टेक महिंद्रा के एशिया हेड परमजीत धनखड़ की गोली मारकर हत्या, धनतेरस की रात मारी 9 गोलियां
पुलिस के मुताबिक, परमजीत को नौ गोलियां लगीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी अपने परिवार के साथ फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
पार्किंग और पालतू कुत्ते को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह घटना फरीदाबाद के सेक्टर-21सी स्थित बिल्डिंग नंबर-641 की है। यहां परमजीत धनखड़ का परिवार पहली मंजिल पर रहता था। वहीं, आरोपी मोनू शर्मा का परिवार तीसरी मंजिल पर रहता है।
दोनों परिवारों के बीच पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा था। इसकी एक वजह पार्किंग और पालतू कुत्ता बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि मोनू शर्मा का बेटा अक्सर पार्किंग क्षेत्र में अपने पालतू कुत्ते को पॉटी कराता था। परमजीत के बेटे सूर्य को इस बात पर आपत्ति थी। उन्होंने कई बार इसका विरोध भी किया था।
इसी बात को लेकर चार-पांच दिन पहले भी दोनों परिवारों के बीच कहासुनी हुई थी। हालांकि, उस समय मामला शांत हो गया था। लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।
सिंगापुर से भांजे की शादी में शामिल होने आए थे परमजीत
पुलिस के मुताबिक, परमजीत धनखड़ काम के सिलसिले में सिंगापुर में रहते थे। वह अक्सर सिंगापुर आते-जाते रहते थे। उनका परिवार फरीदाबाद में ही रहता था।
परमजीत 5 नवंबर को अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए सिंगापुर से भारत लौटे थे। परिवार के मुताबिक, शादी 24 नवंबर को होनी है। घर लौटने के बाद उन्होंने जिम भी जॉइन कर लिया था। वह नियमित रूप से जिम जा रहे थे।
किसी को अंदाजा नहीं था कि घर लौटने के कुछ ही दिनों बाद उनके साथ इतनी बड़ी घटना हो जाएगी।
जिम से लौटे तो पार्किंग में खड़ी थी पड़ोसी की कार
सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रह्लाद के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 8 बजे परमजीत जिम से वापस लौटे थे। वह अपनी बिल्डिंग की पार्किंग में पहुंचे। वहां उनकी तय पार्किंग जगह पर मोनू शर्मा की गाड़ी खड़ी थी।
परमजीत ने मोनू से गाड़ी हटाने के लिए कहा। इसी बात पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। शुरुआत में मामला गाड़ी हटाने को लेकर था। लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया।
पुलिस के अनुसार, मोनू शर्मा अपनी लाइसेंसी पिस्टल लेकर पार्किंग में आया था। बहस बढ़ने पर उसने कथित तौर पर परमजीत पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। आरोपी ने लगातार फायरिंग की।
15 राउंड फायरिंग, परमजीत को लगीं 9 गोलियां
पुलिस की शुरुआती जांच में करीब 15 राउंड फायरिंग की बात सामने आई है। इनमें से नौ गोलियां परमजीत धनखड़ को लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
गोलीबारी के बाद आरोपी मोनू शर्मा अपने परिवार के साथ वहां से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद क्राइम ब्रांच और एफएसएल की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं।
जांच टीम ने मौके से कारतूसों के कई खोल बरामद किए हैं। पुलिस इन सबूतों की जांच कर रही है। घटनास्थल से जुटाए गए सबूतों के आधार पर वारदात की पूरी कड़ी समझने की कोशिश की जा रही है।
आरोपी की तलाश में Police की कई टीमें जुटीं
घटना के बाद पुलिस ने परमजीत के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवाया। वहीं, आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।
सूरजकुंड थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। थाना प्रभारी प्रह्लाद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस पुराने विवादों और फायरिंग की परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि उसे जल्द पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल इस घटना ने पार्किंग विवाद को लेकर हुई हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पुराने विवाद, घटनास्थल से मिले सबूत और आरोपी के फरार होने से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
यह खबर क्यों जरूरी है
पार्किंग जैसे छोटे विवाद में गोली चलने से एक व्यक्ति की जान चली गई। यह घटना बताती है कि छोटी-छोटी बातों पर होने वाले झगड़े कितने खतरनाक हो सकते हैं। इससे लाइसेंसी हथियारों के गलत इस्तेमाल का सवाल भी उठता है। लोगों को ऐसे विवादों को बातचीत से सुलझाने की जरूरत है।