Frozen Food Trend: इंडियन किचन में क्यों तेजी से बढ़ रहा रेडी टू ईट फूड का क्रेज
Frozen Food Trend: इंडियन किचन में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हमारे खाने की आदतें पूरी तरह बदल रही हैं। अब फ्रोजन फूड सिर्फ किसी पार्टी या इमरजेंसी की जरूरत नहीं रह गया है। यह हमारे लंच और डिनर में शामिल हो चुका है।
बाजार में बर्गर पैटी, नगेट्स, मोमो और कबाब जैसे फ्रोजन प्रोडक्ट्स की मांग बहुत ज्यादा है। लोग इन्हें खूब खरीद रहे हैं। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक ये बाजार हर साल 14.5% से ज्यादा की रफ्तार से बढ़ रहा है। ये एक बड़ा आंकड़ा है।
अगले दस साल में दिखेगा बड़ा उछाल
मार्केट रिसर्च फ्यूचर की रिपोर्ट में एक बड़ा दावा किया गया है। इसके मुताबिक बाजार अभी और बड़ा होगा। अगले 10 साल में देश का फ्रोजन फूड बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगा। इसकी ग्रोथ काफी मजबूत दिखाई दे रही है।
बदलती लाइफस्टाइल और कामकाजी महिलाओं की बढ़ती संख्या इसका सबसे बड़ा कारण मानी जा रही है। लोगों के पास समय की कमी है। इसके साथ ही क्विक कॉमर्स ऐप्स ने इस बदलाव को और ज्यादा तेज कर दिया है। सामान तुरंत घर पहुंच जाता है।
तैयारी के झंझट से बचना चाहते हैं लोग
आजकल लोग घर का बना खाना ही पसंद करते हैं। लेकिन वे उसकी तैयारी में लगने वाले झंझट से बचना चाहते हैं। फ्रोजन फूड कैटेगरी की सालाना ग्रोथ अभी करीब 13% की दर से बढ़ रही है। इसमें तैयार फ्रोजन स्नैक्स शामिल हैं।
मटर और मक्का जैसी पारंपरिक फ्रोजन सब्जियों के मुकाबले स्नैक्स की रफ्तार काफी तेज है। लोग इन्हें सीधे फ्राई करना पसंद करते हैं। नगेट्स, फ्राइज और मोमो जैसे प्रोडक्ट्स इसीलिए सबसे तेजी से बिक रहे हैं। इनमें पकाने का आखिरी काम ग्राहक खुद करता है।
फ्रोजन फूड की बढ़ती पॉपुलैरिटी के कारण
इस बाजार के इतनी तेजी से बढ़ने के पीछे चार ताकतें काम कर रही हैं। इन्हें (Frozen food) समझना बेहद जरूरी है।
- बदली लाइफस्टाइल: बढ़ती आय और व्यस्त दिनचर्या ने रोज के खाने की प्लानिंग बदल दी है। वर्किंग वीमेन के लिए यह काफी मददगार है।
- एयर फ्रायर कल्चर: घरों में रेस्टोरेंट जैसा स्वाद देने वाले एयर फ्रायर आ गए हैं। इसने फ्रोजन स्नैक्स की खपत के नए दरवाजे खोले हैं।
- क्विक कॉमर्स की पहुंच: स्विगी, इंस्टामार्ट, ब्लिंकिट और जेप्टो जैसे प्लेटफॉर्म्स युवाओं तक इन प्रोडक्ट्स को मिनटों में पहुंचा रहे हैं।
- सिर्फ स्नैकिंग से आगे: आईटीसी मास्टरशेफ जैसी कंपनियों का कहना है कि यह अब सिर्फ स्नैक्स नहीं बल्कि मुख्य भोजन बन रहा है।
बड़ी कंपनियों ने बाजार में कसी कमर
बाजार की इस चमक को देखकर बड़ी कंपनियां भी मैदान में उतर चुकी हैं। वे नए-नए प्रयोग कर रही हैं। कंपनियां अब अनियन रिंग्स, पेरी-पेरी प्रॉन्स, फलाफेल कबाब और साबूदाना टिक्की जैसे नए आइटम ला रही हैं। इसके लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है।
मैकेन फूड्स इंडिया अब एयर फ्रायर के लिए खास प्रोडक्ट्स बना रही है। वे आफ्टर-स्कूल स्नैकिंग सेगमेंट पर फोकस कर रहे हैं। एलटी फूड्स यानी दावत कंपनी अब बिरयानी किट और थाई ग्रीन करी राइस किट बेच रही है। डिजिटल चैनल से उनकी ग्रोथ 45% बढ़ी है।
