पेट्रोल-डीजल की कीमत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, एक महीने में चौथी बार बढ़े दाम, जानें नई कीमत

Aman Vaishnav | May 25, 2026, 06:58 IST
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दिल्ली में आज 25 मई से पेट्रोल और डीजल के दाम फिर बढ़ गए हैं। इस महीने चौथी बार ईंधन महंगा होने से आम आदमी की जेब पर दबाव बढ़ गया है। एमपी के पांच बड़े शहरों में उज्जैन में तेल सबसे महंगा है। यहां डीजल 100.11 रुपए और पेट्रोल 115.03 रुपए में मिल रहा है।

दिल्ली में आज 25 मई से पेट्रोल और डीजल के दाम एक बार फिर बढ़ गए हैं। अब पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपए और डीजल 95.20 रुपएहो गई है।



इस महीने ये चौथी बार है जब ईंधन महंगा हुआ है।



  • 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपए और डीजल 2.71 रुपए प्रति लीटर बढ़ा था।
  • 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ था।
  • 19 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में औसतन 90 पैसे की बढ़ोतरी की गई थी।
  • 15 मई को कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर का इजाफा हुआ था।

यानी इस महीने लगातार दाम बढ़ रहे हैं। इससे आम आदमी की जेब पर दबाव बढ़ा है।



एमपी में क्या है नई कीमतें?

मध्य प्रदेश में तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। 25 मई 2026 को तेल कंपनियों ने पेट्रोल 2.61 रुपए और डीजल 2.71 रुपए प्रति लीटर महंगा कर दिया है।



भोपाल में अब पेट्रोल की कीमत 114.65 रुपए और डीजल 99.74 रुपए प्रति लीटर हो गई है। एमपी के पांच बड़े शहरों में उज्जैन में तेल सबसे महंगा है। उज्जैन में डीजल 100.11 रुपए और पेट्रोल 115.03 रुपए में मिल रहा है।



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महंगाई पर असर

  • पेट्रोल-डीजल कीमत बढ़ने से आम जनता पर सीधा असर होगा।
  • मालभाड़ा बढ़ेगा:ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ेगा, फल, सब्जी और राशन महंगे होंगे।
  • खेती की लागत बढ़ेगी:ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने में किसानों का खर्च बढ़ेगा।
  • बस-ऑटो का किराया बढ़ सकता है:सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बस में भी महंगाई आएगी।

क्यों हुई बढ़ोतरी?-

इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी है। ईरान और अमेरिका की स्थिति के कारण क्रूड ऑयल का दाम 70 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।



तेल कंपनियां घाटे की भरपाई के लिए कीमतें बढ़ा रही हैं। अगर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक उच्च बनीं, तो रेट और बढ़ सकते हैं।



कीमत कैसे तय होती है?

तेल की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं:

  • कच्चा तेल (Base Price):भारत अपनी जरूरत का करीब 90% क्रूड आयात करता है।
  • रिफाइनिंग और कंपनियों का चार्ज:कच्चे तेल को पेट्रोल-डीजल में बदलने का खर्च और कंपनियों का मार्जिन।
  • केंद्र सरकार का टैक्स:एक्साइज ड्यूटी और रोड सेस जो हर राज्य के लिए समान होती है।
  • डीलर कमीशन:पेट्रोल पंप मालिकों को मिलने वाला निश्चित कमीशन।
  • राज्य VAT:मध्यप्रदेश सरकारका वैट या सेल्स टैक्स, जो हर राज्य में अलग होता है।

राजनीतिक और आर्थिक संदर्भ-

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें मार्च 2024 से स्थिर थीं। चुनाव से पहले सरकार ने ₹2 प्रति लीटर की कटौती कर जनता को राहत दी थी।



सरकारी कंपनियों को हर महीने 30,000 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा था। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अंतरराष्ट्रीय तेल की बढ़ती कीमतों (पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े) के कारण घाटे में थीं।



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