डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- होर्मुज अब कभी ब्लॉक नहीं होगा, चीन के लिए रखी ये शर्त
News in Short
- ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्थायी रूप से खोलने का ऐलान किया।
- उनका कहना था कि यह कदम चीन के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद है।
- ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन ने ईरान को हथियार न भेजने की गारंटी दी है।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वैश्विक तेल व्यापार पर गहरा प्रभाव है।
- ट्रंप के बयान पर चीन और ईरान के बढ़ते सैन्य संबंधों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
News in Detail
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्थायी रूप से खोलने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब यह जलडमरूमध्य कभी भी ब्लॉक नहीं होगा और चीन इसके लिए "बहुत खुश" है। ट्रंप का कहना था कि यह फैसला न केवल चीन के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है। उन्होंने यह भी वादा किया कि चीन ने ईरान को हथियार भेजने पर सहमति नहीं दी है, जिससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि होर्मुज भविष्य में कभी अवरुद्ध नहीं होगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जो मिडिल ईस्ट से तेल निर्यात का प्रमुख रास्ता है। इस जलडमरूमध्य का वैश्विक तेल व्यापार पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ईरान और अमेरिका के बीच नाकेबंदी और संघर्ष पहले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर चुके हैं, जिससे प्रमुख देशों के बीच टकराव बढ़ा है।
ट्रंप के बयान पर उठ रहे सवाल
ट्रंप के बयान पर सवाल उठ रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ईरान को एयर डिफेंस सिस्टम दे रहा है। इससे दोनों देशों के रिश्ते में जटिलता बढ़ सकती है। फाइनेंशियल टाइम्स ने बताया कि ईरान चीनी जासूसी उपग्रहों का उपयोग कर रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय ने इन रिपोर्टों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि चीन ईरान को कोई सैन्य समर्थन नहीं दे रहा है।
क्या ट्रंप का दावा सच है?
ट्रंप के बयान में एक शर्त है। वह यह प्रक्रिया तब तक जारी रखेंगे जब तक चीन ईरान को हथियार नहीं भेजने की गारंटी देगा। इसके बावजूद, ट्रंप का यह बयान वैश्विक राजनीति और तेल व्यापार में अहम मोड़ ला सकता है। अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सचमुच खुलता है, तो यह वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए बड़ा कदम होगा। हालांकि, चीन और ईरान के बढ़ते सैन्य संबंध इस पर संदेह पैदा करते हैं।
अमेरिका-ईरान वार्ता फेल होने के बाद मोदी और ट्रंप के बीच 40 मिनट बातचीत
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: 'ईरान ने होर्मुज खोला तो ही शांति संभव, वरना होगा युद्ध