तमिलनाडु देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय की फिर उठी पुरानी मांग, आईआईटी बॉम्बे सुसाइड केस में दर्ज SC-ST एक्ट का किया विरोध

Arohi Raj | Sootr Creatives | Sept 29, 2026, 16:07 IST
तमिलनाडु का देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय खुद को अनुसूचित जाति सूची से बाहर रखने की मांग कर रहा है।
तमिलनाडु का देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय का अनुसूचित जाति (SC)सूची से बाहर रखने की मांग कर रहा है। यह समुदाय राज्य की आबादी का करीब 9% है। नेता अनाथन अय्यासामी ने आईआईटी बॉम्बे सुसाइड केस में दर्ज SC-ST एक्ट का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि समुदाय आईआईटी बॉम्बे केस का समर्थन नहीं करता है।

समझें क्या है पूरा मामला

तमिलनाडु के देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय की आबादी राज्य में करीब 9% है। यह समुदाय दशकों से अनुसूचित जाति (SC) की सूची से बाहर आने की मांग करता रहा है। नेता अनाथन अय्यासामी ने हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट ट्विटर पर दोबारा इस मांग को की है। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के सुसाइड केस से जुड़े SC-ST एक्ट केस का जिक्र किया है।



आईआईटी बॉम्बे केस से क्यों जुड़ा विवाद?

IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की सुसाइड के मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ SC/ST एक्ट (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) के तहत केस दर्ज हुआ है। अय्यासामी ने इसी केस का हवाला देकर अपनी बात रखी है।



अय्यासामी ने क्या दलील दी?

अनाथन अय्यासामी तमिलनाडु के टेंकसी जिले के BJP अध्यक्ष हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैंने हमेशा गरीब छात्रों के लिए काम किया है, जिनमें SC समुदाय के छात्र भी शामिल हैं। मेरे देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय ने इस मामले पर सहमति बना ली है। हम ऐसे केस दर्ज करने का समर्थन नहीं करते हैं।



तमिलनाडु के टेंकसी जिले के बीजेपी अध्यक्ष अनाथन अय्यासामी ने ट्टीट किया।

SC कैटेगरी से बाहर निकालने की मांग

देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय SC कैटेगरी में आता है। लेकिन इससे जुड़े कई लोग खुद को इस सूची से बाहर निकलवाना चाहते हैं। तमिझागा मक्कल मुनेत्र कझगम (TMMK) पार्टी के फाउंडर जॉन पांडियन ने 2024 में भी यही मांग रखी थी।



उन्होंने कहा उन्हें नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण नहीं चाहिए। साथ ही उनके समुदाय के 99% से ज्यादा लोगों को इसकी जरूरत नहीं है। यह मांग नई नहीं है, बल्कि सालों से चली आ रही है। अगस्त 2015 में गृह मंत्री अमित शाह ने भी समुदाय की जाति-व्यवस्था खत्म करने की कोशिशों की तारीफ की थी।



देवेंद्रकुला वेल्लालर क्या हैं ?

इस समुदाय के लोग खुद को भगवान इंद्र का वंशज बताते हैं। ज्यादातर लोग खेती-बाड़ी से जुड़े हैं। रिसर्च के मुताबिक, यह समुदाय पुराने तमिल राजाओं, चेर, चोल, पांड्य और पल्लव के वंशजों से जुड़ा है।



17वीं से 20वीं सदी तक इस समुदाय के लोगों को कृषि दास और बंधुआ मजदूर बनाया गया था। इसी गरीबी को देखते हुए 1957 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कामराज ने इसे SC सूची में शामिल किया था।



SC सूची से बाहर आने की वजह क्या ?

समुदाय का मानना है कि SC सूची में होना अपमानजनक है। 2017 में नेता डॉ. कृष्णासामी ने चेन्नई की एक रैली में कहा था कि SC लिस्ट में शामिल होने से समुदाय पर एक तरह का अपमान लगता है। हम ऐतिहासिक रूप से जमीन के मालिक रहे हैं।



देवेंद्र चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़े थंगाराज ने भी 2015 में यही तर्क दिया था कि युवा आरक्षण की राजनीति से बाहर निकलना चाहते हैं। लेकिन हर कोई इस राय से सहमत नहीं है।




  1. देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय की SC सूची से बाहर आने की मांग का मुख्य कारण क्या है?
    देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय का मानना है कि SC सूची में होना अपमानजनक है, और historically उन्हें भूमि के मालिक के रूप में देखा जाता रहा है।
  2. IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के सुसाइड मामले का इस मांग से क्या संबंध है?
    इस मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है, जिसे अनाथन अय्यासामी ने अपनी मांग के समर्थन में उदाहरण के रूप में引用 किया है।
  3. इस समुदाय के लोग खुद को किस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जोड़ते हैं?
    देवेंद्रकुला वेल्लालर समुदाय के लोग खुद को भगवान इंद्र का वंशज मानते हैं और यह समुदाय प्राचीन तमिल राजाओं के वंशजों से जुड़ा हुआ माना जाता है।
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