Gold Buying Tips: सोने की शॉपिंग पर ज्वेलर वसूल रहा ज्यादा Tax, तो त्योहारों पर ज्वेलरी खरीदने से पहले समझें टैक्स का पूरा गणित

Kaushiki | Nov 06, 2026, 12:29 IST
ज्वेलरी खरीदते समय रखें टैक्स पर नजर
Gold jewellery buyers should understand how GST is calculated on the total transaction value, including making charges, to avoid confusion over separate tax rates.
Gold Jewellery GST Rules 2026: धनतेरस, दिवाली और शादी के सीजन में सोने-चांदी के गहनों की खरीदारी बढ़ जाती है। लेकिन ज्वेलरी खरीदते समय कई लोगों के मन में GST को लेकर सवाल रहता है। क्या सोने की कीमत पर 3% और मेकिंग चार्ज पर अलग से 5% GST देना पड़ता है? सरकार के एक्सप्लनेशन के मुताबिक, दुकान से तैयार सोने, चांदी या डायमंड की ज्वेलरी खरीदने पर उसकी कुल कीमत पर 3% GST लगता है।

मेकिंग चार्ज अलग लिखा हो या उसी कीमत में शामिल हो, टैक्स की दर नहीं बदलती। आइए समझते हैं कि ज्वेलरी के बिल पर कितना GST देना होता है और 5% GST का नियम किन मामलों में लागू होता है।



ज्वेलरी पर GST को लेकर क्या है सरकार का नियम?

सोने-चांदी के गहने खरीदते समय ग्राहक को कई तरह के चार्ज देने पड़ते हैं। इनमें सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज और GST शामिल होते हैं। अक्सर ग्राहक को लगता है कि सोने की कीमत पर 3% GST लगेगा। वहीं, गहने बनाने की मजदूरी यानी मेकिंग चार्ज पर अलग से 5% टैक्स देना होगा।



लेकिन सरकार के ऑफिसियल क्लैरिफिकेशन के मुताबिक, तैयार ज्वेलरी की बिक्री पर ऐसा नियम लागू नहीं होता। सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स (CBEC) ने अपनी GST सेक्टोरल FAQ सीरीज में इस मामले को साफ किया था।



सरकार के मुताबिक, ग्राहक को बेची जाने वाली तैयार ज्वेलरी की कुल कीमत पर 3% GST लगाया जाता है। इसमें सोने की कीमत के साथ मेकिंग चार्ज भी शामिल होता है। बिल में दोनों रकम अलग-अलग लिखी होने से GST की दर नहीं बदलती।



क्या मेकिंग चार्ज पर अलग से 5% GST देना होगा?

अगर आप ज्वेलरी की दुकान से तैयार सोने की चेन, अंगूठी या हार खरीदते हैं, तो सामान्य बिक्री के नियम अलग हैं। ऐसी खरीदारी में सोने की कीमत और मेकिंग चार्ज को जोड़कर कुल कीमत निकाली जाती है। इसके बाद इस कुल रकम पर 3% GST लगाया जाता है।



उदाहरण के लिए, अगर ज्वेलरी की कीमत में मेकिंग चार्ज शामिल है, तो उसे अलग से 5% GST के दायरे में नहीं रखा जाता। सरकार के FAQ में भी यही बताया गया है कि तैयार ज्वेलरी की कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू पर 3% टैक्स लगेगा। यानी ग्राहक के लिए सबसे जरूरी बात ज्वेलरी की कुल कीमत और उस पर लगने वाला टैक्स समझना है।



1.40 लाख रुपए की गोल्ड चेन पर कितना GST लगेगा?

मान लीजिए आप किसी ज्वेलरी शोरूम से 10 ग्राम की सोने की चेन खरीदते हैं। इस चेन की सोने की कीमत 1 लाख 28 हजार रुपए है। वहीं, मेकिंग चार्ज 12 हजार रुपए रखा गया है। दोनों रकम जोड़ने पर चेन की कुल कीमत एक लाख 40 हजार रुपए हो जाती है। अब सरकार के बताए नियम के अनुसार, इस पूरी कीमत पर 3% GST लगेगा।



सोने की चेन के GST का हिसाब

Itemराशि
सोने की कीमत₹1,28,000
मेकिंग चार्ज₹12,000
GST से पहले कुल कीमत₹1,40,000
GST (3%)₹4,200
अंतिम बिल (Final Amount)₹1,44,200

यह उदाहरण तैयार ज्वेलरी की सामान्य बिक्री का है। इसमें कोई अतिरिक्त शुल्क या छूट नहीं मानी गई है। ग्राहक को कुल 4,200 रुपए GST देना होगा। लेकिन अगर दुकानदार सोने पर 3% और मेकिंग चार्ज पर 5% GST लगाए, तो टैक्स बढ़ जाएगा।



ऐसी गणना में सोने पर 3 हजार 840 रुपए और मेकिंग चार्ज पर 600 रुपए बनेंगे। इस तरह कुल टैक्स 4 हजार 440 रुपए हो जाएगा। यानी ग्राहक को 240 रुपए अतिरिक्त देने पड़ेंगे।



फिर ज्वेलरी के मेकिंग चार्ज पर 5% GST कहां लगता है?

