Gold Silver Price Crash: धनतेरस पर सोना 3106 और चांदी 5437 रुपए सस्ती, वर्ल्ड बैंक बोला- अभी और गिरेंगे दाम
इस बीच वर्ल्ड बैंक ने भी आने वाले दो साल में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का अनुमान जताया है।
सोना 1.41 लाख और चांदी 1.81 लाख रुपए पर पहुंची
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 24 कैरेट सोना 3106 रुपए सस्ता होकर 1 लाख 41 हजार 23 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इससे एक दिन पहले इसकी कीमत करीब 1 लाख 44 हजार रुपए थी।
वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 5437 रुपए घटकर करीब 1 लाख 81 हजार रुपए रह गई है। पिछले दिन इसका भाव लगभग 1 लाख 87 हजार रुपए था।
कैरेट के अनुसार सोने के ताजा भाव
| सोने की शुद्धता | कीमत (10 ग्राम) |
|---|---|
| 24 कैरेट | 1 लाख 41 हजार 23 रुपए |
| 22 कैरेट | 1 लाख 29 हजार177 रुपए |
| 18 कैरेट | 1 लाख 5 हजार 767 रुपए |
| 14 कैरेट | 82 हजार 498 रुपए |
दिल्ली, मुंबई और भोपाल समेत बड़े शहरों में सोने के भाव
6 नवंबर 2026 को देश के अलग-अलग शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत इस प्रकार रही।
| शहर | कीमत (10 ग्राम) |
|---|---|
| दिल्ली | 1 लाख 43 हजार 610 रुपए |
| मुंबई | 1 लाख 43 हजार 460 रुपए |
| कोलकाता | 1 लाख 43 हजार 460 रुपए |
| चेन्नई | 1 लाख 43 हजार 350 रुपए |
| जयपुर | 1 लाख 43 हजार610 रुपए |
| भोपाल | 1 लाख 43 हजार 510 रुपए |
| पटना | 1 लाख 43 हजार 510 रुपए |
| लखनऊ | 1 लाख 43 हजार 610 रुपए |
| रायपुर | 1 लाख 43 हजार 460 रुपए |
| अहमदाबाद | 1 लाख 43 हजार 510 रुपए |
स्रोत: Goodreturns, 6 नवंबर 2026
इस साल सोना 8 हजार महंगा, चांदी 49 हजार सस्ती
साल 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1 लाख 33 हजार रुपए थी, जो अब बढ़कर 1 लाख 41 हजार रुपए हो गई है। यानी इस साल सोना लगभग आठ हजार रुपए महंगा हुआ है।
दूसरी ओर, चांदी की कीमत (chandi rate today) 2 लाख 30 हजार रुपए प्रति किलो से घटकर 1 लाख 81 हजार रुपए रह गई है। इस हिसाब से चांदी करीब 49 हजार रुपए सस्ती हुई है।
इस साल 29 जनवरी को सोने ने 1 लाख 76 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3 लाख 86 हजार रुपए प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था।
MCX और ग्लोबल मार्केट में भी गिरावट
भारतीय बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला।
ग्लोबल मार्केट के कॉमेक्स (COMEX) पर सोना 1.44% गिरकर 4054 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। इसमें 59 डॉलर से ज्यादा की गिरावट आई। वहीं, चांदी 1.74% फिसलकर 52 डॉलर प्रति औंस से नीचे पहुंच गई।
भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 2356 रुपए यानी 1.65% गिरकर 1 लाख 41 हजार 739 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी 3424 रुपए यानी 1.83% सस्ती होकर 1 लाख 83 हजार 716 रुपए प्रति किलो रह गई।
वर्ल्ड बैंक ने बताया 2028 तक कितना रहेगा सोने का भाव
वर्ल्ड बैंक ने अपनी Commodity Markets Outlook रिपोर्ट में आने वाले वर्षों में सोने और चांदी की कीमतों को लेकर अनुमान जारी किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में सोने की औसत कीमत 4600 डॉलर प्रति औंस रह सकती है। यह 2025 के मुकाबले 33.6% ज्यादा है।
हालांकि, 2027 में सोने का औसत भाव 7.6% घटकर 4250 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान है। इसके बाद 2028 में कीमत 5.9% और गिरकर 4000 डॉलर प्रति औंस तक आ सकती है।
यानी वर्ल्ड बैंक के अनुमान के मुताबिक, अगले दो साल में सोने की कीमतों में नरमी आ सकती है, लेकिन इसके दाम ऐतिहासिक रूप से ऊंचे बने रहने की संभावना है।
चांदी में और बड़ी गिरावट की आशंका
वर्ल्ड बैंक ने चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा गिरावट का अनुमान जताया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में चांदी का औसत भाव 70 डॉलर प्रति औंस रह सकता है। यह सालाना आधार पर करीब 76% की बढ़ोतरी होगी।
इसके बाद 2027 में कीमत 11% से ज्यादा घटकर 62 डॉलर प्रति औंस और 2028 में 58 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
इसका मतलब है कि आने वाले समय में चांदी के निवेशकों को कीमतों में बड़े उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
सोने और चांदी के दाम क्यों गिर रहे हैं?
कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के पीछे कई आर्थिक कारण बताए गए हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी, डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोने-चांदी पर दबाव पड़ा है।
इन कारणों से तीसरी तिमाही में सोने की कीमत करीब 5% और चांदी की कीमत 14% तक गिर गई थी।
इसके अलावा, सोने के ऊंचे दामों के कारण गहनों की मांग भी कमजोर हुई है। आगे भी मांग में नरमी रहने की आशंका जताई गई है।
किन कारणों से कीमतों को मिल सकता है सहारा?
गिरावट की आशंका के बावजूद सोने और चांदी की मांग को कुछ कारणों से समर्थन मिल सकता है।
दुनिया में बढ़ते तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के समय निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं। इसके अलावा, कई देशों के केंद्रीय बैंक भी सोने की खरीदारी कर रहे हैं।
2026 की पहली छमाही में निवेश की मांग वैश्विक सोने की कुल मांग के लगभग आधे हिस्से के बराबर थी।
वहीं, चांदी की मांग इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर और ऑटोमोबाइल सेक्टर से बनी रहने की उम्मीद है। हालांकि, सोलर पैनल बनाने वाली कंपनियां चांदी की जगह तांबे का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं, जिससे इसकी मांग प्रभावित हो सकती है।
वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, कीमतों में संभावित गिरावट के बाद भी सोने और चांदी के भाव 2015 से 2019 के औसत स्तर के मुकाबले तीन गुना से ज्यादा बने रह सकते हैं।
अलग-अलग शहरों में सोने की कीमत अलग क्यों होती है?
देश के सभी शहरों में सोने के भाव एक जैसे नहीं होते। इसके पीछे परिवहन और सुरक्षा पर होने वाला खर्च, स्थानीय मांग और सप्लाई, ज्वेलरी एसोसिएशन के रेट और दुकानदारों के पुराने स्टॉक की खरीद कीमत जैसे कारण होते हैं।
दक्षिण भारत में सोने की खपत करीब 40% होने के कारण ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में खरीदारी करते हैं। हालांकि, बड़ी खरीद पर मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों तक सीमित मात्रा में ही पहुंचता है।
सोना-चांदी खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें
सोने के गहने खरीदते समय BIS हॉलमार्क जरूर देखें। इससे सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है। साथ ही, सोने का वजन और उस दिन का भाव IBJA जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से जरूर मिलाएं।
चांदी की पहचान के लिए कुछ घरेलू तरीके भी इस्तेमाल किए जाते हैं। असली चांदी आमतौर पर चुंबक से नहीं चिपकती और उस पर बर्फ तेजी से पिघलती है। उसमें तेज गंध भी नहीं होती। सफेद कपड़े से रगड़ने पर कभी-कभी काला निशान आ सकता है। हालांकि, ये तरीके शुद्धता की पक्की गारंटी नहीं हैं। सही जांच के लिए प्रमाणित ज्वेलर या लैब की मदद लेना बेहतर है।
आगे क्या रहेगा सोना-चांदी का रुख?
वर्ल्ड बैंक के Gold-Silver Outlook से संकेत मिलता है कि 2027 और 2028 में दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट आ सकती है। खासकर चांदी में ज्यादा नरमी रहने का अनुमान है।
हालांकि, वैश्विक तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और औद्योगिक मांग के कारण कीमतों को सहारा मिल सकता है। ऐसे में सोने-चांदी में निवेश करने वालों के लिए बाजार के उतार-चढ़ाव और ताजा कीमतों पर नजर रखना जरूरी होगा।