पिता ने बेटे-बहू को मारी गोली, मां के इलाज को लेकर हुआ था विवाद
समझें क्या है पूरा मामला...
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के सीतापुर गांव में एक दर्दनाक घटना हुई।
- रामखेलावन पटेल ने अपनी बंदूक से पिता ने की बेटे की हत्या की। बहू को भी गोली मारी।
- मामले की जड़ में मां की देखभाल और संपत्ति का बंटवारा था।
- गोली लगने के बाद करीब 40 मिनट तक दोनों खून से लथपथ तड़पते रहे।
- अवनीश की अस्पताल में मौत हो गई, बहू मनीषा की हालत गंभीर है।
बीमार मां से शुरू हुआ झगड़ा
दरअसल किसी कारण से रामखेलावन की पत्नी मिथलेश के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। मां की देखभाल और इलाज के खर्च को लेकर घर में कई दिनों से तनाव चल रहा था।
वहीं बुधवार, 24 जून की सुबह पिता-पुत्र में इसी मुद्दे पर बहस हो गई। तभी बहू मनीषा भी वहां आ गई। उसने कहा कि पहले फसल और संपत्ति में हिस्सा दो तब देखभाल होगी।
गुस्से में उठा लाई बंदूक
बहू की यह बात सुनते ही रामखेलावन का आपा खो गया। उसने बहू पर हाथ उठाने की कोशिश की।
बेटे अवनीश ने बचाव में पिता को धक्का दे दिया। यही धक्का रामखेलावन को बर्दाश्त नहीं हुआ। वह कमरे के अंदर गया और बंदूक उठा लाया।
पहली गोली बेटे पर, दूसरी बहू के पेट में
इसी दौरान रामखेलावन ने पहली गोली बेटे अवनीश पर दागी। गोली उसके हाथ और पंजे को चीरती निकल गई। दूसरी गोली उसने बहू मनीषा के पेट में मारी।
गोली लगने के बाद अवनीश जान बचाने के लिए भागा, लेकि थोड़ी ही दूरी पर गिर पड़ा।
40 मिनट: कोई नहीं आया मदद को
दोनों दरवाजे पर खून से लथपथ तड़पते रहे। वहीं रामखेलावन हाथ में बंदूक लिए घूमता रहा।
उसका डर ऐसा था कि पूरे 40 मिनट तक किसी गांव वाले की हिम्मत नहीं हुई कि तड़पते दंपती तक पहुंचे।
जानकारी के अनुसार जब रामखेलावन को लगा कि दोनों अब उठ नहीं सकते तो वह घर के अंदर गया। कपड़े बदले और साइकिल पर बैठकर हरीखेड़ा शराब दुकान की तरफ निकल गया।
वही बंदूक जो थी परिवार की ढाल
इस पूरी घटना की सबसे दर्दनाक बात अलग है। जिस बंदूक ने आज घर उजाड़ा, वह कभी इस परिवार की रक्षक थी।
करीब चार दशक पहले रामखेलावन के घर पर डकैतों ने हमला किया था। उस हमले में उसके पिता की जान गई थी। उसी के बाद जिला प्रशासन ने रामखेलावन को आत्मरक्षा के लिए यह लाइसेंसी बंदूक दी थी।
उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यही हथियार एक दिन अपने ही घर के खून से रंगा होगा।
बेटे की मौत, बहू जिंदगी से लड़ रही
रामखेलावन के फरार होने के बाद ग्रामीणों ने डायल 112 पर सूचना दी। ग्रामीणों का कहना है कि एम्बुलेंस देर से पहुंची। मजबूरन दोनों को निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
हालत गंभीर होने पर दोनों को कानपुर के रीजेंसी अस्पताल रेफर किया गया। ज्यादा खून बहने की वजह से अवनीश को नहीं बचाया जा सका।
बहू मनीषा के पेट से गोली निकाल ली गई है, लेकिन वह अभी भी खतरे से बाहर नहीं है। इस दंपती की एक बच्ची थी, जिसकी पहले ही बीमारी से मौत हो चुकी थी।
पुलिस का एक्शन, बंदूक का लाइसेंस होगा रद्द
घटना की सूचना मिलते ही एसपी अभिमन्यु मांगलिक और सीओ गौरव शर्मा मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल बंदूक बरामद कर ली है। एसपी के मुताबिक आरोपी रामखेलावन साइकिल से फरार हुआ है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई गई हैं। साथ ही उसकी लाइसेंसी बंदूक का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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