यह सवाल कई ग्राहकों को परेशान करता है। बाजार और इंटरनेट पर अक्सर मेकिंग चार्ज पर 5% GST की जानकारी दिखाई देती है। असल में यह नियम ज्वेलरी बनाने वाले कारोबारी और कारीगर के बीच होने वाले कुछ लेनदेन से जुड़ा है।



इसे Job Work कहा जाता है। मान लीजिए कोई ज्वेलरी कारोबारी कारीगर को सोना देता है। कारीगर उस सोने से गहना बनाकर कारोबारी को वापस करता है।इस काम के बदले कारीगर को मजदूरी या जॉब चार्ज मिलता है।



सरकार के जवाब के मुताबिक, ऐसे पंजीकृत जॉब वर्कर की संबंधित सेवा पर 5% GST लागू होता है। यह टैक्स ज्वेलरी बनाने की सेवा पर लगता है, न कि ग्राहक को बेची गई तैयार ज्वेलरी की कुल कीमत पर अलग से। यही वजह है कि दुकान से तैयार गहना खरीदने वाले ग्राहक को दोनों नियमों में फर्क समझना चाहिए।



क्या ज्वेलरी कारोबारी को GST का फायदा मिलता है?

जब कोई पंजीकृत कारीगर ज्वेलरी कारोबारी के लिए गहने तैयार करता है, तो वह अपनी सेवा पर GST लगाता है। नियमों के मुताबिक, ज्वेलरी कारोबारी इस टैक्स का Input Tax Credit ले सकता है। आसान भाषा में समझें तो कारोबारी पहले चुकाए गए पात्र GST को अपने टैक्स हिसाब में समायोजित कर सकता है।



इससे एक ही कारोबार के अलग-अलग चरणों में लगने वाले टैक्स का हिसाब किया जाता है। कुछ मामलों में Unregistered जॉब वर्कर से काम कराने पर रिवर्स चार्ज के नियम भी लागू हो सकते हैं। हालांकि, ऐसी स्थिति संबंधित नियमों और शर्तों पर निर्भर करती है। ग्राहक के लिए जरूरी बात यह है कि जॉब वर्क और तैयार ज्वेलरी की बिक्री अलग तरह के लेनदेन हैं।



GST 2.0 के बाद क्या सोने पर टैक्स बदल गया?



सितंबर 2025 में GST व्यवस्था में कई बदलाव किए गए थे। इन्हें GST 2.0 के रूप में भी जाना गया। लेकिन सोने और ज्वेलरी की बताई गई 3% GST दर में बदलाव नहीं हुआ। 3 सितंबर 2025 को GST काउंसिल की 56वीं बैठक हुई थी।



जानकारी के मुताबिक, इस बैठक के बाद भी जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर की संबंधित दर 3% रही। इसलिए तैयार ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के लिए कुल कीमत पर 3% GST का नियम बरकरार बताया गया है। Invest India के जेम्स एंड ज्वेलरी FAQ में भी यही क्लैरिफिकेशन दिया गया है।



सोने और चांदी पर 3% GST कब से लागू है?

भारत में GST व्यवस्था 1 जुलाई 2017 को लागू हुई थी। सरकार के FAQ के अनुसार, सोने और चांदी पर 3% GST की व्यवस्था उसी समय से लागू हुई। GST लागू होने से पहले देश में अलग-अलग अप्रत्यक्ष कर लगाए जाते थे। नई व्यवस्था आने के बाद सोने और चांदी के कारोबार में GST के नियम लागू हुए।



बैंकों और अधिकृत एजेंसियों के पास मौजूद संबंधित सोने-चांदी के स्टॉक को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए थे। सरकार के FAQ में बताया गया था कि संबंधित बिक्री पर ग्राहकों से 3% GST लिया जाएगा।



विदेश से आने वाले सोने पर कौन सा टैक्स लगता है?

