ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026: भारत फिसला, रूस सबसे पीछे, जानें सारे देशों की रेंकिंग

Pawan Modiya | Jun 24, 2026, 20:49 IST
ग्लोबल पीस रैंकिंग
ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में भारत 115वें से खिसककर 127वें नंबर पर आ गया है। पाकिस्तान और म्यांमार से तनाव और मणिपुर हिंसा को वजह बताया गया है। रूस सबसे नीचे है तो आइसलैंड लगातार 19वीं बार टॉप पर है।

    समझें क्या है पूरा मामला

    • ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में भारत की रैंकिंग गिरकर 127वें नंबर पर आ गई है।
    • पिछले साल भारत 115वें स्थान पर था, यानी 12 पायदान का नुकसान हुआ है।
    • पाकिस्तान और म्यांमार से बढ़ते तनाव को इसकी बड़ी वजह बताया गया है।
    • मणिपुर में जातीय हिंसा का असर भी भारत की रैंकिंग पर पड़ा है।
    • आइसलैंड लगातार 19वें साल दुनिया का सबसे शांत देश बना हुआ है।

    भारत को मिला 127वां स्थान

    इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) ने हाल ही में ग्लोबल पीस इंडेक्स (GPI) 2026 जारी किया है। यह रिपोर्ट दुनिया के 163 देशों की शांति का आकलन करती है। इसमें भारत को 127वां स्थान मिला है। यह इंडेक्स का 20वां संस्करण है। यह दुनिया की 99.7 फीसदी आबादी को कवर करता है।



    भारत की रैंकिंग में यह गिरावट लगातार दूसरे साल देखी गई है। पिछले साल भारत 115वें नंबर पर था। उस वक्त भारत का स्कोर 2.229 था। इस साल भारत का स्कोर 2.409 तक पहुंच गया है। GPI में स्कोर जितना ज्यादा होता है, देश उतना कम शांत माना जाता है। यानी स्कोर बढ़ने का मतलब है शांति में कमी आना। रिपोर्ट के मुताबिक भारत की शांति में करीब 2.9 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है।



    गिरावट के पीछे क्या वजह

    रिपोर्ट में इस गिरावट के पीछे कुछ खास वजहें बताई गई हैं। पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ा है। म्यांमार सीमा पर भी अस्थिरता देखी गई है। मणिपुर में दो समुदायों के बीच हिंसा का असर भी रैंकिंग पर पड़ा है। इन सभी संघर्ष से जुड़े संकेतकों (इंडिकेटर्स) में गिरावट आई है। इसी वजह से भारत की समग्र (ओवरऑल) रैंकिंग नीचे चली गई है।



    आइसलैंड फिर बना नंबर 1

    टॉप रैंकिंग की बात करें तो आइसलैंड एक बार फिर पहले नंबर पर है। आइसलैंड लगातार 19वें साल दुनिया का सबसे शांत देश बना हुआ है। इसके बाद न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, स्लोवेनिया और आयरलैंड का नाम आता है। यह सभी देश छोटी आबादी और स्थिर लोकतंत्र (डेमोक्रेसी) वाले देश माने जाते हैं।



    दुनिया के शांत देश


    कैसे तय होती है रैंकिंग

    GPI तीन बड़े आधार पर देशों को परखता है। पहला आधार है समाज में सुरक्षा का स्तर। दूसरा आधार है देश के भीतर और बाहर चल रहे संघर्ष। तीसरा आधार है देश का सैन्यीकरण यानी मिलिट्राइजेशन। इन तीन आधार के अंदर 23 अलग अलग संकेतक आते हैं। इन्हीं के आधार पर हर देश का अंतिम स्कोर तय होता है।



    साउथ एशिया में किसकी हालत कैसी

    साउथ एशिया में इस साल भारत के पड़ोसी देशों का हाल भी मिला जुला रहा। भूटान साउथ एशिया का सबसे शांत देश बना हुआ है। भूटान को ग्लोबल रैंकिंग में 16वां स्थान मिला है। श्रीलंका ने इस बार बड़ी छलांग लगाई है। श्रीलंका 67वें नंबर पर पहुंच गया है। आर्थिक सुधार और राजनीतिक स्थिरता को इसकी वजह बताया गया है। बांग्लादेश को 117वां स्थान मिला है। नेपाल की हालत सबसे ज्यादा बिगड़ी है। नेपाल पिछले साल के मुकाबले 9.1 फीसदी फिसलकर 111वें नंबर पर आ गया है। पिछले साल सितंबर में हुए जेन-जी प्रदर्शनों को इसकी वजह बताया गया है।



    पाकिस्तान की रैंकिंग में भी बड़ी गिरावट आई है। पाकिस्तान का स्कोर 5.5 फीसदी गिरा है। इससे पाकिस्तान 152वें नंबर पर पहुंच गया है। रिपोर्ट में आतंकवाद और भीतरी संघर्ष को बड़ी वजह बताया गया है। अफगानिस्तान साउथ एशिया का सबसे कम शांत देश बना हुआ है। अफगानिस्तान को 157वां स्थान मिला है।



