4 बच्चे पैदा करें और एक आरएसएस को दें- कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री
News In Short
- कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से चार बच्चे पैदा करने की अपील की है।
- उन्होंने कहा कि एक बच्चे को आरएसएस को समर्पित करें।
- नागपुर में भारत दुर्गा मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में यह बयान सामने आया है।
- इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, CM देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी मौजूद थे।
- यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
News In Detail
महाराष्ट्र के नागपुर में भारत दुर्गा मंदिर का शिलान्यास कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री बतौर वक्ता शामिल हुए। मंच पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत खुद मौजूद थे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी कार्यक्रम में थे।
एक बच्चा आरएसएस को दो
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे चार पैदा करो और उनमें से एक स्वयंसेवक संघ को दो। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बच्चों को धर्म और राष्ट्र सेवा के लिए तैयार किया जाना चाहिए।
यह बयान कार्यक्रम खत्म होते-होते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे देशभक्ति की भावना बताया, तो कुछ ने इसे विवादित करार दिया है।
आरएसएस की तारीफ में क्या कहा?
बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने आरएसएस की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब भी देश में कोई आपदा आती है, आम लोग अपनी जान बचाने भागते हैं। वहीं, आरएसएस का हर कार्यकर्ता भागता नहीं, बल्कि वहां पहुंचकर लोगों की जान बचाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही हम अखंड भारत तक पहुंचेंगे। उनके मुताबिक उन्हें पूरा भरोसा है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यकाल में कुछ बहुत बड़ा होगा।
प्रयागराज में भी दे चुके हैं बड़ा बयान
नागपुर से पहले धीरेंद्र शास्त्री उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कथा कर चुके हैं। वहां उन्होंने कहा था कि मौजूदा समय में सनातन धर्म पर बहुत बड़ा संकट है और सभी सनातनियों को एकजुट होना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा था कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का लक्ष्य बहुत कठिन है। इसके लिए बलिदान की जरूरत होगी। इसके अलावा उन्होंने अपील की थी कि लोग उन उम्मीदवारों और पार्टियों को सबक सिखाएं, जो वंदे मातरम् गाने का विरोध करते हैं।
वंदे मातरम् पर भी ली थी पोजीशन
वंदे मातरम् को लेकर धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट रुख रखा था। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रगीत बंकिम चंद्र चटर्जी ने लिखा है और संविधान सभा ने इसे मंजूरी दी है। यह देश की लोकसभा और सभी विधानसभाओं में गाया जाता है। उनका कहना था कि इसका विरोध करने वालों को जनता जवाब दे।
धीरेंद्र शास्त्री पहले भी कई बार ऐसे बयानों की वजह से सुर्खियों में आ चुके हैं। उनके समर्थक उन्हें हिंदू धर्म का पैरोकार मानते हैं, जबकि आलोचक उनके बयानों को विभाजनकारी बताते हैं।
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