गंगा नदी में इफ्तार पार्टी: मांसाहारी भोजन, हड्डियां फेंकने पर 14 लोगों के खिलाफ FIR

Jitendra Shrivastava | Mar 17, 2026, 17:33 IST
ganga river iftaar party
VARANASI. गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी और मांसाहारी भोजन का वीडियो वायरल हुआ। 14 लोगों पर FIR दर्ज की गई। धार्मिक भावनाओं को आहत करने का लगाया आरोप।

News In Short

  • नाव पर इफ्तार पार्टी, गंगा में हड्डियां फेंकीं।
  • धार्मिक भावनाओं को भड़काने का आरोप।
  • 14 लोगों पर FIR दर्ज, पुलिस कार्रवाई में जुटी।
  • गंगा की पवित्रता और शुचिता को ठेस पहुंची।
  • प्रशासन ने घाटों पर निगरानी बढ़ाने का ऐलान किया।

News In Short

गंगा नदी में चलती नाव पर आयोजित इफ्तार पार्टी और मांसाहारी भोजन करने का वीडियो वायरल हो गया। आरोप है कि युवकों ने खाने के बाद हड्डियां गंगा की पवित्र धारा में फेंकीं, जिससे धार्मिक भावनाओं को आहत किया गया। पुलिस ने 14 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। काशी के संतों और स्थानीय नागरिकों ने इसकी कड़ी निंदा की है।



गंगा नदी में मांसाहारी इफ्तार पार्टी

मोक्षदायिनी और पवित्र मानी जाने वाली गंगा नदी में एक शर्मनाक घटना हुई है। कुछ युवकों ने वाराणसी के घाटों पर सोमवार शाम एक नाव पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया।



आरोप है कि इस पार्टी में मांसाहारी भोजन परोसा गया और खाने के बाद बची हुई हड्डियां सीधे गंगा में फेंकी गईं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद बढ़ा विवाद खड़ा हो गया।



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वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बड़ी नाव में करीब एक दर्जन से अधिक युवक इफ्तार के लिए बैठे हैं। नाव को बीच गंगा में रोककर वहां भोजन का आयोजन किया गया।



वीडियो में युवक बिरयानी खाते हुए और उसके हड्डियों को बिना किसी संकोच के गंगा में विसर्जित करते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को देखते ही काशी के संतों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया।



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भाजयुमो की शिकायत पर कार्रवाई

इस घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कृत्य का उद्देश्य जानबूझकर धार्मिक भावनाएं भड़काना और गंगा की पवित्रता को अपवित्र करना था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वीडियो की पड़ताल की और साक्ष्यों के आधार पर 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर लिया।



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प्रशासन घाटों पर और बढ़ाएगा गश्त

वाराणसी नगर निगम और प्रशासन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। नगर निगम के पीआरओ ने स्पष्ट किया कि गंगा और उसके घाटों की स्वच्छता और पवित्रता को लेकर कड़े नियम बनाए गए हैं।



सार्वजनिक आस्था के केंद्र में इस तरह की गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। प्रशासन ने घोषणा की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए घाटों पर गश्त और सीसीटीवी निगरानी को और बढ़ाया जाएगा।



काशी के रहवासियों में आक्रोश

वाराणसी, जो काशी विश्वनाथ की नगरी के रूप में जानी जाती है, में इस घटना ने सांप्रदायिक तनाव और बहस को जन्म दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गंगा सिर्फ एक नदी नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और मां का प्रतीक है। काशी के नागरिकों ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए इसे गंगा की शुचिता और सनातन धर्म की मान्यताओं का अपमान बताया है।



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निष्कर्ष

गंगा में इफ्तार पार्टी आयोजित कर मांसाहारी भोजन खाने और उसके हड्डियों को नदी में फेंकने की यह घटना धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।



प्रशासन ने भविष्य में ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का वादा किया है। यह घटना गंगा की पवित्रता और समाज के सांप्रदायिक ताने-बाने के लिए एक गंभीर चेतावनी है।



FAQ

  1. गंगा नदी में इफ्तार पार्टी का आयोजन क्यों विवादित हुआ?
    गंगा नदी में इफ्तार पार्टी का आयोजन विवादित हुआ क्योंकि युवकों ने मांसाहारी भोजन खाया और हड्डियां गंगा में फेंकी, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे विवाद बढ़ा।
  2. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
    पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच के बाद 14 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
  3. गंगा की पवित्रता और शुचिता को लेकर प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
    प्रशासन ने गंगा की पवित्रता को बनाए रखने के लिए घाटों पर गश्त और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की आपत्तिजनक गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।


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