    भारत के पड़ोसी देश


    रूस सबसे नीचे क्यों

    बड़ी ताकतों की बात करें तो रूस की स्थिति सबसे ज्यादा चर्चा में है। इस बार पहली बार रूस को दुनिया का सबसे कम शांत देश बताया गया है। रूस 163वें यानी आखिरी नंबर पर है। रूस के बाद सूडान, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, यूक्रेन और इजरायल का नाम आता है। यह सभी देश सबसे नीचे की पांच रैंकिंग में शामिल हैं।



    अमेरिका और चीन का हाल

    अमेरिका की रैंकिंग में भी गिरावट देखी गई है। अमेरिका इस बार 134वें नंबर पर खिसक गया है। रिपोर्ट में राजनीतिक अस्थिरता को बड़ी वजह बताया गया है। अमेरिका में राजनीतिक अस्थिरता का स्कोर 38.5 फीसदी तक बिगड़ा है। इसके अलावा हिंसक प्रदर्शनों में भी बढ़ोतरी हुई है।



    चीन की रैंकिंग में भी हैरान करने वाली गिरावट आई है। चीन को इस बार 118वां स्थान मिला है। खास बात यह है कि चीन किसी सशस्त्र संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल नहीं रहा। इसके बावजूद चीन की रैंकिंग में 11 पायदान की गिरावट आई है। इजरायल का मामला भी कुछ ऐसा ही दिखता है। इजरायल का स्कोर इस बार 2.6 फीसदी सुधरा है। लेकिन इजरायल अब भी गाजा में लंबे सैन्य अभियान में शामिल है। ईरान के साथ भी इजरायल का संघर्ष चला था।



    दुनिया भर में शांति घटी

    रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में शांति लगातार बिगड़ रही है। बीते 18 साल में 15वीं बार दुनिया की औसत शांति में गिरावट आई है। दुनिया के 163 देशों में से 99 देशों में शांति का स्तर गिरा है। सिर्फ 62 देशों में सुधार देखा गया है। 2008 के मुकाबले अब 119 देश ऐसे हैं जहां शांति का स्तर पहले से कम है।



    एक्सपर्ट ने उठाए सवाल

    इस रिपोर्ट पर कुछ जानकारों ने सवाल भी उठाए हैं। अर्थशास्त्री प्रोफेसर एस.के. सिंह का कहना है कि भारत जैसे बड़े और विविधता भरे देश को छोटे देशों के बराबर मापना सही तरीका नहीं है। उनके मुताबिक भारत की 127वीं रैंकिंग का मतलब यह नहीं है कि भारत दुनिया का 127वां सबसे असुरक्षित देश है। उनका कहना है कि यह सिर्फ मौजूदा तरीके (मेथडोलॉजी) के आधार पर मिला स्कोर है। प्रोफेसर सिंह के मुताबिक डेढ़ अरब की आबादी वाले लोकतंत्र को कुछ लाख की आबादी वाले देशों के साथ एक तराजू पर तौलना ठीक नहीं है।



    IEP के बारे में जानें

    GPI को इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस यानी IEP तैयार करता है। यह एक स्वतंत्र थिंक टैंक है। इसका मुख्यालय ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में है। इस इंडेक्स को साल 2007 में शुरू किया गया था। तब से हर साल यह रिपोर्ट जारी होती है। डेटा जुटाने में इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट की भी मदद ली जाती है।



    जरूरी FAQ

    ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में भारत की रैंक क्या है?



    ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में भारत को 163 देशों में 127वां स्थान मिला है। पिछले साल भारत 115वें नंबर पर था। इस तरह भारत की रैंकिंग में 12 पायदान की गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह पाकिस्तान और म्यांमार से तनाव और मणिपुर हिंसा बताई गई है। भारत का स्कोर भी 2.229 से बढ़कर 2.409 हो गया है। ज्यादा स्कोर का मतलब है कम शांति।



    ग्लोबल पीस इंडेक्स में सबसे कम शांत देश कौन सा है?



    ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में रूस को दुनिया का सबसे कम शांत देश बताया गया है। रूस 163वें यानी सबसे आखिरी नंबर पर है। इसके बाद सूडान, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, यूक्रेन और इजरायल का नाम आता है। यह पहली बार है जब रूस को सबसे नीचे रखा गया है। इससे पहले यह जगह सीरिया और अफगानिस्तान जैसे देशों के पास रहती थी।



    ग्लोबल पीस इंडेक्स में टॉप पर कौन सा देश है?



    ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में आइसलैंड टॉप पर है। आइसलैंड लगातार 19वें साल दुनिया का सबसे शांत देश बना हुआ है। इसके बाद न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, स्लोवेनिया और आयरलैंड का नाम आता है। इन सभी देशों में कम आबादी, स्थिर लोकतंत्र और कम सैन्य खर्च जैसी बातें समान रूप से पाई जाती हैं।



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