राहुल गांधी की डिजिटल सत्याग्रह में एमपी से 2300 आवाजें, वोट चोरी से ज्यादा गूंजा शिक्षा का सवाल

Sandeep Kumar | Oct 07, 2026, 19:20 IST
राहुल गांधी के डिजिटल सत्याग्रह में मध्य प्रदेश के 53 जिलों से करीब 2300 आवाजें दर्ज हो चुकी हैं।
राहुल गांधी के डिजिटल सत्याग्रह में मध्य प्रदेश के 53 जिलों से करीब 2300 आवाजें दर्ज हो चुकी हैं। इंदौर 210 आवाजों के साथ सबसे आगे है, भोपाल से 154 दर्ज हुईं। शिक्षा पर सबसे ज्यादा 503 लोगों ने बात रखी। कांग्रेस इसे अनसुनी आवाजों का मंच बता रही है। भाजपा ने इसे नेगेटिव पॉलिटिक्स कहा। एमपी में वोट चोरी की शिकायतें भी आई हैं।

शिक्षा के 503 मामले सबसे ऊपर

डिजिटल सत्याग्रह के लिए 13 मुद्दे तय किए गए हैं। इनमें शिक्षा, भ्रष्टाचार, किसान और जातिगत भेदभाव शामिल हैं। मध्य प्रदेश में 503 लोगों ने शिक्षा को मुद्दा बनाया। एजुकेशन सिस्टम के बाद भ्रष्टाचार और किसानों के मुद्दे रहे। एथेनॉल ब्लेंडिंग (पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की नीति) की शिकायतें भी दर्ज हुईं। Vote chori पर भी शिकायतें मिली हैं। शिक्षा सबसे ऊपर रही। तो क्या शिक्षा वोट चोरी से ज्यादा अहम मुद्दा बन गई है? आवाजों की गिनती में शिक्षा आगे जरूर है।



किसानों के मुद्दे पर राजगढ़ और विदिशा आगे

किसानों के मुद्दों पर सबसे ज्यादा आवाजें राजगढ और विदिशा से दर्ज हुईं। जातीय भेदभाव के मुद्दे भी विदिशा से आए।



बालाघाट से स्वास्थ्य सुविधाओं के 13 मामले

स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच के 13 मामले बालाघाट से आए। यह वही जिला है, जहां राहुल गांधी 1 अक्टूबर को पहुंचे थे।



इंदौर और भोपाल में महिला सुरक्षा

इंदौर से सबसे ज्यादा 210 लोगों ने अलग-अलग मुद्दों पर आवाज दर्ज की। भोपाल से 154 आवाजें आईं। दोनों शहरों में शिक्षा के साथ महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार प्रमुख रहे।



मध्य प्रदेश कांग्रेस क्या कह रही है?

MP Congress का कहना है कि सरकार में सुनवाई नहीं हो रही। इसी वजह से लोग इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं।



कांग्रेस बोली, यह अनसुनी आवाजों का मंच

जाट के मुताबिक लॉन्चिंग के 24 घंटे में मुद्दे सामने आने लगे। इनमें महिला सुरक्षा, अत्याचार, शिक्षा तक पहुंच और भ्रष्टाचार शामिल थे। राहुल गांधी ने पिछले एक सप्ताह में आदिवासियों के मुद्दे पर पत्र लिखा। मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी पत्र लिखा गया है।



इसमें 27 प्रतिशत ओबीसी (Other Backward Classes) आरक्षण का मुद्दा उठाया गया। शिक्षकों के मामले में भी पत्र लिखा गया है। मांग है कि अनशन करने वालों पर एफआईआर (First Information Report) न हो। झूठे मुकदमे भी दर्ज न किए जाएं।



भाजपा का पलटवार और सवाल

भाजपा इसे राहुल गांधी की नेगेटिव पॉलिटिक्स का एक और चेहरा बता रही है। पार्टी का सवाल है कि कांग्रेस शासित राज्यों में ऐसा अभियान क्यों नहीं।



केरल, कर्नाटक, तेलंगाना पर भाजपा का सवाल

लोया के मुताबिक जहां राहुल समाधान कर सकते हैं, वहां अभियान नहीं है। लोया ने कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें ही समस्या हैं। उनके मुताबिक मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार समाधान की कोशिश कर रही है।



हाल के दो दौरे, इंदौर और बालाघाट

राहुल गांधी 19 सितंबर 2026 को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पहुंचे। यहां उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक पर बात की। बेरोजगारी का मुद्दा भी उठा। संवाद जेन-जी युवाओं और छात्रों से हुआ।



इसके 12 दिन बाद 1 अक्टूबर 2026 को वे बालाघाट के बिरसा विकासखंड पहुंचे। बैगा आदिवासी बहुल गांवों में वे 30 से ज्यादा बच्चों के परिवारों से मिले। इन बच्चों ने बीते महीनों में जान गंवाई।



मौत कुपोषण, मलेरिया, खसरा (मीजल्स) और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच हुई। अभी यह अभियान जारी है और गिनती बदल सकती है। कांग्रेस इसे सुनवाई का मंच कहती है, भाजपा इसे राजनीति कहती है।



FAQ:

  1. सत्याग्रह में सबसे ज्यादा कौन सा मुद्दा उठा?
    शिक्षा का मुद्दा सबसे ऊपर रहा। मध्य प्रदेश में 503 लोगों ने इसे चुना। इसके बाद भ्रष्टाचार और किसानों के मुद्दे रहे।
  2. राहुल गांधी ने डिजिटल सत्याग्रह कब शुरू किया?
    राहुल गांधी ने 2 अक्टूबर को एक वेबसाइट लॉन्च की। इसमें देशभर के लोग अपने मुद्दे दर्ज कर सकते हैं। अब तक देशभर से 32 हजार से ज्यादा आवाजें दर्ज हुई हैं।
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