क्षितिजीत सिंह ने अपने अकाउंट के हैक होने का दावा किया।
  • चीफ जस्टिस ने सुरक्षा उपायों को लेकर प्रशासनिक जांच के आदेश दिए।
  • हाईकोर्ट ने भविष्य में ऐसी घटनाओं के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की घोषणा की।

News in detail

दिल्ली हाईकोर्ट में 29 अप्रैल 2026 को एक गंभीर घटना हुई जब वर्चुअल सुनवाई के दौरान अश्लील वीडियो स्क्रीन पर चलने लगे। यह घटना दोपहर 12:56 बजे के आसपास हुई, जब चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस खरिया की बेंच सुनवाई कर रही थी। घटनास्थल पर 100 से अधिक जनहित याचिकाओं (PIL) पर सुनवाई हो रही थी।



हाईकोर्ट ने सुनवाई रोकी

जैसे ही अश्लील वीडियो चला, फौरन सुनवाई को रोक दिया गया। कुछ मिनट बाद, सुनवाई दोबारा शुरू हुई, लेकिन वीडियो फिर से चला। यह घटना सभी के लिए चौंकाने वाली थी और वर्चुअल सुनवाई के दौरान सुरक्षा की खामियों को उजागर करती है।



हैकिंग का दावा

घटना की जांच के दौरान, क्षितिजीत सिंह ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका अकाउंट अमेरिका से हैक किया गया था। उन्हें अश्लील वीडियो चलने की जानकारी नहीं थी। वीडियो के बाद स्क्रीन पर 'आपका सिस्टम हैक हो गया है' का मैसेज दिखा।



प्रशासनिक जांच के आदेश

चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अदालत की कार्यवाही रिकॉर्ड करना नियमों के खिलाफ है। अगर कोई रिकॉर्डिंग करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।



एडिशनल सॉलिसिटर जनरल की प्रतिक्रिया

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कोर्ट में कहा कि यह चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि पहले भी कई अदालतों की वर्चुअल सुनवाई में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं से अदालत की गरिमा पर असर पड़ता है। इससे कोर्ट के कार्यों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं।



पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं

वर्चुअल सुनवाई के दौरान अश्लील वीडियो चलने की यह पहली घटना नहीं है। कुछ प्रमुख घटनाएं निम्नलिखित हैं:



2025: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (मुंबई) में डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम हैक होने के कारण अदालत के स्क्रीन पर अश्लील वीडियो क्लिप चले थे।



2025: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (कोलकाता) में एक अज्ञात व्यक्ति ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुनवाई के दौरान अश्लील कंटेंट स्क्रीन-शेयर किया।



2024: गुजरात हाईकोर्ट में वीडियो सुनवाई के दौरान एक व्यक्ति के टॉयलेट से जुड़ने जैसी अभद्र घटनाओं के बाद कोर्ट ने कड़े नियम (SOP) लागू किए थे।



2021: इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक वकील द्वारा स्कूटर चलाते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बहस करने को कोर्ट ने अनुशासनहीनता माना।



हाईकोर्ट की नई सुरक्षा व्यवस्था

इस घटना के बाद, दिल्ली हाईकोर्ट ने भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए अधिक सख्त सुरक्षा उपायों की घोषणा की है। कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं कि वर्चुअल सुनवाई में शामिल सभी व्यक्तियों के अकाउंट की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, यदि इस प्रकार की घटनाओं का पुनरावृत्ति होती है, तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।



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