कंपनियों के लिए क्या हैं बड़ी चुनौतियां
फ्रोजन फूड का यह बाजार जितना आकर्षक है, उतना ही इसमें काम करना मुश्किल भी है। यहां मुनाफा कमाना आसान नहीं है। फैक्ट्री से लेकर रिटेल शेल्फ तक बिना रुके कोल्ड चेन बनाए रखना बहुत खर्चीला काम है। इसके लिए भारी निवेश की जरूरत होती है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस सेगमेंट में सफलता डिस्ट्रीब्यूशन की लागत पर निर्भर करेगी। कंपनियों को कम दाम में बेहतर लॉजिस्टिक्स चाहिए। इसके अलावा ग्राहकों को लगातार नए प्रोडक्ट्स देते रहना भी जरूरी है। लोग एक ही तरह के खाने से बहुत जल्द ऊब जाते हैं।
फ्रोजन फूड के फायदे (Pros)
व्यस्त लाइफस्टाइल में समय की बड़ी बचत
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास खाना बनाने का वक्त कम है। ऐसे समय में फ्रोजन स्नैक्स या सब्जियां बहुत काम आती हैं। इन्हें काटने या साफ करने की जरूरत बिल्कुल नहीं पड़ती है। पैकेट खोलकर सीधे फ्राई या बॉइल करके तुरंत सर्व किया जा सकता है। यह कामकाजी लोगों के लिए किचन का काम बेहद आसान बना देता है।
साल भर मिलती हैं सीजनल सब्जियां
कुछ सब्जियां सिर्फ सर्दियों के खास मौसम में ही बाजार में दिखाई देती हैं। लेकिन फ्रोजन टेक्नोलॉजी की वजह से ये चीजें अब साल भर उपलब्ध रहती हैं। आप गर्मियों में भी फ्रोजन मटर या कॉर्न का मजा ले सकते हैं। इससे आपका जब मन करे, आप अपनी पसंदीदा डिश आसानी से बना सकते हैं।
लंबे समय तक सुरक्षित रहने का लाभ
ताजी सब्जियां फ्रिज में रखने के बाद भी दो-तीन दिन में सड़ जाती हैं। इससे पैसों की बर्बादी होती है और खाना भी फेंकना पड़ता है। इसके विपरीत फ्रोजन फूड्स की शेल्फ लाइफ बहुत ज्यादा लंबी होती है। आप इन्हें कई हफ्तों तक डीप फ्रीजर में सुरक्षित स्टोर करके रख सकते हैं।
अचानक आए मेहमानों के लिए झटपट नाश्ता
भारतीय घरों में अचानक मेहमानों का आ जाना एक बहुत ही आम बात है। ऐसे मौकों पर फ्रोजन समोसे, कबाब या फ्रेंच फ्राइज बेहतरीन मददगार बनते हैं। बिना किसी एक्स्ट्रा तैयारी के चंद मिनटों में गरमा-गरम नाश्ता तैयार हो जाता है। यह गृहणियों को मेहमाननवाजी के तनाव से पूरी तरह मुक्त रखता है।
जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल
फ्रोजन पैकेट्स का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे थोड़ा-थोड़ा इस्तेमाल कर सकते हैं। पैकेट से सिर्फ उतनी ही मात्रा निकालें जितनी आपको उस समय जरूरत हो। बाकी बचे हुए हिस्से को वापस फ्रीजर में सुरक्षित लॉक करके रख दें। इससे खाना बिल्कुल भी बेकार नहीं जाता और आपके पैसों की बचत होती है।
फ्रोजन फूड के नुकसान (Cons)
लंबे समय तक रखने के लिए प्रिजर्वेटिव्स
फ्रोजन फूड (फूड डिलीवरी कंपनियां) को महीनों तक ठीक रखने के लिए कृत्रिम प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं। ये प्रिजर्वेटिव्स हमारे पाचन तंत्र और पेट के स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल अच्छे नहीं होते। इनके लगातार सेवन से शरीर में टॉक्सिन्स यानी जहरीले तत्व जमा होने लगते हैं। यह स्वास्थ्य के लिए लंबे समय में काफी ज्यादा नुकसानदेह साबित होता है।
