देश में नहीं लगेगा लॉकडाउन, केंद्र सरकार ने अफवाहों पर लगाया पूर्ण विराम
News In Short
- केंद्र सरकार ने शुक्रवार 27 मार्च को स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया संकट की वजह से देश में कोई लॉकडाउन नहीं लगेगा।
- राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल कमेटी गठित की गई है, जिसमें अमित शाह और निर्मला सीतारमण शामिल हैं।
- पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ईंधन की कमी की खबरों को बेबुनियाद बताते हुए पैनिक न होने की सलाह दी है।
- प्रधानमंत्री आज शाम सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर मौजूदा वैश्विक स्थिति पर चर्चा करेंगे।
- सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2020 जैसी स्थिति नहीं है और पूरी स्थिति की टॉप लेवल पर मॉनिटरिंग हो रही है।
News In Detail
केंद्र सरकार ने शुक्रवार (27 मार्च 2026) को देश में लॉकडाउन लगने की सभी संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार के तीन सीनियर मिनिस्टर्स निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू और हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण देश में लॉकडाउन की खबरें महज अफवाहें हैं। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी तरह के भ्रम का शिकार न हों।
मंत्रियों ने अफवाहों पर लगाया विराम
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद हर गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने जमाखोरों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य सरकारें किसी भी तरह की कालाबाजारी पर लगाम कसें।
वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी नेताओं के बयानों पर हैरानी जताते हुए भरोसा दिलाया कि कोविड जैसा कोई लॉकडाउन नहीं लगेगा और ईंधन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने क्या कहा
पीएम के बयान से शुरू हुई थी चर्चा
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब चार दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में युद्ध के दूरगामी प्रभावों का जिक्र किया था। पीएम ने कहा था कि दुनिया के कठिन हालात लंबे समय तक असर डाल सकते हैं और हमें कोरोना काल की तरह ही एकजुट रहना होगा।
आज शाम प्रधानमंत्री सभी मुख्यमंत्रियों के साथ इस मुद्दे पर संवाद भी करने वाले हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे लेकर साफ कहा कि अफवाह फैलाना और डर का माहौल बनाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है।
पीएम मोदी ने 24 मार्च को संसद में क्या कहा था
हाई-लेवल कमेटी का गठन
पश्चिम एशिया के संघर्ष और उससे पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। इस कमेटी में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी जैसे दिग्गज शामिल हैं। यह टीम ऊर्जा संकट, रसद और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले हर प्रभाव का बारीकी से एनालिलिस करेगी।
विपक्ष के हमले और वैश्विक चेतावनी
दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस ने इस स्थिति पर सरकार को घेरा है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने कोविड काल की दुखद यादों का जिक्र करते हुए सरकार की तैयारी पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, वैश्विक स्तर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी चेतावनी दी थी कि इस युद्ध के परिणाम कोविड महामारी जितने गंभीर हो सकते हैं, जिसका सटीक अनुमान लगाना फिलहाल मुश्किल है।
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