क्या E20 से खराब हो रहा है गाड़ियों का इंजन? SIAM ने दूर किया भ्रम, जानें मामला

Manya Jain | Aug 05, 2026, 17:00 IST
e20 petrol engine damage report siam
देश में E20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है। ऑटो संस्था SIAM की एक रिपोर्ट से भ्रम फैला। हालांकि सरकार और SIAM ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल सुरक्षित है।

समझें क्या है पूरा मामला



  • E20 पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉलमिलाया जाता है।
  • दावा है कि SIAM ने खराब फ्यूल पर चिंता जताई थी।
  • फ्यूल में ज्यादा नमी और क्लोराइड मिलने की बात कही गई।
  • सरकार ने कहा कि पेट्रोल की गुणवत्ता पर सख्त नजर है।
  • SIAM ने बाद में सफाई देकर भ्रम को दूर किया है।

क्या E20 पेट्रोल से सच में खराब हो रहे इंजन?

देश भर में इन दिनों E20 पेट्रोल को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इस पेट्रोल में 20 फीसदी तक इथेनॉल मिलाया जाता है।



हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट से बाजार में भारी हड़कंप मच गया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इससे गाड़ियों के पार्ट्स खराब हो रहे हैं।



बताया गया कि ऑटो संगठन SIAM ने सरकार को पहले ही सतर्क किया था। इस खबर के आते ही वाहन मालिकों की चिंता अचानक काफी बढ़ गई।



SIAM की कथित रिपोर्ट में क्या दावे किए गए थे?

एक मीडिया रिपोर्ट में SIAM के पत्र का हवाला दिया गया था। कहा गया कि फ्यूल में ज्यादा क्लोराइड और नमी पाई गई है।



इस वजह से इंजन और एग्जॉस्ट सिस्टम में जंग लगने की बात कही गई। फ्यूल इंजेक्टर और ईजीआर वाल्व खराब होने का दावा किया गया।



रिपोर्ट के मुताबिक कुछ सैंपल में क्लोराइड की मात्रा काफी अधिक मिली थी। इस दावे के बाद पूरे देश में बहस का माहौल बन गया।



ज्यादा नमी और क्लोराइड से क्या दिक्कत आती है?

इथेनॉल की एक बड़ी खासियत होती है कि वह हवा से नमी सोखता है। अगर पेट्रोल में नमी ज्यादा होगी तो ईंधन अलग परतों में बंट जाएगा।



e20 petrol engine damage report siam


इससे गाड़ी का इंजन चालू होते ही अचानक बंद हो सकता है। वहीं ज्यादा क्लोराइड होने से धातु के पुर्जों में जंग लग जाती है।



इस वजह से वाहन के अंदरूनी पार्ट्स तेजी से घिसने लगते हैं। इसी बात को लेकर SIAM की रिपोर्ट में चिंता जताई गई थी।



पेट्रोलियम मंत्रालय का जवाब दिया?

विवाद बढ़ते ही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अपना बयान जारी किया। सरकार ने कहा कि देश में बिकने वाला पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित है।



ऑयल मार्केटिंग कंपनियां रोजाना फ्यूल की गुणवत्ता की जांच करती हैं। देश भर में 87 हजार पेट्रोल पंपों पर रोज टेस्टिंग होती है।



मंत्रालय ने बताया कि दो हजार सैंपल में से सिर्फ दो में गड़बड़ी मिली। उन दोनों पंपों पर पेट्रोल की बिक्री तुरंत रोक दी गई।



विवाद के बाद SIAM ने क्या दी अपनी सफाई?

मामला तूल पकड़ते ही SIAM ने पूरे मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ कर दी। संगठन ने कहा कि रिपोर्ट के आंकड़ों को अंतिम नहीं मानना चाहिए।



SIAM ने आम गाड़ी मालिकों को बिल्कुल न घबराने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल की निगरानी लगातार तय नियमों से होती है।



इथेनॉल में क्लोराइड की सीमा को पहले ही काफी कम कर दिया गया है। इसलिए अब किसी को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।



पुराने पेट्रोल पंपों के टैंकों की जांच की मांग

रिपोर्ट में पुराने पेट्रोल पंपों के अंडरग्राउंड टैंकों पर सवाल उठाए गए थे। कहा गया था कि पुराने टैंकों में पानी और गंदगी मिल सकती है।



इसी वजह से पेट्रोल में नमी का स्तर सीमा से ज्यादा बढ़ जाता है। SIAM ने सरकार से इन टैंकों का समय-समय पर ऑडिट कराने को कहा।



इससे सप्लाई नेटवर्क की कमियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा। सरकार ने भी इस दिशा में कड़े कदम उठाने का भरोसा दिया है।



राजनीतिक गलियारों में E20 पेट्रोल पर रार

यह मुद्दा केवल तकनीकी बहस तक ही सीमित नहीं रहा। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस पर विरोध जताया था।



उन्होंने E20 पेट्रोल के खिलाफ पीएम हाउस तक मार्च भी निकाला था। कई ट्रांसपोर्ट यूनियन भी इस नए फ्यूल का लगातार विरोध कर रहे हैं।



उनका कहना है कि पुरानी गाड़ियों को इससे नुकसान पहुँच रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि E20 पूरी तरह से सुरक्षित है।



अब आगे क्या करना चाहिए?

अगर आपकी गाड़ी नई है तो E20 पेट्रोल से कोई नुकसान नहीं होगा। नई गाड़ियां इसी फ्यूल को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं।



पुरानी गाड़ी के मालिकों को अधिकृत पेट्रोल पंपों से ही तेल भरवाना चाहिए। विश्वसनीय पंपों पर तेल में मिलावट की संभावना बेहद कम होती है।



अगर गाड़ी चलने में कोई दिक्कत आए तो तुरंत मैकेनिक को दिखाएं। सरकार खुद फ्यूल की क्वालिटी पर सख्त नजर बनाए हुए है।



FAQ

  1. क्या E20 पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों के इंजन सच में खराब हो रहे हैं?
    सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों के संगठन SIAM ने साफ किया है कि पेट्रोल सुरक्षित है। अगर पेट्रोल पंप के अंडरग्राउंड टैंक में पानी या गंदगी न हो, तो E20 से इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है। सरकार देश भर में नियमित जांच कर रही है।
  2. E20 पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा कितनी होती है और इसके क्या फायदे हैं?
    E20 पेट्रोल में 80 फीसदी सामान्य पेट्रोल और 20 फीसदी इथेनॉल मिलाया जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे गाड़ियो से होने वाला प्रदूषण कम होता है। साथ ही भारत को दूसरे देशों से कम कच्चा तेल खरीदना पड़ता है, जिससे देश के पैसे बचते हैं।
  3. अगर पेट्रोल में पानी या नमी ज्यादा हो तो गाड़ी पर क्या असर पड़ता है?
    इथेनॉल हवा से नमी खींचता है। अगर पेट्रोल में नमी तय सीमा से ज्यादा हो जाए तो पेट्रोल और पानी अलग-अलग हो जाते हैं। इससे गाड़ी का फ्यूल पंप और इंजेक्टर खराब हो सकता है और गाड़ी बार-बार बंद होने लगती है। इसी को रोकने के लिए पेट्रोल पंपों पर रोज टेस्टिंग की जाती है।

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