सोडियम की अधिक मात्रा से ब्लड प्रेशर का खतरा
क्विक कॉमर्स मार्केटरेडी-टू-ईट फ्रोजन स्नैक्स (ऑनलाइन फूड डिलीवरी) का स्वाद बढ़ाने के लिए उसमें बहुत ज्यादा नमक मिलाया जाता है। एक्सेसिव सोडियम का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर की गंभीर समस्या हो सकती है। इसके कारण दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा भी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए बीपी के मरीजों को फ्रोजन आइटम्स से बिल्कुल दूर रहना चाहिए।
ताजे भोजन के मुकाबले पोषक तत्वों में भारी कमी
वैज्ञानिकों के मुताबिक किसी भी चीज को अत्यधिक ठंडे तापमान पर रखने से पोषण कम होता है। फ्रोजन करने की प्रक्रिया में सब्जियों के जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स नष्ट हो जाते हैं। भले ही ये सब्जियां दिखने में एकदम ताजी और हरी-भरी लगती हैं। लेकिन शरीर को इनसे वह जरूरी पोषण नहीं मिलता जो ताजे खाने से मिलता है।
ट्रांस फैट के कारण तेजी से बढ़ता है मोटापा
फ्रोजन फूड्स को फ्रेश रखने के लिए अक्सर ट्रांस फैट और हाइड्रोजनेटेड ऑयल का उपयोग होता है। यह खराब फैट हमारे शरीर में जाकर सीधे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा देता है। इसके नियमित सेवन (रेडी टू ईट योजना) से शरीर का वजन बहुत तेजी से बढ़ने लगता है। मोटापा बढ़ने से शरीर कई तरह की अन्य बीमारियों का शिकार हो जाता है।
स्वाद में बदलाव और फूड पॉइजनिंग की संभावना
अगर फ्रोजन फूड को सही तापमान पर डीप फ्रीज न किया जाए, तो वह खराब होने लगता है। बिजली कटने या फ्रीजर बंद होने से पैकेट के अंदर बैक्टीरिया पनप सकते हैं। ऐसा दूषित फ्रोजन फूड खाने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी और पेट दर्द की समस्या हो सकती है। साथ ही ताजे भोजन जैसा असली और प्राकृतिक स्वाद इनमें कभी नहीं आता।
FAQ
- भारत में फ्रोजन फूड बाजार की सालाना ग्रोथ रेट क्या है?
मार्केट रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार भारत में फ्रोजन फूड बाजार की सालाना ग्रोथ रेट (CAGR) 14.5% से भी ज्यादा है। बदलते लाइफस्टाइल के कारण अगले 10 वर्षों में इस बाजार में और भी बड़ा उछाल आने की उम्मीद है। - लोग सब्जियों की तुलना में कौन से फ्रोजन प्रोडक्ट्स अधिक खरीद रहे हैं?
आजकल लोग पारंपरिक फ्रोजन सब्जियों (जैसे मटर और मक्का) के मुकाबले रेडी-टू-फ्राई फ्रोजन स्नैक्स जैसे बर्गर पैटी, फ्रेंच फ्राइज, नगेट्स, कबाब और मोमो सबसे ज्यादा खरीद रहे हैं क्योंकि इनमें तैयारी का झंझट नहीं होता। - क्विक कॉमर्स ऐप्स फ्रोजन फूड मार्केट को कैसे प्रभावित कर रहे हैं?
ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसे क्विक कॉमर्स ऐप्स फ्रोजन फूड की बिक्री को तेजी से बढ़ा रहे हैं। ये प्लेटफॉर्म्स ग्राहकों को मिनटों में कोल्ड-चेन वाले फ्रोजन प्रोडक्ट्स सीधे उनके घर पर डिलीवर कर रहे हैं।
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