दिवाली से पहले महंगाई ने तोड़ी कमर, दाल-मसालों से लेकर टीवी-फ्रिज तक सब कुछ हुआ महंगा
चीनी से लेकर जीरे तक: रसोई का हाल बेहाल
त्योहारी सीजन में महंगाई (Festive Season Inflation) होने और लगातार बदलते दामों ने घर की रसोई का गणित बिगाड़ दिया है।
- चीनी के दाम में अचानक उछाल: लगभग 20 दिन पहले चीनी 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इसके बाद भाव घटकर 50 रुपए पर आ गए थे। वहीं सिर्फ तीन दिनों के अंदर इसमें 8 रुपए प्रति किलो की तेजी आ गई।अब यह 58 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिक रही है।
- मसालों पर कमजोर मानसून की मार: कमजोर मानसून की वजह से खेतों में पैदावार पर बुरा असर पड़ा है। इसके चलते जीरा, धनिया और हल्दी की कीमतें सिर्फ 15 दिनों में 15 फीसदी तक चढ़ गई हैं।
- दाल, चने और चावल भी महंगे: किराना मंडी के थोक कारोबारी विशेश्वर राजदान का कहना है कि मेथी दाना करीब 10 फीसदी महंगा हुआ है। छोले और काले चने के भाव में 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा बीते दो महीनों में चावल के दामों में 25 फीसदी तक का उछाल आ चुका है।
किराना सामान के दाम (Grocery Prices Hike)
सितंबर के मुकाबले अक्टूबर के महीने में किराना और ड्राई फ्रूट्स के भाव (Dry Fruits Market Rates) में भारी अंतर देखने को मिला है।
- बादाम: पहले 900 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, जो अब 1,200 रुपए प्रति किलो हो गया है। यानी सीधे 300 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।
- काजू : 1,000 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 1,100 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है।
- पिस्ता : इसमें सबसे बड़ा उछाल आया है। सितंबर में 1,200 रुपए प्रति किलो बिकने वाला पिस्ता अब 1,800 से 1,900 रुपए प्रति किलो पर बिक रहा है।
- अखरोट गिरी : इसका भाव 1,350 रुपए से बढ़कर 1,500 रुपए प्रति किलो हो चुका है।
- जीरा: 250 रुपए से बढ़कर अब 300 से 350 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।
- धनिया : 230 रुपए से बढ़कर 280 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है।
- हल्दी: 190 रुपए से बढ़कर 250 रुपए प्रति किलो हो गई है।
- चावल: पहले 40 से 100 रुपए प्रति किलो था, जो अब बढ़कर 60 से 120 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।
- अरहर दाल: 130 रुपए से बढ़कर 150 रुपए प्रति किलो हो गई है।
सूखे मेवे महंगे होने से गिफ्ट पैक की लागत बढ़ी
त्योहारों में दोस्तों और रिश्तेदारों को मेवे और मिठाइयों के डिब्बे उपहार में देने का चलन पुराना है। बादाम, काजू, पिस्ता, अखरोट और किशमिश महंगी होने से इन गिफ्ट पैक को तैयार करने का खर्च बहुत बढ़ गया है।
दिल्ली के खारी बावली के थोक कारोबारी जितेंद्र मेहता के मुताबिक, भारत में सूखे मेवों की सप्लाई काफी हद तक अफगानिस्तान, ईरान और अमेरिका से होने वाले आयात पर निर्भर है।
विदेशों में माल की उपलब्धता, फसलों की स्थिति, डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी और बढ़ते ट्रांसपोर्ट खर्च का असर सीधे कीमतों पर पड़ता है। त्योहारों में मांग बढ़ने से लोगों का गिफ्ट खरीदने का बजट भी बिगड़ गया है।
आखिर चीजें इतनी महंगी क्यों हो रही हैं?
खाने-पीने के सामान की कीमतें बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं।
1. सब्जियां और तेल महंगे: प्याज, खाद्य तेल और चावल के दाम बढ़ने से दूसरी चीजों की लागत भी बढ़ गई है।
2. माल रोककर रखने की आशंका: कम पैदावार और आगे कीमतें बढ़ने की उम्मीद में किसान और बड़े कारोबारी माल रोककर रख सकते हैं। इससे बाजार में सामान की कमी हो सकती है।
3. इलेक्ट्रॉनिक्स सामान महंगे: कच्चे माल की कमी, ऊर्जा संकट और ईरान-अमेरिका के बीच तनाव से सामान की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका असर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की कीमतों पर भी पड़ रहा है।
टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन भी हुई महंगी
इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम में बढ़ोतरी (Electronics Price Hike)
त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां बड़े-बड़े डिस्काउंट का प्रचार करती हैं। इस बार खरीदारी से पहले ही कंपनियों ने अपने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं।
कंपनियों ने फ्रिज, टीवी और दूसरे अप्लायंसेज के दाम 8 से 10 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। पिछले साल के मुकाबले ये उत्पाद करीब 10 फीसदी ज्यादा महंगे हैं। ऐसे में ऑफर मिलने के बाद भी खरीदार को अपनी जेब से ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं।
बर्तन खरीदने के लिए भी ढीली करनी होगी जेब
धनतेरस पर नए बर्तन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन स्टील, तांबे और पीतल के बर्तनों की खरीदारी खूब होती है।
जानकारी के अनुसार तांबे और एल्यूमीनियम की कीमतों में 25 से 30 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी हुई है। वहीं स्टेनलेस स्टील के दाम भी 15 फीसदी तक बढ़ चुके हैं। धातुओं के महंगे होने की वजह से बर्तनों के दाम बढ़ गए हैं। इसलिए ग्राहकों को इस बार बर्तन खरीदने के लिए भी ज्यादा पैसे रखने होंगे।
थाली की महंगाई का असर
क्रिसिल इंटेलिजेंस की हालिया रिपोर्ट बताती है कि इस साल सितंबर महीने में शाकाहारी थाली की लागत पिछले साल की तुलना में 10 फीसदी बढ़ गई है। वहीं मांसाहारी थाली की लागत में भी 6 फीसदी का इजाफा हुआ है। ऐसे समय में जब त्योहारों पर घरों में पकवान बनते हैं और मेहमान आते हैं, यह महंगाई हर परिवार के घरेलू खर्च पर भारी पड़ रही है।