Food Tourism Trend: अब नजारों के लिए नहीं, स्वाद के लिए घूम रहे Gen Z
Food Tourism Trend: आजकल घूमने-फिरने के तरीकों में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। लोग अब सिर्फ मशहूर टूरिस्ट जगहें या इमारतें देखने के लिए ही सफर नहीं कर रहे। बल्कि उस जगह के असली और ट्रेडिशनल फूड्स का स्वाद लेने के लिए ट्रिप प्लानिंग कर रहे हैं।
साल 2026 की फूड ट्रैवल रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर के 75% ट्रैवलर अब स्वाद के ट्रैवलर बन चुके हैं। इसका मतलब है कि उनकी यात्रा का मेन मकसद किसी जगह के खास व्यंजनों और वहां के स्थानीय जायके को करीब से जानना है। आइए इस ट्रिप प्लानिंग के बारे में थोड़ा डिटेल से जानें....
माइक्रो वेकेशन का चलन
फूड टूरिज्म का यह नया ट्रेंड केवल पेट भरने तक सीमित नहीं है। यह लोगों को उस शहर या देश की संस्कृति, इतिहास और वहां के लोगों के रहन-सहन से सीधे जुड़ने का एक बेहतरीन मौका देता है। सोलोस जैसे ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, अकेले घूमने वाले लोग अब बड़े रेस्टोरेंट्स के बजाय छुपे हुए लोकल फूड जॉइंट्स और कम पहचानी गई जगहों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।
इसके साथ ही, टाइट बजट और व्यस्त दिनचर्या के कारण एक से चार दिनों की माइक्रो वेकेशन का चलन भी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। बैंक ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक, आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) इस शॉर्ट ट्रिप के कांसेप्ट को सबसे ज्यादा अपना रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये जेब पर भारी नहीं पड़ता। इसकी प्लानिंग करना भी बहुत आसान होता है।
75% लोग बने स्वाद के यात्री
दुनियाभर में खान-पान का पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। लोग अब सिर्फ नई जगहें देखने बाहर नहीं जाते। वे वहां का असली और स्थानीय स्वाद चखना चाहते हैं। साल 2026 की फूड ट्रैवल रिपोर्ट में कई बातें सामने आई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 75% यात्री अब स्वाद के यात्री हैं। खाने-पीने की इम्पोर्टेंस 10 में से 8.2 स्कोर पर पहुंच गई। इटली, फ्रांस, जापान और भारत इसमें काफी आगे हैं। इन देशों का इतिहास उनके खान-पान से जुड़ा है।
80% लोग चुन रहे लोकल फूड
लगभग 80% लोग स्थानीय खाने के बेस पर यात्रा चुनते हैं। वे वहां के फेमस डिशेस का स्वाद लेना चाहते हैं। ट्रैवल कंपनी सोलोस ने इस पर बात रखी है। लोग अब कम पहचानी गई जगहें तलाश रहे हैं।
अकेले घूमने वाले यात्री नई जगहें खोज रहे हैं। वे खाने के जरिए वहां की संस्कृति को समझते हैं। कुकिंग क्लास जैसी एक्टिविटीज में लोग हिस्सा लेते हैं। जैसे दक्षिण कोरिया में लोग किमची (Kimchi) बनाना सीख रहे हैं।
नए लोगों से जुड़ने का मौका
कुकिंग क्लास में हिस्सा लेने से नए दोस्त बनते हैं। अकेले घूम रहे यात्रियों को काफी मदद मिलती है। वे अन्य ट्रैवलर्स से आसानी से बात कर पाते हैं। स्वाद के बहाने लोग एक-दूसरे के करीब आते हैं।
खान-पान अब केवल पेट भरने का साधन नहीं रहा। ये लोगों को आपस में जोड़ने का माध्यम बन चुका है। पर्यटन क्षेत्र में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। एजेंसियां भी नए फूड पैकेज तैयार कर रही हैं।
एक से चार दिन की माइक्रोवेकेशन
अगर बजट कम है तो लंबी छुट्टी लेना मुश्किल है। ऐसे में एक से चार दिन की ट्रिप पसंद बन रही है। इसे माइक्रो वेकेशन नाम दिया गया है। बैंक ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट में ये बात सामने आई।
जेनरेशन जी के 21% लोग छोटी ट्रिप चुन रहे हैं। साल 2026 में छोटी ट्रिप लेने वालों की संख्या बढ़ी है। सर्वे में 37% लोगों ने बड़ी वजह बताई। अचानक ट्रैवल प्लान बन जाना इसकी मेन रीजन है।
कम खर्च में घूमने का नया तरीका
इन्वेस्टोपीडिया के मुताबिक, हफ्तेभर की छुट्टी काफी महंगी पड़ती है। इसके मुकाबले माइक्रो वेकेशन में काफी कम खर्च आता है। काम के शेड्यूल में इसे सेट करना आसान होता है। इसकी प्लानिंग भी बहुत इजी होती है।
नौकरीपेशा लोग अब वीकेंड पर निकलना पसंद करते हैं। इससे काम से ब्रेक भी आसानी से मिल जाता है। जेब पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ता है। लोग तनाव दूर करने के लिए इसे चुन रहे हैं।
टूरिज्म मार्केट में आया बड़ा बदलाव
फूड टूरिज्म और माइक्रो वेकेशन ने मार्केट बदल दिया है। होटल और ट्रैवल एजेंसियां नए ऑफर ला रही हैं। स्थानीय दुकानदारों को भी इससे काफी फायदा हो रहा है। लोकल फूड वेंडर्स की कमाई तेजी से बढ़ी है।
आने वाले समय में ये ट्रेंड और बढ़ेगा। लोग कम समय में ज्यादा अनुभव पाना चाहते हैं। स्वाद और छोटी यात्राएं इसका सबसे अच्छा तरीका हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री अब इसी बेस पर आगे बढ़ रही है। travelers
Source Credit:
- Food Travel Report 2026
- Solos Travel Agency Report
- Investopedia Analysis
FAQ
- फूड टूरिज्म 2026 का सबसे बड़ा ट्रेंड क्या है?
साल 2026 की फूड ट्रैवल रिपोर्ट के अनुसार 75% लोग केवल नया और स्थानीय स्वाद चखने के लिए यात्रा कर रहे हैं। इसके अलावा 80% यात्री डेस्टिनेशन चुनने के लिए वहां के लोकल फूड को सबसे ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। - ट्रैवल में माइक्रोवेकेशन क्या होता है और यह क्यों फेमस है?
माइक्रोवेकेशन 1 से 4 दिन की छोटी ट्रिप को कहते हैं। बजट टाइट होने और व्यस्त शेड्यूल के कारण ये तेजी से फेमस हो रहा है। यह पूरी हफ्ते भर की लंबी छुट्टी के मुकाबले काफी सस्ता और प्लान करने में बेहद आसान होता है। - जेनरेशन जी के बीच कौन सा ट्रैवल ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है?
बैंक ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक Gen Z के लगभग 21% लोग अब लंबी छुट्टियों के बजाय छोटी ट्रिप या माइक्रोवेकेशन पर जाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। वे स्थानीय संस्कृति और खान-पान को जानने में रुचि रखते हैं।
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