एलन मस्क के इस ऐलान के बाद से बदल जाएगा हवाई सफर
भारत की राजधानी नई दिल्ली से वाशिंगटन की दूरी करीब 12 हजार किलोमीटर से अधिक है। यहां जाने में न्यूनतम 15 घंटे से अधिक का समय लगता है। लेकिन अब अमेरिका जैसे विकसित देश से ऐसी खबर आई है जो आपको चौंका सकती है। अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX ) के सीईओ एलन मस्क ने ऐलान किया वो 'अर्थ टू अर्थ' नाम से एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लेकर आ रहे हैं।
ये प्रोजेक्ट धरती पर शहरों के बीच यात्रा को अविश्वसनीय तरीके से तेज और क्रांतिकारी बना देगा। यदि ये प्रोजेक्ट धरातल पर उतरता है तो फिर लॉस एंजेलेस और टोरंटो के बीच यात्रा का समय केवल 24 मिनट, दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को के बीच की यात्रा केवल 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इसी तरह और लंदन से न्यूयॉर्क की दूरी केवल 29 मिनट में तय की जा सकेगी।
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SpaceX का स्टारशिप रॉकेट
एक बार में 1000 यात्री जा सकेंगे
Stainless Steel से बना यह Starship Rocket 395 फीट लंबा होगा और एक बार में 1000 यात्रियों को ले जा सकता है। मस्क के मुताबिक इसमें सफर के दौरान लोगों को लैंडिंग और टेकऑफ के समय ग्रेविटी यानी गुरुत्वाकर्षण बल का अनुभव होगा। इस स्टारशिप में यात्रा के दौरान यात्रियों को सीट बेल्ट बांध कर रखना होगा क्योंकि जब विमान ऊपर जाएगा तो Gravitational force कम होगा। उन्होंने दावा किया की यह प्रोजेक्ट न केवल समय बचाने वाला होगा, बल्कि इसे उच्च तकनीक के लिए एक बड़ी कामयाबी के रुप में देखा जा रहा है।
मस्क को मिली अमेरिका बड़ी जिम्मेदारी
मस्क के ऐलान को इसलिए गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि हाल ही में अमेरिका क नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने उन्हें अपनी सरकार में अहम जिम्मेदारी दी है। खुद मस्क ने एक सोशल मीडिया यूजर के सवाल के जवाब में कहा है कि ट्रंप प्रशासन के दौरान स्पेसएक्स को अपना स्टारशिप 'अर्थ-टू-अर्थ' उड़ाने के लिए संघीय विमानन प्रशासन से मंजूरी मिल सकती है।
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