कॉकपिट में लड़ रहे थे दो पायलट, 30 सेकंड में 14 हजार फीट नीचे आया प्लेन, तब प्लंबर ने कराई सेफ लैंडिंग

Amresh Kushwaha | Oct 01, 2026, 15:00 IST
प्लंबर ने कराई प्लेन की सेफ लैंडिंग।
फ्लाईदुबई के कॉकपिट में हुई हाथापाई के दौरान प्लेन किसने उड़ाया, यह सवाल अब चर्चा का विषय बन गया है। यह सवाल इसलिए भी उठा है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि जब दोनों पायलट आपस में लड़ रहे थे तो इस दौरान एक प्लंबर ने प्लेन की सेफ लैंडिंग कराई थी।

हाथापाई के दौरान प्लेन किसने उड़ाया

यह सबसे बड़ा सवाल है। जब दोनों पायलट एक-दूसरे से लड़ रहे थे, तब विमान का नियंत्रण किसके पास था, यह सोर्स में साफ नहीं है। सवाल इसलिए भी तेज हुआ क्योंकि ट्रंप ने एक अलग कहानी बताई है।



ट्रंप ने क्या कहा

मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ओमानी मूल का पायलट आतंकवादी हो सकता है। उन्होंने बताया कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात हुई है। मामले की जांच की जा रही है।



ट्रंप के मुताबिक विमान जब नीचे गिर रहा था, तब एक इजराइली प्लंबर कॉकपिट में घुसा। उन्होंने कहा कि प्लंबर को विमान उड़ाने का कोई अनुभव नहीं था। उसने सिर्फ टीवी पर देखकर कुछ चीजें सीख रखी थीं। ट्रंप के अनुसार इसी कारण उसने हाथापाई के दौरान सेफ लैंडिंग कराई।



30 सेकंड में 14 हजार फीट, कितनी तेज थी गिरावट

रिपोर्ट के मुताबिक कॉकपिट की हाथापाई के कारण विमान 30 सेकंड के भीतर करीब 14 हजार फीट नीचे आ गया था। यानी हर सेकंड करीब 467 फीट की गिरावट आई थी।



फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा पर पहले आई रिपोर्ट में कुछ अलग आंकड़े थे। उसके मुताबिक बोइंग 737 MAX 34 हजार फीट से एक मिनट से भी कम समय में करीब 17 हजार फीट पर आ गया। रफ्तार भी 411 नॉट (विमान की गति नापने की इकाई) से बढ़कर करीब 600 नॉट हो गई थी।



एक घंटे तक नहीं संभली ऊंचाई

इसी रिपोर्ट के मुताबिक विमान कुछ सेकंड संभला, फिर दोबारा गिरा। अगले एक घंटे वह स्थिर ऊंचाई नहीं रख सका और 15 हजार फीट के आसपास रहा। इससे संकेत मिलता है कि विमान ऑटोपायलट (अपने आप चलने वाली प्रणाली) पर नहीं, हाथ से चलाया जा रहा था।



फ्लाईदुबई का बयान अलग

फ्लाईदुबई के प्रवक्ता ने बताया कि ओमानी पायलट को काबू करने के बाद रिजर्व में रखे गए दो अन्य पायलट कॉकपिट में गए थे। उन दोनों ने विमान की सेफ लैंडिंग कराई थी।



फ्लाईदुबई के मुताबिक ये दोनों पायलट विमान को दुबई से तेल अवीव लाने के लिए रिजर्व में बैठे थे। कंपनी ने यह नहीं बताया कि ओमानी पायलट ने किस उद्देश्य से कॉकपिट में लड़ाई की।



अब तक दो अलग बयान सामने हैं। एक में प्लंबर, दूसरे में दो रिजर्व पायलट।



कॉकपिट में क्या-क्या हुआ

रिपोर्ट के मुताबिक उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद कॉकपिट में बवाल हो गया था। ओमानी मूल के पायलट ने विमान क्रैश कराने की कोशिश की। इसके लिए उसने सहयोगी पायलट पर हमला किया।



भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने सूझबूझ से कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था। इसके बाद कुछ यात्रियों ने ओमानी मूल के पायलट को कंट्रोल में ले लिया। इसी दौरान एटीसी (हवाई यातायात नियंत्रण) को 7700 और 7500 कोड का इमरजेंसी सिग्नल मिला। 7500 का मतलब विमान हाईजैक की कोशिश होता है।



यह खबर क्यों जरूरी है

यह खबर विमान सुरक्षा और सच की पड़ताल से जुड़ी है। एक ही घटना पर राष्ट्रपति, एयरलाइन और इजराइली प्रधानमंत्री के बयान अलग-अलग तस्वीर दे रहे हैं। इसलिए तथ्यों को परखना जरूरी है। जांच पूरी होने तक किसी दावे को अंतिम सच मान लेना जल्दबाजी होगी।



यात्रियों और एयरलाइन पर भरोसे का सवाल भी इसी से जुड़ा है। कॉकपिट की सुरक्षा और पायलटों की जांच पर आगे बहस तेज हो सकती है। भारतीय पायलट की भूमिका की वजह से भारतीय पाठकों के लिए भी यह मामला अहम है।

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