भारत में विदेशों से सोना और दूसरी कीमती धातुएं भी आयात की जाती हैं। इनके आयात पर कस्टम ड्यूटी और लागू IGST जैसे टैक्स लग सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, संबंधित कीमती धातुओं के Import पर 3% IGST की व्यवस्था बताई गई है।



हालांकि, कस्टम ड्यूटी की दर और आयात की शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं। इसलिए आयात संबंधी टैक्स का हिसाब करते समय आधिकारिक और ताजा दर देखना जरूरी है। दुकान से तैयार गहने खरीदने वाले ग्राहक को आयात और खुदरा बिक्री के टैक्स में फर्क समझना चाहिए।



दो लाख रुपए की ज्वेलरी पर कितना GST लगेगा?

मद (Item)विवरण / राशि
सोने या ज्वेलरी की कीमत₹1,40,000
मेकिंग चार्ज₹0 (उदाहरण में शामिल नहीं)
GST से पहले कुल कीमत₹1,40,000
GST दर3%
GST राशि (3%)₹4,200
GST सहित कुल बिल (Final Amount)₹1,44,200

नोट: यह सामान्य तैयार ज्वेलरी बिक्री का उदाहरण है। इसमें मेकिंग चार्ज, हॉलमार्किंग या अन्य संभावित शुल्क शामिल नहीं हैं।



मान लीजिए आप किसी ज्वेलरी दुकान से दो लाख रुपए की तैयार ज्वेलरी खरीदते हैं।इस कीमत में सोने की रकम और मेकिंग चार्ज दोनों शामिल हैं। ऐसी सामान्य बिक्री पर 3% GST के हिसाब से टैक्स छह हजार रुपए बनेगा। इस तरह कुल बिल दो लाख छह हजार रुपए होगा। नीचे दिए कैलकुलेटर से आप अपने ज्वेलरी बिल का GST समझ सकते हैं।



पुराना सोना देकर नए गहने बनवाने पर क्या होगा?

कई ग्राहक नया सोना खरीदने के बजाय अपना पुराना सोना देकर गहने बनवाते हैं। कुछ लोग टूटी चेन, अंगूठी या दूसरे गहनों की मरम्मत भी करवाते हैं। ऐसे मामलों में लेनदेन की प्रकृति अलग हो सकती है। इसलिए हर मामले में तैयार ज्वेलरी की सामान्य बिक्री वाला नियम सीधे लागू मानना सही नहीं होगा।



अगर आप अपना सोना देकर नया गहना बनवा रहे हैं, तो ज्वेलर से टैक्स का पूरा हिसाब समझें। इसी तरह मरम्मत के बिल में मजदूरी और दूसरी रकम की जानकारी जरूर लें। इससे बाद में किसी अतिरिक्त चार्ज को लेकर परेशानी नहीं होगी।



ज्वेलरी खरीदते समय बिल में क्या चेक करें?

सोने-चांदी के गहने खरीदते समय केवल उनकी कीमत देखकर भुगतान नहीं करना चाहिए। ग्राहक को बिल में लिखे सभी चार्ज समझने चाहिए। खासकर सोने का रेट, वजन, मेकिंग चार्ज और GST अलग-अलग ध्यान से देखें।



तैयार ज्वेलरी की सामान्य बिक्री में कुल कीमत पर 3% GST की गणना जांचें। अगर ज्वेलर मेकिंग चार्ज पर अलग से 5% GST मांगता है, तो उससे इसका कारण पूछें। साथ ही खरीदारी के बाद पक्का बिल जरूर लें। हॉलमार्क वाली गोल्ड ज्वेलरी खरीदते समय उसकी शुद्धता और HUID (Hallmark Unique Identification) की जानकारी भी जांचें।



FAQs:



  1. ज्वेलरी पर GST देने की दर क्या है?
    ज्वेलरी पर GST की दर 3% है, जो सोने की कीमत और मेकिंग चार्ज को जोड़ने पर निर्धारित कुल कीमत पर लागू होती है।
  2. क्या मेकिंग चार्ज पर अलग से 5% GST देना होगा?
    नहीं, यदि मेकिंग चार्ज सोने की कीमत में शामिल है, तो उस पर अलग से 5% GST नहीं लगेगा। तैयार ज्वेलरी की कुल कीमत पर केवल 3% GST लगेगा।
  3. क्या पुराने सोने को देकर नए गहने बनवाने पर भी GST लगेगा?
    हां, यदि आप पुराने सोने को देकर नए गहने बनवाते हैं, तो आपको ज्वेलर से GST का पूरा हिसाब समझना चाहिए, क्योंकि इस प्रकार के लेनदेन के लिए नियम अलग हो सकते हैं।
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