पाकिस्तानी नेटवर्क का खुलासा, लाइव कैमरे से भेजते थे जानकारी, जासूसी के लिए खोली पंचर की दुकान
गाजियाबाद पुलिस ने असल जिंदगी के एक धुरंधर जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। रील लाइफ की तरह ही रीयल लाइफ में भी एक खतरनाक जाल बिछाया गया था। ये सरहद पार पाकिस्तान को भारत की पल-पल की खबरें दे रहा था। जासूसी का यह खेल किसी बॉलीवुड थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है।
पाकिस्तान के लिए जासूसी
जानकारी के अनुसार नौशाद पिछले तीन महीनों से एक पेट्रोल पंप पर पंचर बनाने की दुकान चला रहा था। पुलिस के मुताबिक वह अपनी दुकान की आड़ में जासूसी गतिविधियां चला रहा था।
पाकिस्तान भेजते थे फोटो वीडियो
अब तक इस गिरोह के 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें गिरोह के सरगना सुहेल का नाम भी शामिल है। पुलिस ने नौशाद के अलावा मथुरा की एक महिला और एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें सुहेल ने ही इस गिरोह से जोड़ा था।
जांच में एक चौंकाने खुलासा हुआ है। ये गिरोह रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों के ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर WhatsAppग्रुप के जरिए पाकिस्तान भेजते थे। इसके बदले उन्हें हर फोटो के लिए चार से छह हजार रुपए तक मिलते थे।
रेलवे स्टेशनों पर लगा रखे थे कैमरे
सबसे हैरान करने वाली बात ये सामने आई कि इस गिरोह ने दिल्ली और हरियाणा के कई रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगा रखे थे। जानकारी के अनुसार इन कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग का एक्सेस पाकिस्तान में बैठे लोगों के पास था। वहीं से सीधे इन अहम जगहों की निगरानी कर रहे थे।
50 सोलर कैमरे लगाने की योजना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह गिरोह देशभर में लगभग 50 सोलर कैमरे लगाने की योजना पर काम कर रहा था। कुछ जगहों पर ये कैमरे पहले ही लगा दिए गए थे। दिल्ली और सोनीपत में लगे कैमरों को पुलिस ने बरामद कर लिया है। अब इन कैमरों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नौशाद बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला है। उसे कोलकाता से बुलाकर फरीदाबाद में यह दुकान खोली गई थी। गाजियाबाद पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
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