अब वीजा और रजिस्ट्रेशन के लिए नहीं जाना होगा दूर, 2027 तक हर राज्य की राजधानी में खुलेगा FRRO
सरकार के मुताबिक, देश में अभी 20 FRRO कार्यालय हैं। मिजोरम की राजधानी आइजोल में पहले विदेशी नागरिक पंजीकरण कार्यालय दफ्तर नहीं था। वहां के विदेशी नागरिकों को रजिस्ट्रेशन के लिए कोलकाता जाना पड़ता था। इस दूरी को कम करने के लिए राज्य सरकार ने मांग की थी। उसने केंद्र से आइजोल में FRRO दफ्तर खोलने की अपील की थी।
किन शहरों में खुल चुके हैं FRRO दफ्तर?
जानकारी के मुताबिक, 2025 से अब तक कुछ नए दफ्तर खुलने की बात कही गई है। जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी में दफ्तर खुलने की जानकारी है। इससे पहले ये इलाके दिल्ली, अमृतसर और कोलकाता के अधीन थे। राजस्थान के लिए जयपुर पंजीकरण कार्यालय भी इसी लिस्ट में है।
जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी में क्या बदला?
जानकारी के मुताबिक, इन शहरों में दफ्तर खुलने से स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी। अब उन्हें रजिस्ट्रेशन के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वीजा से जुड़े काम भी नजदीक हो सकेंगे। राजस्थान में जयपुर पंजीकरण कार्यालय को लेकर भी जानकारी सामने आई है।
आइजोल और अमरावती में भी नए दफ्तर
मिजोरम की राजधानी आइजोल पहले कोलकाता के अधीन थी। वहां के विदेशी नागरिकों को कोलकाता जाना पड़ता था। वहीं, अमरावती का काम हैदराबाद दफ्तर से संभाला जाता था। अब दोनों शहरों में नए दफ्तर शुरू होने की जानकारी है।
विस्तार की वजह क्या है?
खबरों के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर यह विस्तार हो रहा है। भारत में विदेशी नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां लोग घूमने, इलाज और पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसे लोगों को वीजा और रजिस्ट्रेशन से जुड़े काम कराने होते हैं। सरकार चाहती है कि ये सुविधाएं उनके नजदीक मिलें। इससे वीजा बढ़ाने जैसी प्रक्रियाएं भी आसान हो सकती हैं।
पर्यटन, इलाज और पढ़ाई की सुविधा
मेडिकल वीजा पर 180 दिन से ज्यादा रुकने वालों को रजिस्ट्रेशन कराना होता है। उन्हें भारत आने के 14 दिन के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी होती है। पढ़ाई के लिए आने वाले विदेशी छात्र भी नियमों के दायरे में आते हैं। उन्हें भी तय नियमों के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है।
आव्रजन कानून 2025 में क्या प्रावधान हैं?
इमिग्रेशन एक्ट (Immigration Act) 2025 विदेशी नागरिकों से जुड़े नियम तय करता है। यह चार पुराने कानूनों को एक व्यवस्था में लाता है। इसमें विदेशियों के प्रवेश, ठहरने और बाहर जाने के नियम शामिल हैं।
FRRO कार्यालय रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और रेसिडेंट परमिट जारी करते हैं। गृह मंत्रालय ने 1 जून 2026 को रजिस्ट्रेशन नियमों में बदलाव किया। अब विदेशी नागरिकों से जुड़े नियम इसी कानून के तहत लागू होते हैं।
FRRO दफ्तर अभी किस राज्यों में नहीं हैं?
खबरों के मुताबिक, सरकार ने बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों का नाम लिया है। इन राज्यों में अभी दफ्तर नहीं है। राज्य राजधानी में दफ्तर न होने पर जिला पुलिस अधीक्षक पंजीकरण अधिकारी का काम करते हैं।।
एमपी के विदेशी नागरिकों को क्या परेशानी है?
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अलग FRRO दफ्तर नहीं है। यहां के विदेशी नागरिकों को मुंबई FRRO जाना पड़ता है। इससे रजिस्ट्रेशन और दूसरे कामों में परेशानी होती है। अगर भोपाल में FRRO दफ्तर खुलता है, तो लोगों को राहत मिलेगी। उन्हें दूसरे राज्य के शहर तक नहीं जाना पड़ेगा।
FAQs
- FRRO कार्यालय अब तक कहां खोले गए हैं?
सरकार ने जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी में FRRO कार्यालय खोले हैं। इसके अलावा, मिजोरम की राजधानी आइजोल और अमरावती में भी नए दफ्तर खुलने की जानकारी है। - आव्रजन कानून 2025 में विदेशी नागरिकों के पंजीकरण संबंधी क्या नियम हैं?
आव्रजन कानून 2025 के तहत, 180 दिन से अधिक रुकने वाले विदेशी नागरिकों को भारत आने के 14 दिन के भीतर पंजीकरण कराना होता है। यह कानून चार पुराने कानूनों को एक ढांचे में लाता है। - किस राज्यों में FRRO कार्यालय नहीं हैं?
बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में FRRO कार्यालय नहीं हैं। इन राज्यों के विदेशी नागरिकों को पंजीकरण के लिए अन्य शहरों में जाना पड़ता है, जिससे उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ता है।